विज्ञापन
विज्ञापन

डायबिटीज का इलाज ऑपरेशन से संभव

New Delhi Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
नई दिल्ली। लाइलाज माने जाने वाले मधुमेह (डायबिटीज) का इलाज सर्जरी से संभव है। सर्जरी टाइप-टू डायबिटीज के उन मरीजों के लिए कारगर है जो मोटापे की वजह से इसके शिकार हैं। इस सर्जरी में चीरफाड़ की जरूरत नहीं पड़ती। बस पेट में एक छेद भर से ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। इसका कोई खास निशान भी नहीं दिखता। राष्ट्रपति के लैप्रोस्कोपिक सर्जन और एशिया पैसेफिक मेटाबोलिक एंड बैरियाटिक सर्जरी सोसाइटी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉक्टर प्रदीप चौबे ने बताया कि डायबेसिटी यानी मोटापे से संबंधित डायबिटीज का इलाज सर्जरी से संभव है। पेट, ठोड़ी के नीचे और गर्दन के पिछले हिस्से में जमा फैट बेहद सक्रिय होता है और इंसुलिन को अपना काम नहीं करने देता है। डॉक्टर चौबे ने बताया कि पीड़ित के फैट (चर्बी) सेल को समाप्त कर इससे निजात दिलाई जा सकती है। एक छोटे से ऑपरेशन के जरिए मरीज के पेट को स्टेपल करके छोटा कर दिया जाता है। इससे भूख कम लगती है, कैलोरी का अवशोषण कम हो जाता है। इससे धीरे-धीरे उसके शरीर का फैट खत्म होने लगता है। सर्जरी के दो से तीन माह बाद इसका रिजल्ट दिखने लगता है। फैट सेल के खत्म होते ही इंसुलिन अपने काम को बखूबी अंजाम देने लगता है और पीड़ित का बीमारी से निजात मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

देखिये लोकसभा चुनाव 2019 के LIVE परिणाम विस्तार से
Election 2019

देखिये लोकसभा चुनाव 2019 के LIVE परिणाम विस्तार से

जानिए अपने शहर के लाइव नतीजों की पल-पल की खबर
Election 2019

जानिए अपने शहर के लाइव नतीजों की पल-पल की खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha chunav 2019) के नतीजों में किसने मारी बाजी? फिर एक बार मोदी सरकार या कांग्रेस की चुनावी नैया हुई पार? सपा-बसपा ने किया यूपी में सूपड़ा साफ या भाजपा का दम रहा बरकरार? सिर्फ नतीजे नहीं, नतीजों के पीछे की पूरी तस्वीर, वजह और विश्लेषण। 23 मई को सबसे सटीक नतीजों  (lok sabha chunav result 2019) के लिए आपको आना है सिर्फ एक जगह- amarujala.com  Hindi news वेबसाइट पर.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

देखिए प्रचंड जीत के बीच ट्विटर पर #Modi का जलवा

लोकसभा चुनाव 2019 मतगणना की तस्वीर साफ हो गई है। एक तरफ जहां एनडीए ने एक बार फिर 2014 वाली जीत को दोहराया है तो वहीं यूपीए को फिर इस चुनाव में मात खानी पड़ी है।

23 मई 2019

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election