विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं की मुफ्त यात्रा की योजना पर मेट्रो मैन की ना

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Sat, 15 Jun 2019 10:40 PM IST
ख़बर सुनें
महिलाओं की मुफ्त यात्रा की योजना पर मेट्रो मैन की ना
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त सफर कराने की दिल्ली सरकार की योजना विवादों में फंसती जा रही है। मेट्रो मैन नाम से मशहूर डीएमआरसी के पूर्व प्रबंध निदेशक और मौजूदा प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रस्ताव पर सहमत नहीं होने की सलाह दी है। इसके पीछे उन्होंने मेट्रो की अक्षमता और कंगाली की आशंका को कारण बताया है। ई. श्रीधरन के मुताबिक, दिल्ली सरकार महिला यात्रियों की मदद करना ही चाहती है तो सीधे उनके खातों में पैसा डाल दिया जाए।



प्रधानमंत्री को 10 जून को भेजे पत्र में श्रीधरन ने लिखा है कि मेट्रो की सेवा शुरू होते वक्त फैसला किया गया था कि किसी भी यात्री को दिल्ली मेट्रो रियायत नहीं देगी। इसका स्वागत करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने खुद टिकट लेकर 23 दिसंबर 2002 को शाहदरा से कश्मीरी गेट तक पहली यात्रा की थी। प्रबंध निदेशक से लेकर निचले स्तर तक का मेट्रो स्टाफ भी यात्रा करता है तो वह उसका किराया चुकाता है। बकौल ई. श्रीधरन, दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है तो यह पूरे देश की मेट्रो के लिए खतरे की घंटी होगा। दिल्ली सरकार की सब्सिडी की दलील तार्किक नहीं है। इस योजना को लागू करने में अभी सरकार पर करीब 1000 करोड़ रुपये सालाना खर्च आएगा। आगे मेट्रो नेटवर्क बढ़ने और किराये में इजाफा होने से सरकार पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जाएगा।
छूट की बीमारी से हर प्रोजेक्ट पर पड़ेगा असर
ई. श्रीधरन के मुताबिक, योजना की सबसे खराब बात यह है कि एक बार इसके लागू होने से समाज के दूसरे जरूरतमंद लोग भी रियायत देने की मांग करेंगे। छात्र, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक आदि भी इस तरह की रियायत के ज्यादा हकदार हैं। इनकी तरफ से उठने वाली मांग को नजरअंदाज करना सरकार के लिए मुश्किल होगा। इससे बीमारी तेजी से न सिर्फ दिल्ली मेट्रो, बल्कि पूरे देश की मेट्रो में फैलती जाएगी। इसका सीधा असर होगा कि मेट्रो प्रदेश सरकार पर निर्भर हो जाएगी। ई. श्रीधरन का कहना है कि दिल्ली मेट्रो केंद्र और दिल्ली सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसका कोई एक हिस्सेदार समाज के किसी एक हिस्से को रियायत देने का फैसला एकतरफा नहीं ले सकता।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।
Astrology

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Delhi NCR

मोदी के सर्वदलीय बैठक में नहीं गए केजरीवाल, भेजा प्रतिनिधी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाए गए सर्वदलीय बैठक (देश, एक चुनाव) में नहीं जाएंगे।

19 जून 2019

विज्ञापन

भाबी जी घर पर हैं: अनीता जी ने लगाई तिवारी जी को डांट, जानिए क्या है कारण

अनीता जी की वापसी के बाद से शो भाबी जी घर पर हैं में ड्रामा और कॉमेडी का डोज़ और भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए देखते हैं

19 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election