शरजील इमाम दिल्ली चुनाव में बनेंगे बड़ा मुद्दा, भाजपा नेताओं ने शुरू की बयानबाजी

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 29 Jan 2020 05:08 PM IST
Sharjeel Imam Delhi Police
Sharjeel Imam Delhi Police - फोटो : ANI
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भाजपा दिल्ली चुनाव को लगातार राष्ट्रवाद, शाहीन बाग, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के मुद्दों के इर्द-गिर्द लाने की कोशिश कर रही है। शरजील इमाम के विवादित बयान और दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी  के बाद उसे एक और बड़ा मुद्दा मिल गया है। भाजपा शरजील इमाम के मुद्दे को भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में जमकर उछालने की तैयारी कर रही है।
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भाजपा नेताओं ने अभी से इस मुद्दे पर अपनी लाइन लेनी शुरू कर दी है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को यह बताना चाहिए कि वह शरजील इमाम पर केस चलाने की इजाजत देंगे या नहीं? भाजपा नेता का यह बयान जेएनयू के ही छात्र कन्हैया से जोड़कर देखा जा रहा है। उन पर भी राजद्रोह का आरोप है, लेकिन दिल्ली सरकार की तरफ से इजाजत न मिल पाने के कारण उन पर अभी तक यह मामला नहीं चलाया जा सका है। अदालत ने दिल्ली सरकार के इस रुख पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी।

 
शरजील इमाम के कथित आपत्तिजनक भाषण के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कहा था कि अगर सरकार के पास उसके खिलाफ सबूत हों तो उन्हें उसे गिरफ्तार करना चाहिए। इस मामले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। इस बयान के बाद दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम को बिहार के जहानाबाद इलाके से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद बुधवार को उन्हें दिल्ली के पटियाला अदालत में पेश किया गया।

भाजपा नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार राष्ट्रवाद के मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। भाजपा नेताओं प्रवेश वर्मा, रमेश बिधूड़ी और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर इन मुद्दों पर लगातार कड़े बयान दे रहे हैं। भाजपा आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल से यह सवाल कर रही है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि वे शाहीन बाग और जामिया इस्लामिया के मुद्दे पर किस तरफ खड़े हैं। भाजपा इसे लेकर आगामी दो फरवरी से एक बड़ा अभियान भी चलाने वाली है। यह कोशिश चुनाव को सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण करने के लिहाज से की जा रही हो सकती है।

क्या कहा था शरजील इमाम ने

जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने शाहीन बाग में कथित रुप से यह बयान दिया था कि असम को हिंदुस्तान से अलग करने के लिए 'चिकेन नेक' पर कब्जा किया जाना चाहिए। उनके इस विवादित बयान के कारण उन पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों पर केस दर्ज कर लिया गया है।

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