घर के नजदीक तक होगी जीआरसी की पहुंच

New Delhi Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि स्वास्थ्य देखभाल के लिए निजी खर्च कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं को घर के नजदीक तक पहुंचाने में सामाजिक सुविधा संगम (जीआरसी) केन्द्र महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। इनकी पहुंच और नजदीक तक की जाएगी। अभी 130 केन्द्र दिल्ली में काम कर रहे हैं। इसे बढ़ाकर जल्द ही 145 किया जाएगा। मुख्यमंत्री और भारत में अमेरिकी राजदूत नैन्सी पावेल ने मिलकर शहरी गरीबों और स्वास्थ्य के बारे रिपोर्ट जारी की। उसमें बताया गया है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता में बीमारी बढ़ने से रुक सकती है। जीआरसी इसमें मदद कर सकती है।
दिल्ली सरकार के जीआरसी और यूएसएआईडी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की भागीदारी का लोगों का काफी लाभ मिला है। नवंबर, 2011 में प्रोग्राम शुरु किया गया था। भागीदारी ने गरीब से गरीब लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुचाने पर जोर दिया। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि रिपोर्ट में सामाजिक सुविधा संगम और यूएसएआईडी की एक परियोजना से संबंधित अनुभवों को शामिल किया गया है। जीआरसी से सुविधा लेने वालों ने बताया है मदद से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ। अब समय है कि शिशु मृत्यू दर कमी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया जाए।
समाजिक सुविधा संगम के निदेशक व मुख्यमंत्री के विशेष सचिव संतोष वैद्य ने कहा कि समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए 20 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्ष 2011-12 में 12 हजार लोगों को शिक्षा दी गयी। 20 हजार लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। 79 हजार लोगों को कानूनी सहायता दी गयी। 2 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी। इसके अलावा 2500 प्रशिक्षण शिवर लगाए गये और 402 स्वयं सहायता ग्रुप बनाये गये।
यूएसएआईडी से गरीबों का घर बनाने के लिए मांगी मदद
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट(उसैद) से गरीबों का घर बनाने के लिए मदद मांगी है। भारत में अमेरिका की राजदूत नैन्सी पावेल की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि भागीदारी और आगे बढ़नी चाहिए। दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए घर बनाने में उनके सहयोग की जरूरत है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सामाजिक सुविधा संगम के कार्यक्रम में एक स्वास्थ्य रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद यह सहयोगी मांगा। उन्होंने कहा कि घर निर्माण में काम किया जा सकता है। राजधानी होने के नाते दिल्ली में हर साल लाखों लोग आते हैं। दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मना बना भी रही है। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातची में नैन्सी पावेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो सुझाव दिया है उस दिशा में काम किया जा सकता है।

Spotlight

Most Read

Budaun

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

21 जनवरी 2018

Related Videos

मरने के बाद भी जिंदा रहेंगे ये बॉलीवुड कलाकार, आप भी देखें, कैसे...

बॉलीवुड कलाकारों को हम सिर्फ मनोरंजन की नजर से देखते हैं। लेकिन कुछ कलाकारों के नेक कामों को जानकार आप उनकी इज्जत पहले से ज्यादा करने लगेंगे...आइए देखते हैं कैसे...

21 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper