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अंकित गुर्जर मौत मामला: नौ अधिकारियों समेत दो उपाधीक्षकों पर होगी कार्रवाई, तिहाड़ जेल कर्मचारियों की पाई गई लापरवाही

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 15 Sep 2021 01:52 AM IST

सार

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पर गया था कि गैंगस्टर अंकित गुर्जर द्वारा एक उपाधीक्षक को थप्पड़ मारने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने गुर्जर के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी।
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अंकित गुर्जर
अंकित गुर्जर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

तिहाड़ जेल के कैदी अंकित गुर्जर की मौत के मामले में दो उपाधीक्षकों और सात अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नौ जेल अधिकारियों में दो सहायक अधीक्षक, तीन हेड वार्डर और दो वार्डर भी शामिल हैं। अंकित की मौत की विभागीय जांच में कुछ जेल कर्मचारियों की ओर से लापरवाही पाई गई थी। उक्त मामले में डीआईजी ने जांच में लापरवाही पाई है। 
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जेल के डीआईजी संदीप गोयल के मुताबिक, जांच में लापरवाही बरतने वाले नौ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इनमें से चार को पहले ही निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जेल के डॉक्टरों की लापरवाही की रिपोर्ट दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। 


गुर्जर 4 अगस्त को तिहाड़ जेल में अपने सेल के अंदर मृत पाए गए थे, जबकि उनके दो पूर्व साथी बगल के लॉकअप में घायल पाए गए थे। इसके बाद परिवार ने अधिवक्ता महमूद प्राचा और शारिक निसार के माध्यम से दायर एक याचिका में गुर्जर को जेल अधिकारियों द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया था। परिवार का आरोप था कि गुर्जर पुलिस द्वारा मांगे जा रहे पैसों की मांग को पूरा करने में असमर्थ थे ऐसे में उनकी पूर्व नियोजित साजिश के द्वारा हत्या कर दी गई है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने गुर्जर को लगी चोट की प्रकृति को देखते हुए हिरासत में हिंसा का मामला बताया था। 

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पर गया था कि गैंगस्टर द्वारा एक उपाधीक्षक को थप्पड़ मारने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने गुर्जर के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। तिहाड़ के अधिकारियों ने पहले कहा था कि तीनों कैदी 3 अगस्त की रात तक एक ही सेल में बंद थे, उनके सेल के बाहर से एक मोबाइल फोन मिलने के बाद जेल कर्मचारियों के साथ उनका झगड़ा हुआ था। इसके बाद गुर्जर को दूसरे सेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसी सेल से गुर्जर का शव बरामद हुआ था। 

घटना के बाद से उपाधीक्षक सहित चार जेल अधिकारियों को  लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया था और आठ अन्य को सेंट्रल जेल नंबर 3 से स्थानांतरित कर दिया गया था।वहीं इस घटना के बाद से दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक 28 वर्षीय व्यक्ति सतेंदर उर्फ सत्ते को गिरफ्तार किया था। सतेंदर गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए एक वरिष्ठ जेल अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था। सत्ते ने अपने सहयोगी से तिहाड़ जेल के एक उपाधीक्षक को खत्म करने के लिए एके-47 राइफल खरीदने को कहा था। इसे लेकर एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। 

अलग-अलग सेल में भिड़े दो कैदी, घायल
तिहाड़ जेल के दो विचाराधीन कैदी अलग-अलग घटनाओं में साथी कैदियों द्वारा धारदार वस्तुओं से हमला करने से घायल हो गए। दोनों हमले जेल नंबर तीन में हुए हैं। 

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार को धोखाधड़ी के एक मामले में बंद कैदी विकास ढुल पर विकास चोपड़ा ने सर्जिकल ब्लेड से हमला किया था। हमले में धुल के चेहरे पर चोटें आई हैं। इलाज के बाद अब आरोपी की हालत स्थिर है। वही इसके एक दिन बाद विचाराधीन कैदी विजय पर साथी कैदी दिनेश ने हाथ से बने नुकीले धातु के टुकड़े से हमला किया। हमले में विजय की पीठ और छाती में चोट आई है जिसके बाद उन्हें डीडीयू अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया था यहां इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है।पुलिस ने हरी नगर थाना में मामला दर्ज कर लिया है जिसके बाद मामले को लेकर जांच की जा रही है।

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