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Trade Fair: व्यापार मेले में अरब देशों का जहाज उरूज भी पहुंचा, हजारों साल तक व्यापार के लिए किया गया इस्तेमाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 27 Nov 2022 06:48 AM IST
सार

बेपोर बंदरगाह के पास 700 साल से उरूज जहाज बनाने का चलन है। इसे सागौन की लकड़ी से बनाया जाता है। शशिधरन बताते हैं कि पहली बार यह जहाज अरब के व्यापारी केरल लेकर आए थे।

India International Trade Fair 2022
India International Trade Fair 2022 - फोटो : https://indiatradefair.com/
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विस्तार

ट्रेड फेयर में केरल पवेलियन के अंदर अरब का व्यापारिक जहाज उरूज भी पहुंचा है। शशिधरन इस जहाज को लेकर आए हैं। वह इस जहाज के छोटे नमूने यहां पर बना रहे हैं। उरूज का उपयोग हजारों साल तक अरबों द्वारा व्यापारिक जहाज के रूप में किया जाता था। केरल से मसाले ले जाने के लिए इसका सर्वाधिक इस्तेमाल करते थे। पेट्रोलियम ईंधन से चलने वाले जहाज बनने तक समुद्र में इसी  का उपयोग होता था। 


बाद में इसका बनना बंद हो गया। लेकिन केरल के बेपोर गांव में आज भी कुछ लोग इस जहाज को बनाते हैं। बेपोर बंदरगाह के पास 700 साल से उरूज जहाज बनाने का चलन है। इसे सागौन की लकड़ी से बनाया जाता है। शशिधरन बताते हैं कि पहली बार यह जहाज अरब के व्यापारी केरल लेकर आए थे। लेकिन इसकी बनावट आधुनिक उरूज से अलग थी। बाद में बेपोर के कारीगरों ने उरूज को मॉडिफाई कर अरब के व्यापारियों को दिया। केरल में बना उरूज ज्यादा सुरक्षित व मजबूत होने के कारण अरब के व्यापारियों को यह भा गया। बाद में अरब के व्यापारियों ने इसका उपयोग शुरू कर दिया। केरल पवेलियन की पहचान बना केरल पवेलियन के प्रवेश द्वार पर उरूज जहाज की बड़ी आकृति स्थापित की गई है, यह इस पवेलियन की पहचान है। प्रवेश द्वार से पवेलियन में घुसते ही सामने शशिधरन उरूज के नमूने तैयार कर रहे हैं। 


तेरहवीं पीढ़ी कठपुतली बना रही
केरल में पालकड़ जिले केे सोरनूर गांव के एक परिवार की तेरहवीं पीढ़ी हजारों साल से चमड़े की कठपुतली बनाकर इसका प्रदर्शन कर रही है। इस परिवार के रामचंद्र पुलवर को उनके इस काम के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनके बेटे राजीव पुलवर ट्रेड फेयर में आए हैं। वह केरल पवेलियन में कठपुतली बनाने के साथ शो भी कर रहे हैं। उनके पिता ने 45 देशों में पपेट शो किया है। वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग के छात्रों को पपेट मेकिंग की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।
 
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