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अन्न का सम्मान करना सीखेंगे स्कूली बच्चे

New Delhi Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। बच्चे अब खाने की बर्बादी रोकेंगे। इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उपभोक्ता मामले मंत्रालय के फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन की ओर से खाने की बर्बादी को लेकर किए गए अध्ययन का हवाला देते हुए स्कूलों से बच्चों को जागरूक करने को कहा है। बोर्ड का मानना है, इससे बच्चे तो सुधरेंगे ही, अभिभावक भी खाने की बर्बादी पर सोचने को मजबूर होंगे।
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सीबीएसई ने स्कूलों को बताया है कि अध्ययन में पाया गया है कि पर्याप्त भोजन न मिलने से तीन वर्ष से कम के 46 फीसदी बच्चे कम वजन के हैं, तो 6 से 35 माह के 79 फीसदी एनीमिया के शिकार हैं। वहीं, 100 में से 68 बच्चे एक साल का होते ही मौत के शिकार हो जाते हैं।
इस अध्ययन में खाने की बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए शिक्षा और जागरूकता पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवन कौशल को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे कि बच्चे किशोरावस्था में ही खाने के महत्व को समझ सकें और उनमें खाने की सही आदतों का विकास हो।
सीबीएसई ने स्कूलों को बताया कि बोर्ड समय-समय पर खाने की बर्बादी की समस्या को लेकर कदम उठाता रहता है। स्कूलों को बताया गया है कि बोर्ड ने हाल ही में 11वीं व 12वीं में मूल्य आधारित प्रश्नों को शामिल किया है, जिसके एक हिस्से में खाने की बर्बादी को नियंत्रित करना भी शामिल है। इसके अलावा लाइफ स्किल मैनुअल, स्कूल हेल्थ मैनुअल, ईको क्लब और हेल्थ एंड वेलनेस क्लब को भी स्थापित किया है, जिसके जरिए बच्चों को खाने की बर्बादी के विषय में जागरूक किया जाना चाहिए। सीबीएसई का कहना है कि एनएसएस, एनसीसी, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन प्रतियोगिताओं को खाने की बर्बादी को रोकने के अभियान से जोड़ा जाना चाहिए।

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