फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा: खाड़ी देशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर करते थे ठगी, दो युवतियों समेत छह गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 25 Nov 2021 07:28 PM IST

सार

दिल्ली के विश्वास नगर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म पर नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने दो युवतियों समेत छह को गिरफ्तार किया है। 
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विस्तार

खाड़ी देशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले एक गैंग का शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ ने पर्दाफाश किया है। आरोपी फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये विदेश में नौकरी लगवाने का विज्ञापन देते थे। 
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पीड़ित उनके दिए गए नंबरों पर कॉल सेंटर में कॉल करते थे। यहां बेरोजगारों को जॉब का फर्जी ऑफर लेटर व वीजा दे दिया जाता था। बाद में इनसे मोटी रकम ऐंठ ली जाती। फिलहाल आरोपियों ने पिछले दो माह में 60 से 70 लोगों से ठगी की है।


पुलिस ने इस संबंध में दो युवतियों समेत कुल छह आरोपियों को दबोचा है। इनके पास से पुलिस ने 18 मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, पांच फर्जी सिमकार्ड, तीन लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि जिले के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि विश्वास नगर, 60 फुटा रोड के पास एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। जानकारी जुटाने के बाद इंस्पेक्टर विकास व अन्यों की टीम ने वहां छापेमारी की। वहां दो युवतियों के अलावा कुल छह लोग पुलिस को मिले। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। आरोपियों की पहचान अंकित गुप्ता, नवनीत जैन, विजय कुमार, जावेद सिद्दीकी और दो युवतियों के रूप में हुई। 

पूछताछ के दौरान अंकित गुप्ता ने बताया कि वह गैंग का मास्टर माइंड है। वह फेसबुक व दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खाड़ी देशों में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। विज्ञापन के साथ आरोपी अपने नंबर भी देते थे। देशभर से लोग विज्ञापन देखकर कॉल सेंटर में संपर्क करते थे। 

इसके बाद ऑन लाइन पीड़ितों से उनके कागजात मंगाए जाते थे। फर्जी ऑफर लेटर और वीजा दिखाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी। आरोपियों ने फर्जी पतों के आधार पर सिमकार्ड और बैंक खाते भी खुलवाए हैं।

उन खातों में ही रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि पिछले कुछ दिनों में करीब 300 लोगों ने इनसे नौकरी के लिए संपर्क किया। इनमें 60 से 70 लोगों यह चूना लगा चुके हैं। अंकित ने खुलासा किया कि उसको मुशर्रफ उर्फ गूंगा नामक शख्स एक हजार से 1500 रुपये में फर्जी सिमकार्ड उपलब्ध करवाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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