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टीका लगने के बाद भी नहीं बरतनी होगी ढिलाई

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 01:47 AM IST
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नई दिल्ली। देश में कोरोना की दो वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है। दिल्ली सरकार ने भी टीकाकरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें वैक्सीन लगेगी और वह इस महामारी से मुक्त हो जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को लंबे समय तक कोरोना सेे खुद का बचाव करना होगा। इस दौरान लापरवाही बरतने पर टीके लगवाए व्यक्ति भी संक्रमित हो सकते हैं।
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सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि टीका एक निर्धारित समय के बाद ही शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाता है। हर व्यक्ति में यह अवधि अलग-अलग हो सकती है। टीके की पहली और दूसरी डोज लगनेे के बीच के अंतराल में भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो सकता है। वहीं, दूसरी डोज लगने के बाद प्रतिरोधक क्षमता बनने में चार से पांच सप्ताह का समय लग सकता है। इसलिए टीके की पहली डोज लगाने के बाद के कुछ महीनों तक भी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा। टीका लगने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि उससे कितने समय में एंटीबॉडी बन रही है और वह कब तक शरीर में रहेगी।

राजीव गांधी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि यह समझना गलत है कि टीका लगने के तुरंत बाद कोरोना के संक्रमण से बचाव हो सकेगा। ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों में आम धारणा है कि जब उन्हें टीका लग जाएगा तो वह तुरंत संक्रमण से प्रतिरक्षित हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। इसलिए जब तक शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता नहीं बन जाती, तब तक संक्रमण से बचाव करना ही होगा। जिन लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बन जाएगी, उनसे फिर दूसरों को संक्रमण नहीं होगा। इससे इस महामारी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। हालांकि पूर्ण टीकाकरण होने के बाद भी मास्क को जीवन का अहम हिस्सा बनाकर रखना होगा।
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वैक्सीन की दोनो डोज जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन की दोनो डोज लेना जरूरी है। पहली डोज इंसान के शरीर में एंटीबॉडी के उत्पादन को उत्तेजित करने का काम करती है, जबकि दूसरी डोज शरीर में एंटीबॉडी के उच्च स्तर को बनाए रखती है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर पीके सिंघल के मुताबिक, वैक्सीन की पहली डोज संक्रमण से आंशिक सुरक्षा प्रदान करती है। बेहतर सुरक्षा के लिए दूसरी डोज लेनी जरूरी है।
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दिल्ली में टीकाकरण
02 : बड़े भंडारण केंद्र
1.15 : करोड़ डोज रखने की क्षमा
01 : लाख लोगों को रोज लगेगी वैक्सीन
01 : हजार वैक्सीन बूथ बनाए जाएंगे
-600 कोल्ड चैन-
पांच हजार प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी
-150 डीप फ्रीजर मोबाइल वैन

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