उच्च शिक्षा के निजीकरण पर उठी आवाज

New Delhi Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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नई दिल्ली। केंद्र और राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षक उच्च शिक्षा में गहराते संकट के मुद्दे पर एक साथ आ गए हैं। शिक्षकों की एकता का नजारा दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित कन्वेंशन में देखने को मिला। कन्वेंशन में देश भर के शिक्षक संगठनों ने कई मुद्दों पर आवाज उठाई। इसमें देश भर के 22 शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डीयू में खतरे में उच्च शिक्षा को लेकर आर्ट फैकल्टी में कन्वेंशन का आयोजन किया गया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमरदेव शर्मा ने कहा कि यहां सैलेरी बढ़ाने की बात नहीं हो रही है बल्कि जिस तरह से उच्च शिक्षा का निजीकरण कर उसे आम छात्रों से दूर किया जा रहा है। वह चिंता का विषय है। एक तरह से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की तरह ही अन्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। लेकिन उन्हें भरने के बारे में नहीं सोचा जा रहा है।
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कन्वेंशन में डीयू के कुलपति प्रोफेसर दिनेश सिंह के डूटा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात न करने के व्यवहार की भी निंदा हुई। कन्वेंशन में फेडकुटा, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, त्रिपुरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ, व इग्नू समेत जामिया, जामिया हमदर्द, और इलाहाबाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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