खुद को मृत घोषित कर चुका था स्टॉक गुरु का सरगना

New Delhi Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। पांच सौ करोड़ रुपये का घोटाला करने वाला उल्हास प्रभाकर खरे वर्ष 2006 में खुद को मृत घोषित कर चुका था। यह सब उसने नागपुर पुलिस से बचने के लिए किया था, जो धोखाधड़ी के एक मामले में उसकी तलाश कर रही थी। उस मामले में उल्हास को अदालत ने भगोड़ा करार दिया है। नागपुर से भागने के बाद अन्य जगहों पर जाकर उसने अपनी पहचान बदल-बदलकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ,उल्हास ने खुलासा किया है कि उसने वर्ष 2003 में नागपुर में अपने एक सहयोगी के साथ कंपनी खोली। जहां उसने धोखधड़ी को अंजाम दिया। उसके सहयोगी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। नागपुर पुलिस ने इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया। सात दिन तक पुलिस हिरासत में रहने के बाद वह नागपुर से फरार हो गया। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं था। चूंकि इस मामले में नागपुर पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। इसलिए उसने पुलिस से बचने के लिए खुद को मृत घोषित कर दिया। उसने किसी से बहन को फोन करवाया और बताया कि उल्हास की सड़क हादसे में मौत हो गई। बाद में उसने पत्नी को अपने पास बुला लिया और दोनों अलग-अलग शहरों में जाकर ठगी को अंजाम देने लगे।
ज्ञात हो कि दिल्ली के मोतीनगर में वर्ष 2010 में उल्हास प्रभाकर व अपनी पत्नी रक्षा उर्ष ने स्टॉक गुरु इंडिया नाम की फाइनेंस कंपनी खोली। उसने निवेशकों को कंपनी में रुपये लगाने के लिए कहा और उन्हें छह माह में रुपये दोगुना करने का झांसा दिया। सातवें महीने में वह निवेशकों की सारी रकम लेकर फरार हो गया। जांच में यह बात सामने आई कि इस कंपनी में करीब दो लाख लोगों ने रुपये लगाए और उल्हास उन लोगों के करीब पांच सौ करोड़ रुपये की जमा पूंजी लेकर फरार हो गया।
आर्थिक अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजकुमार शाह की टीम ने करीब डेढ़ साल तक मामले की जांच कर उल्हास और उसकी पत्नी को रत्नागिरी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके निशानदेही पर करीब 63 करोड़ की संपति जब्त की है।
लग्जरी गाड़ियों की लाइन लगी
पांच सौ करोड़ रुपये का घोटाला करने वाले उल्हास और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी से द्वारका के अशोक अपार्टमेंट के लोग भी आश्चर्यचकित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शुरुआती दौर में उल्हास और उसकी पत्नी इसी अपार्टमेंट में किराए पर रहते थे। उनके पास एक सेंट्रो कार थी, जिस पर स्टॉक गुरु इंडिया का बोर्ड लगा हुआ था। चार माह के भीतर ही इसके घर पर लग्जरी गाड़ियों की लाइन लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी गाड़ियां होने की वजह से अक्सर पार्किंग को लेकर झगड़ा भी होता था।
कई और मामले हुए उजागर
स्टॉक गुरु इंडिया के फर्जीवाड़े के आरोपियों के पकड़े जाने के बाद दिल्ली पुलिस के पास शिकायतकर्ता पहुंचने लगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लुधियाना से भी लोग पहुंचकर दंपति के खिलाफ अपनी शिकायत दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक 25 मामले उजागर हुए हैं। साथ ही उल्हास के सौ से ज्यादा बैंक अकाउंट का पता चला है। इसमें ज्यादातर अकाउंट द्वारका स्थित बैंक के हैं। पुलिस के मुताबिक ,उसकी कई प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी मिली है। उल्हास की रत्नागिरी, नागपुर, मुरादाबाद और गोवा में काफी प्रॉपर्टी हैं, जहां पुलिस की टीम को भेजकर उसका आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने इसकी निशानदेही पर करीब 12 लग्जरी कारें बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उल्हास और उसकी पत्नी ने रत्नागिरी में अपना कार्यालय खोला था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने यहां कितने का घोटाला किया है।

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