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मैली यमुना में घुल रहा है जहर, मास्टर प्लान में सुझाए स्वच्छता के कई उपाय

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 10 Jun 2021 01:20 AM IST

सार

कालिंदी कुंज में यमुना में जहरीले झाग की परत साफ देखी जा सकती है। सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने के दावे लगातार करती रही है। 
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यमुना में जहर...
यमुना में जहर... - फोटो : ani

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विस्तार

सरकार के लाख दावों और कोशिशों के बाद भी दिल्ली में यमुना नदी साफ नहीं हो सकी है। प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा। कई जगह तो नदी नाले के समान लगती है और कई जगह इसके पानी में जहरीले झाग भी देखे जा सकते हैं। कालिंदी कुंज में यमुना में जहरीले झाग की परत साफ देखी जा सकती है। सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने के दावे लगातार करती रही है। 
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वैसेआपको बता दें कि दिल्ली के मास्टर प्लान-2041 में पर्यावरण पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत राजधानी में हरियाली की गुणवत्ता में सुधार के साथ यमुना प्रदूषण व पानी की बुनियादी जरूरतों पर भी जोर दिया गया है। साथ ही दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए साइकिल ट्रैक की भी आवश्यकता बताई गई है।  


मास्टर प्लान के मुताबिक, दिल्ली को हरा भरा शहर बताया गया है, लेकिन यहां हरियाली का वितरण असमान है। दिल्ली के कई स्थानों पर हरियाली की गुणवत्ता में भी सुधार की आवश्यकता बताई गई है। भूगौलिक व मानवीय कारणों की वजह से दिल्ली वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण से ग्रसित है। इससे स्थानीय जैव विविधता के साथ-साथ इंसानों को भी खतरा है।

डीडीए ने मास्टर प्लान में दिल्ली में पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर दिया है। मास्टर प्लान में कहा गया है कि पुन: उपयोग की कार्यनीति की कमी के कारण पानी बर्बाद होता है। इससे दिन-प्रतिदिन की बुनियादी जरूरतों पर भी प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि प्रति व्यक्ति पेयजल को 60 गैलन से कम कर 50 गैलन करने का प्रस्ताव दिया गया है और इसकी कमी को उपचारित पानी से पूरा करने का विचार है। 

मास्टर प्लान में दिल्ली में बिजली की खपत कम करने के साथ कचरे के उत्पादन कम करने का भी विचार है। कचरे का पुनर्चक्रण व नवीनीकरण ऊर्जा का प्रयोग करने के लिए सुझाव है। 

मास्टर प्लान में दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को अच्छा सार्वजनिक तंत्र बताया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में निजी वाहनों का प्रयोग व अनियमित पार्किंग वायु प्रदूषण के लिए कारक बन रही हैं। इसके लिए दिल्ली में साइकिल चलाने के लिए साइकिल ट्रैक  पर भी जोर दिया गया है। वहीं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। 

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