कॉलोनी स्टेटस के हिसाब से वसूलें पार्किंग फीस

New Delhi Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। हाउस टैक्स और रजिस्ट्री की तर्ज पर अब पार्किंग शुल्क को भी बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति एनवायरमेंटल पॉल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल अथॉरिटी (एप्का) ने सरकार को एक प्रस्ताव दिया है। जिसके तहत ए श्रेणी की कॉलोनी में पीक ऑवर में 70 रुपये प्रति घंटा और नॉन पीक ऑवर में 40 रुपये दो घंटे कार खड़ी करने के लिए शुल्क का प्रस्ताव किया गया है। मौजूदा स्लैब दो से 8 घंटे तक के रखे गए हैं। दोपहिया वाहन के लिए पीक ऑवर में दो घंटे के लिए 10 रुपये और नॉन पीक ऑवर में 8 घंटे के लिए 10 रुपये वसूलने का सुझाव है। वहीं कॉलोनी में गाड़ी पार्क करने के लिए आरडब्ल्यूए के साथ समझौता करके शुल्क वसूलने का सुझाव दिया गया है। डी, ई और एफ श्रेणी के मुकाबले ए श्रेणी की कॉलोनी में रहने वालों से पीक ऑवर में करीब ढाई गुना शुल्क वसूलने का प्रस्ताव है।
एप्का ने पार्किंग के नाम पर स्थानीय निकाय की वसूली और फंड इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताते हैं कि पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एमसीडी ने कनवर्जन चार्ज के नाम पर 1095 करोड़ रुपये वसूले, जिसमें 292 करोड़ रुपये पार्किंग शुल्क शामिल थे। लेकिन पार्किंग सुविधा नहीं दी गई।
ड्राफ्ट के अनुसार शहर में दिसंबर 2011 तक 293 पार्किंग हैं जिसमें 54 एनडीएमसी की हैं। इसमें से 13 भागीदारी योजना के तहत मार्केट एसोसिएशन चलाती हैं बाकी कांट्रैक्टर चलाते हैं। महज दस साल में वाहनों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। समिति ने कहा है कि अब पार्किंग देने की बजाय पार्किंग का उचित प्रबंधन और कार वालों को बाजार कीमत के हिसाब से पार्किंग शुल्क वसूलने की जरूरत है। साथ ही अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

एमसीडी ने पार्किंग शुल्क वसूले, सुविधाएं नहीं दीं
एमसीडी कनवर्जन चार्ज पार्किंग चार्ज (करोड़)
दक्षिण एमसीडी 457.87 140.33
उत्तरी एमसीडी 245.79 137.85
पूर्वी एमसीडी 98.69 14.02
कुल 802.35 292.20
अप्रैल, 2011 से मई, 2012 तक एमसीडी ने व्यावसायिक व निजी वाहनों से एकमुश्त पार्किंग चार्ज के नाम पर 125.14 करोड़ रुपये वसूले हैं इसका भी इस्तेमाल नहीं किया।

विदेशों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने से कम हुए वाहन
समिति ने विदेशी तर्ज पर का पार्किंग शुल्क ज्यादा रखने पर जोर दिया है। कमेटी ने तर्क है कि जिन शहरों में पार्किंग शुल्क बढ़ाए गए हैं, वहां वाहनों के रजिस्ट्रेशन और पार्किंग की मांग में कमी आई है। बताया गया है कि पोर्टलैंड में प्रति 100 वर्ग मीटर प्लाट पर निर्माण में पार्किंग के लिए सिर्फ 1 कार की जगह दी गई है। इससे न सिर्फ वाहनों का रजिस्ट्रेशन कम हुआ बल्कि ईंधन खपत भी कम हुई। न्यूयार्क में पार्किंग फीस बढ़ाकर निजी वाहन कम करने में मदद मिली।
पार्किंग पॉलिसी में बताया गया है कि बोस्टन शहर में पार्किंग की वार्षिक वृद्धि 10 फीसदी की दर से चल रही थी। 1973 में इस वृद्धि को रोकने का फैसला हुआ। पार्किंग की जगह कम करके सिर्फ विशेष परिस्थिति में ही रिहायशी पार्किंग की छूट दी गई।

