पाक नागरिक ने सजा रद्द करने की मांग की

New Delhi Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
नई दिल्ली। आतंकवादी गतिविधियों में आजीवन कारावास की सजा (18 साल से जेल में) पाए पाकिस्तानी नागरिक खालिद महमूद ने गिरफ्तारी के समय नाबालिग होने का तर्क देकर रिहा करने की मांग की है। उसने तर्क रखा कि इस आधार पर उसे बाल अपराधियों के लिए निर्धारित कानून के तहत ही सजा दी जा सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति एके पाठक ने पुलिस को 26 फरवरी, 2013 तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। याची के अधिवक्ता विवेक सूद ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल और अमजद अली को 28 मार्च, 1994 को गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस पर आतंकवादी निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अलावा टाडा लगाया। निचली अदालत ने 25 सितंबर,1996 को खालिद को आजीवन कारावास और ढाई लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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