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रोहिणी कोर्ट कैंपस में हत्यारोपी की हत्या

New Delhi Updated Thu, 21 Feb 2013 05:30 AM IST
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पंचकुला के ध्यानार्थ...हरियाणा (सोनीपत) के लिए खास...
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नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट परिसर में बुधवार को पेशी के लिए आए एक हत्यारोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोलीबारी में उसके साथ मौजूदसिपाही मामूली रूप से जख्मी हो गया। मृतक नवीन (25 वर्ष) पर हत्या का मामला चल रहा था। मौके पर ही गोली चलाने वाले को दबोच लिया गया। जानकारी के मुताबिक, नवीन पर उसके विरोधी गैंग ने हमला करवाया। दोनों गुटों के बीच काफी समय से गैंगवार चल रही है। विरोधी गैंग का सरगना अश्वनी भी नवीन के रिश्तेदार की हत्या के आरोप में जेल में बंद है।
जानकारी केमुताबिक, रोहिणी कोर्ट में बुधवार सुबह हत्यारोपी नरेला के पाना पपोसिया निवासी नवीन के मामले की सुनवाई थी। तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मी उसे सहयोगी अजेंद्र के साथ लॉकअप से निकालकर अदालत में पेश करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक युवक ने उस पर गोली चला दी। गोली नवीन के पैर में लगी और वह नीचे गिर गया। उसके बाद हमलावर ने दूसरी गोली उसके सीने में मारी। नवीन के साथ चल रहे सिपाही अनुराग के टखने को छूती हुई एक गोली निकली, जिसकी वजह से वह भी जख्मी हुआ है।

गोली की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और भाग रहे बदमाश को दबोच लिया। उसके पास से दोदेशी कट्टे मिले हैं। नवीन और घायल सिपाही अनुराग को उपचार के लिए अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने नवीन को मृत घोषित कर दिया। सिपाही अनुराग का उपचार चल रहा है। पकड़े गए बदमाश की पहचान सोनीपत निवासी मुकेश (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो फिलहाल बांकनेर में अपने रिश्तेदार के घर में रह रहा था। मुकेश ने पूछताछ में बताया कि नवीन ने उसके गिरोह के सरगना अश्वनी के भतीजे सुश् ाील की हत्या की थी। मुकेश, सुशील की बस में कंडक्टर था। अश्वनी, नवीन की हत्या करना चाहता था। साथ ही मुकेश भी सुशील की हत्या का बदला लेना चाहता था।
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नवीन और अश्वनी के बीच पुरानी है गैंगवार
नवीन और अश्वनी गैंग के बीच वर्ष-2009 से गैंगवार चल रही है। वर्ष-2009 में नवीन गिरोह के सदस्य संजय ने अश्वनी गिरोह के समुद्र पर गोली चला दी थी। इस हमले में समुद्र को गोली लगी, लेकिन वह बच गया। अश्वनी ने इस हमले का बदला लेने के लिए समुद्र के साथ मिलकर संजय के भांजे धर्मेंद्र पर गोली चला दी। उस गोलीबारी में धर्मेंद्र बच गया। पुलिस ने इस मामले में अश्वनी व उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच वर्ष-2010 में नवीन ने अश्वनी के भतीजे सुशील की इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उसने उसकी गर्लफ्रेंड से दोस्ती कर ली। अदालत से जमानत पर निकलने के बाद अश्वनी ने वर्ष-2011 में नवीन के भाई प्रवीण की हत्या कर दी। अश्वनी धर्मेंद्र की हत्या करना चाहता था, लेकिन धर्मेंद्र हरियाणा में रहने लगा। इसलिए वर्ष-2012 की फरवरी माह में अश्वनी ने नवीन के चाचा सुरेश की हत्या कर दी और अप्रैल में उसके भांजे प्रदीप की हत्या कर दी। प्रदीप की हत्या करने के मामले में नरेला पुलिस ने मई माह में अश्वनी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था।



हमलावर की वैन में था पीएसओ, नहीं हुई चेक
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट शूटआउट में गोली चलाने वाले बदमाश जिस वैन में आए थे, उसे पुलिस ने चेक नहीं किया, क्योंकि उसमें पुलिस का पीएसओ भी सवार था। पीएसओ के कहने पर वैन सुरक्षा जांच को धता बता कर लॉकअप के नजदीक तक पहुंच गई और बदमाशों ने अपने काम को अंजाम दे दिया।
नरेला के जिस हत्यारोपी नवीन खत्री को मारा गया है, उस पर वहीं के सुशील की हत्या का मुकदमा चल रहा है। इन परिवारों के बीच चल रहे खूनी खेल में दोनों ओर के कई लोग मारे जा चुके हैं। इसके मद्देनजर सुशील की मां रामेश्वरी व उसकी बहन ज्योति को पुलिस की ओर से पीएसओ मिला हुआ। यही पीएसओ बुधवार को भी इनके साथ वैन में था। शूटआउट में मारे गए नवीन की ओर से जमानत के लिए अदालत में अर्जी दायर थी। इस जमानत अर्जी का सुशील के परिवार ने विरोध किया था। बुधवार को भी नवीन इसी अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट आया था। इस बात की जानकारी सुशील के परिजनों को भी थी।
बताया जाता है कि सुशील की मां, बहन, मुकेश, एक अज्ञात हमलावर और पुलिस का पीएसओ ईको वैन में कोर्ट आए। वैन में पीएसओ की मौजूदगी के चलते उसे चेक नहीं किया गया और वैन कोर्ट परिसर में आकर लॉकअप के सामने खड़ी हो गई। लॉकअप के नजदीक ही गेट नंबर-पांच है, जहां से आमलोग प्रवेश करते हैं, इसलिए यहां काफी संख्या में पुलिस तैनात रहती है। वैन यहां काफी समय तक खड़ी रही और उसमें बदमाश बैठे रहे। पुलिस जब नवीन को लेकर 11:50 पर लॉकअप से बाहर निकली, तो मुकेश व उसके दूसरे साथी ने उस पर गोलियां बरसा दीं। गोली चलने के बाद मची अफरातफरी में एक बदमाश मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व नवीन के अधिवक्ता बीएस राणा का आरोप है कि कोर्ट की सुरक्षा में भारी खामी है। इसकी शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी है। दिनदहाड़े हुआ यह शूटआउट पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। हालांकि, वारदात के बाद जिला न्यायाधीश के साथ हुई बैठक में संयुक्त आयुक्त व उपायुक्त ने सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है, लेकिन सुरक्षा पहले क्यों नहीं बढ़ाई गई।
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