कांडा ने गीतिका को भावुक बताया, खुद को निर्दोष

New Delhi Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। गीतिका खुदकुशी मामले में अभियुक्त हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। इससे पहले उसके सोमवार को अदालत में समर्पण की अटकलें लगाई जा रही थीं। कांडा ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए याचिका में कहा है कि गीतिका भावुक मानसिकता की थी और हमेशा उलझन में रहती थी जो उसकी आत्महत्या का कारण बना। न्यायमूर्ति संजय कृष्ण कौल व न्यायमूर्ति विपिन सांघी की खंडपीठ के समक्ष पेश कांडा के वकील के.टी.एस. तुलसी ने तर्क रखा कि गीतिका द्वारा आत्महत्या से पूर्व लिखे पत्र से भी स्पष्ट है कि वह स्वस्थ मन से काम नहीं कर पाती थी और उलझन में रहती थी। तुलसी ने कहा वह काफी भावुक प्रवृत्ति की थी और अपनी निजी जिंदगी व काम के बीच संतुलन कायम करने में असमर्थ थी। उन्होंने कहा कि गीतिका ने कांडा के खिलाफ कोई ऐसा आरोप नहीं लगाया है, जिससे साबित हो कि उसने आत्महत्या के लिए मजबूर किया हो। उन्होंने कहा साक्ष्य अधिनियम के तहत भी आत्महत्या के पूर्व लिखा पत्र उनके मुवक्किल के खिलाफ साक्ष्य नहीं है। इसके अलावा उनका मुवक्किल फरार नहीं है और वह समाज का सम्मानित सदस्य है और हम जांच में सहयोग करना चाहते हैं। इसके अलावा जमानत के लिए अदालत जो भी शर्त लगाने चाहे उसका पालन किया जाएगा। कांडा की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

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