5 लाख रुपये तक मिलेगी वित्तीय सहायता

New Delhi Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। दिल्ली कैबिनेट ने आयोग्य कोष से डेढ़ लाख रुपये की जगह पांच लाख रुपये तक वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। गंभीर बीमारी में इस योजना का लाभ सालाना 2 लाख रुपये कमाने वाले भी उठा सकेंगे। अभी तक यह सीमा राशि एक लाख रुपये थी। इसके अलावा बुराड़ी में 208 करोड़ रुपये की लागत से 200 बिस्तर का अस्पताल बनाने की योजना को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बताया कि दिल्ली आरोग्य कोष की उपयोगिता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गयी। इसका मकसद गंभीर बीमारियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सहायता देना है। आरोग्य कोष का रजिस्ट्रेशन 6 सितम्बर 2011 को सोसाइटी के रूप में कराया गया था। इसके तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को उपचार के लिए वित्तीय सहायता देना है। अभी तक 46 मरीजों को 41.43 लाख रुपये की सहायता दी गई है। अब इसके दिशा-निर्देशों में संशोधन का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहायता लेने के लिए पात्रता की सीमा वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। सरकारी अस्पताल में चिकित्सा कराई जा सकेगी। डायलसिस के लिए निजी अस्पतालों में भी स्वीकृत दरों पर मंजूरी दी गई है। कोष के तहत आने वाली बीमारियों की सूची में दिल की बीमारियां, कैंसर और गुर्दे की बीमारी के अलावा उन सभी बीमारियों, ऑपरेशन के बाद शामिल किया जाएगा, जिसे संस्था जीवन के लिए खतरा वाली सूची में शामिल करने की अनुमति देगी।

किस बीमारी में कितनी सहायता
कैबिनेट ने फैसला किया है कि दिल, गुर्दे और कैंसर के बीमारियों के लिए वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाए या उपचार की अनुमानित लागत का 100 फीसदी, जो भी कम हो। गुर्दा बदलने और बोनमैरो तथा लिवर बदलने के लिए भी मिलने वाली सहायता की अधितम राशि 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गयी। डायलसिस के लिए अब तक 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलती थी। लेकिन अब निजी अस्पतालों में हर बार डायलसिस के लिए दवाओं की लागत मिलाकर 1500 रुपये दिए जाएंगे।

लाभ लेने के लिए जरूरी प्रमाण
आवेदक को दिल्ली का कम से कम तीन वर्ष पूर्व से निवासी होना चाहिए। एसडीएम या राजस्व विभाग की तरफ से जारी आय प्रमाणपत्र भी जरूरी होगा। परिवार में पति-पत्नी और 21 वर्ष के अविवाहित बच्चे शामिल हैं। आवेदन करने की तिथि से पहले दिल्ली में निवास करने के वर्षों के अनुसार पात्रता मानी जाएगी। इसके लिए अधिवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, मतदाता फोटो पहचान पत्र, आधार, चालक लाइसेंस या मतदाता सूची का अंश, में से किसी एक का होना जरूरी है और इनमें से किसी में प्रमाण के तौर पर आवेदक का चित्र होना चाहिए।

बुराड़ी में 200 बिस्तर के अस्पताल को अनुमति
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बताया कि कैबिनेट में 208 करोड़ रुपये की लागत से बुराड़ी के कौशिक एन्कलेव में 200 बिस्तर के अस्पताल बनाने का फैसला किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। बुराड़ी बड़ी कालोनी है। अस्पताल बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस अस्पताल में स्वास्थ्य केन्द्रों से भी मरीजों को भेजा जा सकेगा। अस्पताल में 24 घंटे आपात सेवा, मातृ-शिशु सेवा, शल्य चिकित्सा और विशेष चिकित्सा होगी।

अस्पताल की इमारत हरित अवधारणा के अनुरूप बनेगी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में इमरजेंसी, ओ पी डी, जनरल वार्ड, स्पेशल वार्ड, ऑपरेशन केन्द्र और रिहायशी परिसर होंगे। अस्पताल के लिए 1.6 हेक्टेयर भूमि ली गई है। यहां 48 हजार वर्ग मीटर में कुर्सी क्षेत्र बनाया जाएगा। काम आवंटित किए जाने के 30 महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।

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