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Delhi : हैकर्स ने लॉक किया एम्स डाटा, अनलॉक करने के मांगे पैसे, धमकी- अगर 'होशियारी' दिखाई तो उड़ जाएगा सब

पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 10 Dec 2022 04:14 AM IST
सार

Delhi News : हैकर्स ने धमकी दी है कि डाटा को वही अनलॉक (डीक्रिप्टेड) कर सकते हैं। दुनिया में किसी भी मार्केट में ऐसा सॉफ्टवेयर नहीं है जो डाटा को अनलॉक कर सके। अगर किसी डाटा को अनलॉक करने की कोशिश की गई तो एम्स का पूरा डाटा उड़ जाएगा। 
 

Cyber attack
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विस्तार

हांगकांग के हैकर्स ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पूरे डाटा को लॉक (एनक्रिप्टेड) कर दिया है। साथ ही, धमकी दी है कि डाटा को वही अनलॉक (डीक्रिप्टेड) कर सकते हैं। दुनिया में किसी भी मार्केट में ऐसा सॉफ्टवेयर नहीं है जो डाटा को अनलॉक कर सके। अगर किसी डाटा को अनलॉक करने की कोशिश की गई तो एम्स का पूरा डाटा उड़ जाएगा। 



हैकर्स ने कहा है कि जितनी जल्दी पैसे मिलेंगे, उतनी जल्दी और कुछ ही समय में डाटा अनलॉक हो जाएगा। ये खुलासा कंप्यूटर सुविधा की प्रोफेसर इन इंचार्ज डॉ. पूजा गुप्ता की ओर से दिल्ली पुलिस को साइबर अटैक को लेकर दी गई गुप्त रिपोर्ट से हुआ है। वहीं, हैकर्स के पैसे मांगने पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में आईसीपी की धारा 385 (जबरदस्ती उगाही) जोड़ी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने कुछ दिन पहले अधिकारिक बयान जारी किया था कि हैकर्स की ओर से पैसा नहीं मांगा गया है।


हैकर्स ने एम्स के सर्वर पर दो ईमेल से 23 नवंबर की सुबह 7 बजकर 7 मिनट और 49 सेकंड पर साइबर अटैक किया था। इसके बाद एम्स का मेन सर्वर व एप्लीकेशन सर्वर पूरी तरह ठप हो गया था। एम्स के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, गुप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि एम्स की सभी फाइल्स (डाटा) को एक फोल्डर में आरएसए-2048 सॉफ्टवेयर से सुरक्षित रखा गया है। हैकर्स ने कहा है कि कितना पैसा देना है ये डाटा को रिपेयर करने पर निर्भर करेगा। जितने जल्दी पैसा मिलेगा, उतनी जल्द ही डाटा अनलॉक हो जाएगा। पैसे मिलते ही एम्स के आईटी विभाग को डाटा अनलॉक करने की चाबी भेज दी जाएगी।

तीसरी पार्टी के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल न करें
हैकर्स ने चेतावनी दी है कि डाटा को अनलॉक करने के लिए तीसरी पार्टी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल न करें। अगर ऐसा किया तो पूरा डाटा उड़ जाएगा। उनका प्रोग्राम सभी फाइल्स को कुछ ही मिनट में रिपेयर कर देगा और सर्वर पहले की तरह एकदम सही तरीके से काम करने लगेंगे। एम्स में इस मामले में एनआईसी को भी सूचित किया है।

साइबर अटैक से खराब सर्वर, फंसा पेशेंट केयर डैशबोर्ड

एम्स में उपचार करवाने आ रहे मरीज यदि घर बैठे खाली बिस्तरों की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें नए साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। एम्स में हुए साइबर अटैक के बाद ऑनलाइन सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। साथ ही, एक जनवरी तक शुरू होने वाली नई सेवाएं भी लंबे समय के लिए लटक गई हैं।

शुक्रवार को 17 दिन बाद भी एम्स की ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सका। सर्वर को सेंट्रल सर्विस से जोड़ने की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में पेशेंट केयर डैशबोर्ड सर्विस को ऑनलाइन सेवा शुरू होने के बाद ही चालू किया जा सकेगा। एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि पहले ऑनलाइन सेवाओं को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे बहाल होने में एक-दो सप्ताह का समय लग सकता है। बता दें कि एम्स के वार्ड, इमरजेंसी व अन्य जगहों पर भर्ती मरीजों की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए 25 दिसंबर से पेशेंट केयर डैशबोर्ड शुरू करने का फैसला लिया था। एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास के आदेश के तहत एम्स वेबसाइट पर इस उपलब्ध करवाना था।
यह होगी सुविधा

डैशबोर्ड सेवा शुरू होने के बाद मरीज घर बैठे सभी सामान्य व निजी वार्डों में खाली व भरे बेड की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा आपातकालीन विभाग में रोगी के प्रवेश व प्रतीक्षा की लाइव जानकारी, ओपीडी में फुटफॉल नए और फाॅलोअप ओपीडी मरीज, रेडियो डायग्नोस्टिक्स की स्थिति, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, डीएसए आदि जांच पर वेंटिग व अन्य की जानकारी मिल पाएगी।

यह सेवाएं भी होगी प्रभावित
चेहरे की पहचान से आईसीयू

एम्स के आपातकालीन विभाग में रियल टाइम निगरानी की सेवा प्रभावित होगी। एम्स निदेशक ने आदेश जारी कर इमरजेंसी में रोगी देखभाल उपकरण जिसमें मॉनिटर, वेंटिलेटर, इन्फ्यूजन पंप और कुछ आईसीयू केंद्रीय चार्टिंग से जुड़े हुए नहीं है, उनकी रियल टाइम निगरानी करने की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही, कहा था कि एक जनवरी से सभी आईसीयू में एकल प्रवेश और निकास होगा जो चेहरे की पहचान-आधारित प्रणालियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा, लेकिन सर्वर ठप होने से इन सुविधाओं को शुरू करने में भी और समय लगने का अनुमान है।

ई-कैजुअल्टी की सुविधा में भी देरी संभव
एम्स में एक अप्रैल 2023 से ई-कैजुअल्टी और ईएलसीयू चार्टिंग सुविधा आपातकालीन विभाग के सभी रेड और येलो एरिया बेड व आईसीयू पर लागू किया जाना था। यह सेवाएं भी आगे तक टलने की आंशका है।

टेली-कॉल सेंटर में भी डिले
31 दिसंबर तक एक टेली-कॉल सेंटर सुविधा भी शुरू की जानी थी। इस सेवा का फायदा आईसीयू में भर्ती मरीज के तीमारदारों को होगा। इसमें भी देरी की आंशका है।
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