बिजनेस सेंटर में कहां कितना दैनिक पार्किंग चार्ज
शहर दैनिक फीस रुपये में
लंदन 3677
टोक्यो 3450
न्यूयार्क 2280
हांगकांग 1560
सिंगापुर 1340
बैंकाक 725
बीजिंग 390
मैक्सिको सिटी 835
दुबई 225
बंगलुरु 90
दिल्ली 75
मुंबई 62
चेन्नई 56
--------
निजी वाहन व पार्किंग पर एक नजर
वर्ष 2000-01 में 33 लाख वाहन पंजीकृत थे
वर्ष 2010-11 में वाहनों की संख्या 69 लाख हो गई
सालभर के 8760 घंटे में से कार सिर्फ 400 घंटे दौड़ती है।
शहरी क्षेत्र का 11 फीसदी हिस्सा पार्किंग के लिए चाहिए। शहर के 20 फीसदी नागरिकों के पास कार है।
पार्किंग में 85 फीसदी जगह निजी वाहन घेरते हैं
बसें 3 फीसदी सड़क घेरती हैं।

क्या है समिति की सलाह
जरूरत से कम वैध पार्किंग हैं जिसकी वजह से अवैध पार्किंग होती है। स्थानीय निकाय को चाहिए कि पार्किंग चिह्नित करके उसे नोटिफाई करें और बाकी क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित करें।
पार्क के नीचे पार्किंग न बनाएं, जो बन रहे हैं उसमें तय करें कि 90 फीसदी ग्रीन एरिया खेल कूद के लिए फिर से खोले जाएं।
पार्किंग चिह्नित करने का काम डिजाइनर्स के सहयोग से करें, साइट नीलाम करने से पूर्व ट्रैफिक पुलिस से अधिकृत कराएं।
वेबसाइट पर पार्किंग की सूचनाएं दर्ज करें।
अवैध या गलत पार्किंग पर सख्त जुर्माना करें। अभी ट्रैफिक पुलिस 100 क्रेन की सहायता से 43 सर्किल में दैनिक करीब 500 गाड़ियां उठाती हैं, लेकिन जुर्माना महज 300 रुपये है जो बहुत कम है।


एमसीडी की मल्टीलेवल पार्किंग
निर्माणाधीन: कमला नगर, मॉडल टाउन-2, मुनिरका मार्केट, एमसीडी पार्क हौज खास मार्केट, शहीद पार्क, बहादुर शाह जफर मार्ग, एमसीडी पार्क कालकाजी, सुभाष नगर, एमसीडी पार्क राजौरी गार्डन।
निर्माण शुरू होने का इंतजार: जीके-1 मार्केट, रानी बाग, लाजपत नगर, साउथ एक्स., डिफेंस कॉलोनी, सतभरिवान रोड।
क्या हैं अभी दिक्कतें
ऑटोमैटिक पार्किंग बनाना महंगा है। पार्किंग शुल्क कम है जिससे बिजनेस फायदे का नहीं लगता। प्राइवेट कार की पार्किंग पर सब्सिडी देने जैसा है।
मास्टर प्लान में पार्किंग के लिए क्या है व्यवस्था
मास्टर प्लान 2021 में प्रत्येक भवन साइज के हिसाब से वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था जरूरी की गई है।
कमर्शियल लैंड या मिक्स लैंड यूज नोटिफिकेशन तभी किया जाएगा जब पार्किंग की व्यवस्था हो, नहीं तो पार्किंग शुल्क मकान मालिक स्थानीय निकाय के पास जमा कराएगा।
किसी तरह की बिल्डिंग कितनी कार की जगह
कमर्शियल: शॉपिंग सेंटर/मिक्स यूज 2/100 वर्ग मीटर
कमर्शियल: रेलवे/मेट्रो स्टेशन/होटल 3/100 वर्ग मीटर
सर्विस अपार्टमेंट 3/100 वर्ग मीटर
सरकारी निर्माण 1.8/100 वर्ग मीटर
रिहायशी: ग्रुप हाउसिंग 2/100 वर्ग मीटर
रिहायशी: 250-300 वर्ग मीटर प्लाट 2 कार
रिहायशी: 300 वर्ग मीटर से अधिक 2/100 वर्ग मीटर

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