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एलएनजेपी बना विश्व का सबसे बड़ा हिमोफीलिया केंद्र

New Delhi Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। लोक नायक अस्पताल का हिमोफीलिया सेंटर विश्व का सबसे बड़ा सेंटर बन गया है। सिर्फ चार वर्ष में विश्व के किसी भी सेंटर पर इतनी बड़ी संख्या में मरीज नहीं आए। पेरिस में आयोजित वर्ल्ड हिमोफीलिया फेडरेशन (डब्ल्यूएचएफ) अधिवेशन-2012 में लोक नायक अस्पताल का यह सेंटर सुर्खियों में रहा और खूब तारीफ बटोरी। अधिवेशन में विश्व के 150 देशों ने हिस्सा लिया था।
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मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज एवं लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर डा. नरेश गुप्ता ने बताया कि विश्व का कोई भी हिमोफीलिया सेंटर इतने कम समय में इतनी तरक्की नहीं कर पाया। वर्ष-2004 में जहां प्रति माह इस सेंटर पर सौ मरीज आते थे वहीं जुलाई-12 में सेंटर में एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सेंटर की इस उपलब्धि के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संस्था की ओर से इस केंद्र को सम्मानित भी किया गया है।
डा. गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में इस बीमारी के मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए वहां के चिकित्सकों की मदद की जा रही है। राजस्थान और असम के डॉक्टरों को जल्द इससे संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। मरीजों के परिजनों को भी सिखाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर अस्पताल से दूर रहने पर भी वह इसका इस्तेमाल कर सकें।

हिमोफीलिया के लक्षण
नाक से लगातार खून बहना, शरीर में किसी जगह कटने-फटने पर खून देर से रुकना, किसी ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्त स्राव होना, ब्रश करते समय मसूढ़ों से खून निकलना, शरीर में आंतरिक रक्त स्राव होना, शरीर के किसी भाग में अधिक दिनों तक सूजन रहना।

यहां होता है हिमोफीलिया का इलाज
दिल्ली सरकार के एलएनजेपी, गुरु तेग बहादुर और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल। भारत सरकार के अखिल भारतीय आयुर्वविज्ञान संस्थान (एम्स), सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया, ईसआई अस्पताल और सेंट्रल रेलवे अस्पताल में इसका इलाज होता है। इसके अलावा कुछ निजी संस्थानों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

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