बंगाली कलाकारों ने महिषासुर मर्दिनी से सामोंचित किया

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Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 01:54 AM IST

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नई दिल्ली। भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में 18वें दिन बंगाली कलाकारों ने महिषासुर मर्दिनी की प्रस्तुति से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। झारखंड की पुरुलिया छऊ डांस एकेडमी के कलाकारों द्वारा पेश किये गए इस नृत्य नाटिका को परेश प्रसाद परित ने निर्देशित किया था। इसके अलावा असमिया नाटक मणिमुग्धा, हिंदी में बालीगंज 1990 और टूथकुड़ी मैसाकर नाटक भी प्रस्तुत किए गए।
महिसासुर मर्दिनी छऊ शैली में चैत्र मास दुर्गा पूजा में प्रस्तुत किया जाने वाला पारंपरिक नृत्य नाट्य है। इसमें विशेष मुखौटे पहने कलाकारों ने मंच पर नृत्य के साथ अभिनय प्रस्तुत किया। इसके साथ बेहतरीन लाइटिंग ने लोगों को प्रभावित किया। वहीं मणिमुग्धा आसाम के सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभावों से प्रेरित ज्योति प्रसाद अग्रवाल द्वारा रचित नाटक रूपालिन का रूपांतरण था। बालीगंज 1990 एक रोमांचक कथा पर आधारित नाटक है जिसे अतुल सत्य कौशिक के निर्देशन में पेश किया गया। वहीं टूथकुड़ी मैसाकर एक नरसंहार की घटना पर आधारित सत्यचित्र है जिसे बाला सुब्रमण्यम नेे निर्देशित किया था।

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