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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात
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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात

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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

गाजियाबाद : जयपुरिया मॉल की दूसरी मंजिल पर लगी भीषण आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम के जयपुरिया मॉल की दूसरी मंजिल पर भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं। कड़ी मशक्कत के बाद अब आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सही वक्त पर मॉल को खाली करा लिया गया। 

आपको बता दें कि मॉल के दूसरे फ्लोर पर आग लगी और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हादसे में जनहानि की कोई खबर नहीं है। आग लगने की घटना के बाद मॉल के पास बड़ी संख्या में लोग जुट गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई है। पुलिस भीड़ को काबू करने में जुटी है। 

सीएफओ सुनील सिंह के अनुसार दोपहर 3.37 बजे दमकल विभाग को आग की सूचना मिली। सूचना मिलते ही चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। सीएफओ ने जानकारी दी कि जयपुरिया मॉल की दूसरी मंजिल पर स्थित फंक्शनल फिटनेस जिम का उद्धघाटन होना था। माता की चौकी की तैयारी हो रही थी। तभी अचानक आग लग गई। आग पूरी तरह से काबू कर ली गई है। यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। चूंकि वहां तेजी से आग पकड़ने वाले सामान थे, जिसकी वजह से आग बढ़ गई। 

सीएफओ सुनील सिंह के अनुसार जिस वक्त आग लगी उस वक्त हॉल की ओपनिंग के कारण बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन जल्दी से जल्दी सभी को वहां से निकाल लिया गया। आग पर काबू पा लिया गया है और इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।

सीएफओ ने ये भी जानकारी दी कि मॉल का अग्निशमन विभाग काफी अलर्ट था और आग बुझाने के उपकरणों की उचित व्यवस्था की वजह से समय रहते दमकल विभाग की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया।
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जयपुरिया मॉल के टॉप फ्लोर पर लगी आग जयपुरिया मॉल के टॉप फ्लोर पर लगी आग

दिल्ली में कोरोना बेकाबू: केजरीवाल बोले- रद्द हों सीबीएसई की परीक्षाएं, 24 घंटे में रिकॉर्ड 13500 संक्रमित

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 13,500 मामले सामनेे आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत ज्यादा मामले हैं, कुछ समय बाद पूरे डाटा के साथ ये आंकड़ा जारी किया जाएगा। ऐसे में उन्होंने केंद्र से अपील की है कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि इस बार की लहर में युवा और बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में उन्होंने युवाओं से अपील की है कि आप ज्यादा बाहर न निकलें, बहुत जरूरी हो तो ही बाहर निकलें। अगर निकलें तो कोरोना के हर नियम का पालन करें। अगर वैक्सीन के पात्र हैं तो वैक्सीन लगवा लें।




कैंसिल हो सीबीएसई की परीक्षा
इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की सुरक्षा की चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से अपील की है कि परीक्षा रद्द की जाए। इसके लिए कोई और तरीका भी ढूंढा जा सकता है। या तो ऑनलाइन परीक्षा हो या कोई और रास्ता निकाला जाए। उन्होंने कहा, सीबीएसई की परीक्षा आने वाली है, जिसमें छह लाख बच्चे एग्जाम में बैठेंगे। एक लाख टीचर्स इसमें शामिल होंगे, ये बड़ा खतरा बन सकता है। केंद्र सरकार से अपील है कि सीबीएसई के एग्जाम कैंसिल करना जरूरी है।

लॉकडाउन लगाना नहीं चाहते
हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते। बड़ी प्लानिंग कर रहे हैं, बड़े बैंक्वेट और होटल को अटैच कर रहे हैं, कम बीमारी वाले मरीजों को बैंक्वेट हॉल में शिफ्ट करेंगे। किसी को ऑक्सीजन की जरूरत होगी, तो बैंक्वेट होल में भी इलाज हो सकता है। केजरीवाल ने बताया कि बेड की कैपेसिटी क्रिएट कर रहे हैं, कुछ सरकारी और प्राइवेट अस्पताल को 100 प्रतिशत कोविड डिक्लेयर किया है। सभी से सहयोग की अपेक्षा है। उम्मीद करता हूं कि अस्पताल वाले मदद करेंगे।

ऐसे होगा अस्पताल का प्रबंधन
केजरीवाल ने बढ़ते केसों के दौर में अस्पताल और बेड प्रबंधन कैसे हो इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, नॉन कोविड बीमारी, प्लान्ड सर्जरी को डिले किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी की बीमारी गंभीर है तो उसके लिए अब भी अस्पतालों में पूरा इंतजाम है। अगर हमने अस्पताल को मैनेज कर लिया, तो इस लहर पर अच्छे से पार पा लेंगे। एक-एक मरीज जो अस्पताल में हैं, उन्हें डॉक्टर चेक कर रहे हैं, यदि वे घर में ठीक हो सकते हैं, तो अस्पताल का बेड खाली करें।

