दिल्ली पुलिस के 21 अफसर व जवानों को पुलिस पदक

New Delhi Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली पुलिस के 21 अफसरों और जवानाें को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के पुलिस पदक देने की घोषणा की गई है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के अनुसार संयुक्त पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह, अरविंद दीप और डीपी वर्मा को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक देने की घोषणा की गई है। वहीं संयुक्त पुलिस आयुक्त गरिमा भटनागर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जसपाल सिंह, दक्षिण-पूर्व जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी, अनिल शुक्ला, के के व्यास, डीपीसी ओपी मिश्रा, महिला इंस्पेक्टर सुरेन्द्र कौर जीत, इंस्पेक्टर विजय कुमार, एसआई ज्ञानचंद और एएसआई सतवीर सिंह आदि 18 पुलिस अफसरों और जवानों को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। अपराध शाखा में तैनात संयुक्त पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के लापता हुए हेलीकॉप्टर को ढूंढने और बचाव ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह अरुणाचल प्रदेश की पुलिस का नेतृत्व भी कर चुके हैं। उत्तर-पूर्वी और मध्य जिले का डीसीपी रहते हुए दायित्व को ठीक से निभाने और वर्ष 2004 में सराहनीय सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक दिया गया था। इस समय अरुणाचल प्रदेश में तैनात अरविंद दीप को वर्ष 2006 में राष्ट्रपति पुलिस पदक मिल चुका है। पीएम की सुरक्षा में तैनात संयुक्त पुलिस आयुक्त डीपी वर्मा ने डीसीपी ट्रैफिक रहते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बुश के भारत आगमन, सार्क सम्मेलन के संपन्न होने पर और क्वीन बैटन रिले आयोजित होने पर यातायात व्यवस्था को सफलतापूर्वक संचालित किया।
आईपीएस अफसर अनिल शुक्ला दक्षिण जिले के डीसीपी रह चुके हैं। वह हाल ही में अरुणाचल प्रदेश से वापस दिल्ली लौटे हैं। आईपीएस अफसर जसपाल सिंह ने संवेदनशील जिलों उत्तर-पूर्वी और मध्य जिले की कमान ठीक से संभाली थी। इस समय आईबी में तैनात जसपाल सिंह ने अंडमान निकोबार में तैनाती के दौरान आई सुनामी के दौरान सराहनीय भूमिका निभाई थी।
1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय चौधरी ने कृष्णा नगर इलाके से 70 लाख रुपये के लिए अपहृत हुए साढ़े तीन वर्ष के बच्चे को न केवल सकुशल बरामद किया ,बल्कि शातिर बदमाश इमरान व उसके साथियों को इटावा से गिरफ्तार किया। इन्हीं के प्रयासों से जंगपुरा इलाके में अफगानी नागरिक की हत्या की गुत्थी 24 घंटे में सुलझा ली गई थी। जामिया नगर पुलिस स्टेशन में पुलिस-पब्लिक लाइब्रेरी और परामर्श केन्द्र खोला गया। 1987 बैच के दानिक्स अधिकारी ओपी मिश्रा ने एसीपी ग्रेटर कैलाश रहते हुए कैलाश कॉलोनी मार्केट में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दो आतंकियों को मार गिराया था और दो आतंकी जिंदा पकड़ लिए गए थे। लेखन क्षमता को देखते हुए जेएनयू ने वर्ष 2009 में उन्हें पीएचडी की डिग्री से सम्मानित किया था। महिला इंस्पेक्टर सुरेन्द्र जीत कौर ने लोधी कॉलोनी थानाध्यक्ष रहते हुए हत्या की वारदात को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस पर पुलिस आयुक्त ने 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया था। वर्ष 2010 में कमला मार्केट को सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन घोषित किए जाने पर उपराज्यपाल ने 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया था।

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