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नजफगढ़ सड़क हादसा: अशोक की मौत से टूट गया पूरा परिवार, हादसे के बाद लोगों ने दिखाई होती मानवता तो...

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Fri, 11 Jun 2021 10:23 PM IST

सार

नजफगढ़ में सड़क हादसे के बाद काफी देर तक घटनास्थल के पास से वाहन गुजरते रहे, लेकिन वाहनों में सवार किसी भी व्यक्ति ने न तो हादसे के बारे में पुलिस को सूचना दी और न ही सड़क पर पड़े घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। वे रुके बिना घायलों को देखते हुए निकल गए, जबकि घटनास्थल से मात्र सौ मीटर की दूरी पर एक बड़ा निजी अस्पताल था।
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सड़क हादसे में पत्नी एवं दो बेटों के साथ अशोक राजौरा की मौत
सड़क हादसे में पत्नी एवं दो बेटों के साथ अशोक राजौरा की मौत - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

नजफगढ़ स्थित थाना रोड पर शुक्रवार की सुबह सड़क हादसे में पत्नी एवं दो बेटों के साथ अशोक राजौरा की मौत होने पर उनका पूरा परिवार टूट गया है। दरअसल अशोक के पिता चार भाई थे और उनके सभी बच्चे एक साथ रहते हैं। अशोक अपने सगे एवं चचेरे भाइयों में सबसे बड़ा था और वह अपने संयुक्त परिवार को संभालने में अपने चाचा सुरेश राजौरा के साथ जिम्मेदारी उठा रहा था। दरअसल अशोक के पिता रमेश एवं चाचा नरेश की मृत्यु हो चुकी है, जबकि उनके एक चाचा राजेश बीमार रहते हैं।
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अशोक के माता-पिता की मृत्यु होने के बाद से उनका चाचा सुरेश पूरे परिवार को संभाल रहा है। इस मामले में उन्हें अशोक की हरसंभव मदद मिल रही थी, मगर सड़क हादसे में अशोक की मौत होने पर उनका पूरा परिवार टूट गया है और उसकी मौत की खबर मिलने के बाद से उसका चाचा सुरेश सदमे में है। वह किसी से भी सही ढंग से बात नहीं कर पा रहे है। दरअसल अशोक का सगा भाई मनोज और उसके चचेरे भाई छोटे है और उनमें से एक-दो ही कमा रहे हैं।


अमर उजाला के साथ बातचीत करने के दौरान रुक-रुककर बात करते हुए सुरेश ने बताया कि बड़े भाई एवं एक छोटे भाई की मृत्यु होने के बाद अशोक हर मामले में उनकी मदद करता था। उन्हें उसके कारण परिवार को संभालने में कोई दिक्कत नहीं आती थी, लेकिन अब उनके समक्ष परिवार को संभालने में ही नहीं, बल्कि परिवार का पालन पोषण करने में भी दिक्कत आएगी। अशोक परिवार का पालन पोषण करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ता था और प्रतिमाह अपना वेतन उनको देता था। इसके अलावा अशोक अपने भाइयों को कमाने एवं परिवार का साथ देने के लिए प्रेरित करता था।

हादसे के बाद तत्काल बाद गुजरे लोगों ने मानवता नहीं दिखाई
नजफगढ़ में सड़क हादसे के बाद काफी देर तक घटनास्थल के पास से वाहन गुजरते रहे, लेकिन वाहनों में सवार किसी भी व्यक्ति ने न तो हादसे के बारे में पुलिस को सूचना दी और न ही सड़क पर पड़े घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। वे रुके बिना घायलों को देखते हुए निकल गए, जबकि घटनास्थल से मात्र सौ मीटर की दूरी पर एक बड़ा निजी अस्पताल था। हादसे में मरा अशोक इसी अस्पताल में गार्ड की नौकरी करता था। इसके अलावा इलाके के निवासियों को भी हादसे के बारे में कोई देर बाद मालूम हुआ। इसके बाद पुलिस को हादसे के बारे में मालूम हो सका, अगर हादसे के तत्काल बाद घटनास्थल से गुजरे वाहन वाले घटना के बारे में पुलिस को सूचना दे देते तो किसी की जल्द इलाज मिलने पर जान बच सकती थी, क्योंकि एक बच्चे एवं बुजुर्ग की मौत इलाज के दौरान मौत हुई है।

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