केजरीवाल ने कहा कि, मरीज घर जाएंगे, तब भी मॉनिटर करेंगे। ऑक्सीमीटर देकर भेजेंगे। तबीयत खराब होने पर फिर अस्पताल में भर्ती करेंगे। अगर बेड की जरूरत नहीं है, तो घर में इलाज करवाएं। सभी से अनुरोध है कि डॉक्टर की सलाह के मुताबिक सहयोग करें। सबकी जान कीमती है। सभी को बचाना है।

प्लाज्मा डोनेशन के लिए भी की अपील
केजरीवाल ने कहा, पिछली बार लोगों ने बढ-चढ़कर प्लाज्मा डोनेट किया था। अब फिर स्टॉक में प्लाज्म कम है। रोजाना प्लाज्मा की डिमांड आ रही है। सभी से निवेदन है कि जो कोरोना से ठीक हुए हैं, वे प्लाज्मा डोनेट करें। यही समय है, जब हम स्वार्थ छोड़कर एक-दूसरे की मदद करें। दिल्ली वाले हम सब एक परिवार हैं।
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इंजेक्शन की किल्लत: दिल्ली की दवा दुकानों में नहीं मिल रहा रेमडेसिविर, ब्लैक में बिक रहा 10 हजार रुपये प्रति डोज

राजधानी के कई अस्पतालों में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाला रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संक्रमितों के परिजनों को भटकना पड़ रहा है। कुछ लोगों को दिल्ली में इसके ब्लैक में उपलब्ध होने की बात कही गयी। लगभग 1500 से 4 हजार रुपये की कीमत वाले इस इंजेक्शन को लोग बाजार में पांच से लेकर 10 हजार रुपये तक खरीदने में मजबूर हैं।

दिल्ली के एक निजी बैंक में काम करने वाले विशाल के भाई को शुक्रवार को महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की छह डोज लाने के लिए कहा। इंद्रजीत ने करीब दो दिन तक कई अस्पतालों में और दवाओं की दुकानों पर संपर्क किया, लेकिन कहीं भी इन्जेक्शन नहीं मिला। उनके एक रिश्तेदार को किसी ने 10 हजार रुपये में इंजेक्शन की एक डोज देने की बात कही जबकि इसकी कीमत लगभग 2800 रुपये ही थी है। 

मरीज की जान बचाने के लिए परिवार तैयार हो गया लेकिन इंजेक्शन देने वाले ने सिर्फ दो डोज देने और बाकी डोज कल देने के लिए कहा। इसके वे बाद रोहिणी के एक निजी अस्पताल में केमिस्ट की दुकान पर गए तो उन्हें वहां 5500 रुपये में रेमडेसिविर का इंजेक्शन दिया गया। उन्होंने मरीज की जान बचाने के लिए काफी महंगी कीमत पर इंजेक्शन लिया। उन्हें इसका बिल भी नहीं दिया गया। 
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दिल्ली: नाइट कर्फ्यू में चल रही थी पार्टी, बार में अंदर घुसी पुलिस तो डीजे पर लड़के-लड़कियां...

दिल्ली में कोरोना अनियंत्रित होता जा रहा है। ऐसे में भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। कालकाजी इलाके में रविवार रात को बार कम रेस्टोरेंट में पार्टी चल रही थी। कालकाजी थाना पुलिस व एसडीएम की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। पार्टी में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। पार्टी में नाइट कर्फ्यू और सामाजिक दूरी का ना तो पालन हो रहा था और न ही किसी ने मास्क पहना हुआ था। कालकाजी थाना पुलिस ने नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने का मामला दर्जकर छह महिलाओं समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 लड़के और रेस्टोरेंट के 11 कर्मचारी शामिल हैं। रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ई-ब्लाक, कालकाजी में एक बार में पार्टी का आयोजन किया गया था। एसडीएम को इसकी सूचना मिली थी। एसडीएम ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कालकाजी थाना पुलिस ने एसडीएम की टीम के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब पुलिस टीम ने बार के अंदर प्रवेश किया तो डीजे पर डांस किया जा रहा था। पुलिस ने मैनेजर से पार्टी होने से संबंधित कागजात मांगे तो वह कुछ भी दिखा नहीं पाया। पुलिस टीम ने बार को बंद करवा कर पार्टी कर रहे दस लड़के, छह लड़कियां व बार के 11 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि ये बार वर्ष 2019 से चल रहा है। उस समय दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त के बेटे की बार में हिस्सेदारी थी। फिलहाल बताया जा रहा है कि एसीपी के बेटे की अभी कोई हिस्सेदारी नहीं है। शुरू में कहा गया था कि बार मालिक ने एसडीएम के साथ हाथापाई की। डीसीपी का कहना है कि इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। 
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सख्त हुई पुलिस: नवरात्र और रमजान को लेकर तैयारी पूरी, बनाई गई स्पेशल टीमें, 24 घंटे रखेंगी निगरानी

