स्मॉग ने बढ़ाए अस्थमा व एलर्जी के मरीज

New Delhi Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। धुंध और प्रदूषण ने अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने की वजह से अस्थमा मरीजों की सांस फूलने लगती हैं। बुजुर्ग और बच्चों के लिए यह मौसम खतरनाक साबित हो रहा है। इस मौसम में काफी संख्या में मरीज बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
लोक नायक अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. नरेश गुप्ता ने बताया कि वातावरण में धूल-कण की वजह से हवा की गति कम हो गई है। इसी वजह से मनुष्य की सांस की नली के सहारे काफी मात्रा में धूल-कण अंदर जा रहे हैं। वातावरण में धूल-कण अधिक होने के कारण शरीर को ऑक्सीजन कम मिल पा रहा है। कम ऑक्सीजन मिलने के कारण काम करने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। शरीर में ऊर्जा की कमी की वजह से चिड़चिड़ापन भी बढ़ रहा है। धूप नहीं निकलने से और सूर्य की रोशनी कम होने की वजह से अवसाद भी बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसा मौसम रहना अवसाद पीड़ितों के लिए खतरनाक होता है। सर गंगाराम अस्पताल के कंसलटेंट फिजीशियन डॉ. अतुल गोगिया ने बताया कि गले में खराबी, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मधुमेह, निमोनिया, किडनी और साइनस के मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।

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