दिल्ली : बैंक का सर्वर ठप कर एटीएम से निकाले 30 लाख, एक गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 03 Dec 2021 04:51 AM IST

सार

बदमाशों ने रास्पबेरी-पाई डिवाइस का किया इस्तेमाल। अपनी अवधि पूरा करने वाले एटीएम कार्ड से की निकासी।
गिरफ्त में आरोपी...
गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

केनरा बैंक का सर्वर बंद कर एटीएम से बदमाशों ने करीब 30 लाख रुपये निकाल लिए। इसके लिए रास्पबेरी-पाई डिवाइस से पहले बैंक के नर्वस सिस्टम सरीखे पूरे तंत्र को ठप किया और फिर अलग-अलग एटीएम से करीब 30 लाख रुपये निकाल लिए। निकासी के लिए बदमाशों ने अपनी अवधि पूरा कर चुके एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किया। इससे उपभोक्ता की पहचान कर पाना आसान नहीं रहा। बैंक की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एटीएम से पैसा निकालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अभी मामले का मुख्य आरोपी एक नाइजीरियन फरार है।
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साइबर क्राइम को इस ब्लाइंड केस की तह तक पहुंचना आसान नहीं था। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी के स्कूटी का नंबर तो मिल गया, लेकिन उस पते पर पहुंचने पर आरोपी नहीं मिला। पता चला कि आरोपी ने तीन साल पहले उस पते पर स्कूटी खरीदी थी और अब वह यहां से जा चुका है। 


पारंपरिक जांच का कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस ने वाहन में पंजीकृत मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी व्यक्ति के वर्तमान मोबाइल नंबर और पते का पता लगाने में जुट गई। तकनीकी निगरानी के दौरान उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में पंजीकृत पाया गया। आसपास की गैस एजेंसी का दौरा किया गया, लेकिन गैस एजेंसी डीलर द्वारा यह सुझाव दिया गया कि मोबाइल नंबर की सहायता से विशेष ग्राहक का विवरण केवल संबंधित गैस एजेंसी द्वारा प्रदान किया जा सकता है। उसके बाद टीम ने अथक प्रयास कर 10-15 गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड की जांच की। इसके जरिए पुलिस ने आरोपी के तारा नगर ककरौला के पते पर पहुंची और कृष्ण गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। 

जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि 12 नवंबर ख्याला थाना पुलिस को ए ब्लॉक ख्याला स्थित केनरा बैंक के एटीएम से डिवाइस के जरिए करीब 30 लाख रुपये की चोरी होने की शिकायत मिली। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी गुरसेवक सिंह और उपनिरीक्षक नवीन के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में किया, जिसमें दो व्यक्ति को मशीन के साथ छेड़छाड़ करते और पैसा निकालते हुए देखा गया। पुलिस ने एटीएम निकासी लेनदेन का विवरण लिया, जिसकी जांच में पता चला कि आरोपी डेड एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया। 

आरोपी के पास से बरामद
  • रास्पबेरी-पाई डिवाइस।
  • दो एटीएम कार्ड स्किमर डिवाइस।
  • दो एटीएम हिडन कैमरा पैनल।
  • एक डेड डेबिट कार्ड।
  • एक क्वांटम लैन एडाप्टर।
  • चार मोबाइल फोन।
  • एक स्कूटी और एक बैंक में जमा 83 हजार रुपये को जब्त किया। 

इस तरह करते थे निकासी
  • सबसे पहले ऐसे एटीएम की करते थे पहचान, जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होता था।
  • रास्पबेरी-पाई डिवाइस को एटीएम के सर्वर से किया जाता लिंक। इससे एटीएम का सर्वर बैंक के सर्वर से हो जाता था डिस्कनेक्ट। 
  • पुराने एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर पैसे की देता थे कमांड।
  • डेड कार्ड होने की वजह से बैंक सर्वर पैसा देने से मना कर देता था, लेकिन डिवाइस उसके इस आदेश को मशीन के सर्वर तक नहीं पहुंचने देती थी। 
  • नियत राशि की इस तरह से आरोपी करता था निकासी। इस काम में तकनीकी मदद नाइजीरियन करता था। 
  • नाइजीरियन ने ही आरोपी को मुहैया करवाई थी डिवाइस।
  • दस से पंद्रह फीसदी की रकम मिलती थी आरोपी को, जबकि बची राशि नाइजीरियन के पास।

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