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अलर्ट : दिल्ली में कोरोना की पांचवीं लहर की आशंका, विशेषज्ञों को जांच पर संदेह

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 12 May 2021 05:08 AM IST

सार

  • विशेषज्ञों ने चेताया, जांच की संख्या लगातार बढ़ानी होगी
  • इस बार कोरोना के यूके और डबल म्यूटेंट भी कर रहे प्रहार
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कोरोना टीकाकरण
कोरोना टीकाकरण - फोटो : पीटीआई

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विस्तार

राजधानी में कोरोना की पांचवीं लहर को लेकर चेतावनी मिलने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिन से राजधानी में कोरोना के नए मामले कम आने लगे हैं, जिससे दो बातें स्पष्ट होती हैं। पहला यह कि वर्तमान स्थिति से बाहर आने की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वहीं दूसरा यह कि बाहर निकलने के बाद हमने कोविड सतर्कता नियमों का पालन बरकरार नहीं रखा तो संक्रमण की पांचवीं लहर आने से कोई रोक नहीं सकता है। यह लहर कितनी प्रभावी होगी। इसके बारे में कोई वैज्ञानिक नहीं जानता। 
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विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि दिल्ली में कोरोना की जांच कभी सही ग्राफ में नजर नहीं आती है। यहां अचानक से अत्यधिक जांच होने लगती हैं और फिर एक दो दिन में 50 फीसदी तक नीचे आ जाते हैं।  गत 11 अप्रैल को 1.14 लाख सैंपल की जांच हुई थी। इसके बाद 14 अप्रैल को 1.08 लाख लेकिन उसके बाद से अब तक एक लाख के करीब जांच नहीं हुई है। बीते आठ मई को 74 हजार, नौ मई को 61 हजार फिर 10 मई को 66 और 11 मई को 70 हजार सैंपल की जांच हुई। 


महामारी विशेषज्ञ डॉ. दिव्येंदु त्यागी का कहना है कि पिछले वर्ष दिल्ली में कोरोना संक्रमण की तीन लहर देखने को मिली थीं। हर लहर पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक और प्रभावी भी रही। गौर करने वाली बात है कि साल 2020 में तब तीन लहर आई हैं जबकि पूरे देश में लंबे समय तक लॉकडाउन चला था। अभी बीते अप्रैल से कर्फ्यू जैसी स्थिति चल रही है लेकिन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जाएंगें तो स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन जैसा कुछ नहीं दिख रहा। लोग बाजारों में दिख रहे हैं।

उधर, दिल्ली के ही एक मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीर अंशु बताते हैं कि दिल्ली में चौथी लहर के दौरान यूके और डबल म्यूटेंट के मामले देखने को मिले हैं, जिनका असर सबसे सामने है। अभी तक के अध्ययनों से पता चला है कि यूके स्ट्रेन की वजह से लोगों में जो एंटीबॉडी विकसित हुई थीं, वह भी कम होने लगी हैं। ऐसे में हर्ड इम्युनिटी की चर्चा नाकाफी साबित हो रही है।

सरकार-जनता पर है पूरी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की अगली लहर आने से रोका जा सकता है। हालांकि इसकी जिम्मेदारी सरकार और जनता पर है। लोग कोविड नियमों का पालन करेंगे तो निश्चित ही कोरोना संक्रमण को बढ़ावा नहीं मिलेगा और सरकारें भी जनता के हित में कोविड सतर्कता संबंधी नियमों को मानेंगी तो उसका भी असर होगा।
 
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