सांकेतिक तस्वीर
देश भर में कोरोना महामारी के बीच मंगलवार से नवरात्र और रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। देश के कई राज्यों के अलावा राजधानी में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में नवरात्र और रमजान की वजह से मंदिरों व मस्जिदों में भीड़ बढ़ना लाजमी है। इन त्योहारों के बीच पुलिस और जिला प्रशासन के लिए महामारी के दौरान नियमों का पालन करवाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कोरोना पर काबू पाने के लिए हर हाल में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के दिशा निर्देशों को लागू करवाया जाएगा। इसके लिए दिल्ली के हर जिले में विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है, जो पूरे 24 घंटे हर इलाके में नजर रखेंगी। नाइट कर्फ्यू का भी हर हाल में पालन करवाया जाएगा। फिलहाल किसी भी धार्मिक स्थल बाजार या किसी अन्य स्थानों पर भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत नहीं है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्स से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नवरात्र और रमजान की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है। हर जिले के डीसीपी ने अपने-अपने इलाके के थाना प्रभारियों को बुलाकर पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए थे। खुद सभी जिलों के डीसीपी ने मंदिर, मस्जिद, अमन कमेटी, आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए, मोहल्ला सुधार कमेटी के साथ बैठक कर उनको डीडीएमए के आदेशों का पालन करवाने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस को इन सभी की ओर से सहयोग का आश्वासन भी मिला है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सोशल मीडिया व संचार के दूसरे माध्यमों से भी लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के इस अभियान का आम लोगों की ओर से समर्थन और सहयोग भी मिल रहा है। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर थाने में 10 से 15 टीमें बनाकर जगह-जगह औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा मास्क न लगाने वालों, सामाजिक दूरी का पालन न करने वालों, जगह-जगह थूकने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन भी अपनी-अपनी टीमें बनाकर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहा है।






धार्मिक स्थलों में पुलिस को हो रही दिक्कत...
पुलिस सूत्रों के मुताबिक डीडीएमए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी जगह पर भीड़ इकट्ठा करने पर पूरी तरह पाबंदी है। बाजारों व दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर भी पुलिस या जिला प्रशासन लोगों पर एक्शन ले रहा है, लेकिन धार्मिक स्थलों के भीतर इन नियमों का पालन करवाने में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस या जिला प्रशासन यदि किसी धार्मिक स्थल पर जांच के लिए अंदर जाएगा तो निश्चित ही वहां लोगों को इस पर ऐतराज होगा। ऐसे में इन जगहों पर लोगों को खुद ही सावधानी बरतना चाहिए या धार्मिक स्थल प्रशासन को डीडीएमए के नियमों का पालन खुद ही करवाना चाहिए। नियमों का पालन करने के बाद ही बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।

रमजान को लेकर मस्जिदों में सभी तैयारी पूरी...
रमजान का महीना शुरू होते ही मस्जिदों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। कोविड की वजह से मस्जिद कमेटियों ने लोगों से एहतियात बरतने और सरकारी आदेशों का हर हाल में पालन करने का कहा है। अन्य दिनों के मुकाबले रमजान में अचानक भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मस्जिद कमेटी ने लोगों से अपील की है कि बैगर मास्क लगाए मस्जिदों में दाखिल न हों। मस्जिद आने वाले लोगों का गेट पर ही तापमान नापने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोगों से मस्जिदों में सामाजिद दूरी का पालन करने के लिए भी कहा जा रहा है। जो लोग गलती से घर पर मास्क भूल गए हों उनके लिए मस्जिद में मास्क का भी इंतजाम किया जा रहा है। इसके इलावा मस्जिद में सिर्फ फर्ज नमाज अदा करने के लिए गया गया है। बाकी नमाज अपने-अपने घरों में ही अदा करने के लिए कहा गया है। रविवार को जाफराबाद इलाके में मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना शमीम अहमद कासमी की अध्यक्षता में एक मीटिंग की गई। उसमें तय किया गया कि रात की नमाज (ईशा की नमाज) के बाद होने वाली तरावीह को हर हाल में रात 10 बजे से पहले अव्वल वक्त में पूरा कर लिया जाएगा।

नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई...
. मास्क न पहनने पर चालान-3101
. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के चालान-48

नाइट कर्फ्यू का डाटा...
. नाइट कर्फ्यू के दौरान केस दर्ज-222
. 65डीपी एक्ट/107/151 में कार्रवाई-2523
. कोविडनियमों का उल्लंघन पर चालान-520
(नोट: कोविड नियम तोड़ने वालों का डाटा 11 अप्रैल का है, इसके अलावा नाइट कर्फ्यू का डाटा 10 और 11 अप्रैल की रात का है।)

सभी जिलों के डीसीपी को आदेश दिया गया है कि वह डीडीएमए के आदेशों का सख्ती से पालन करवाएं। त्योहारी सीजन में भी नियमों का सख्ती से पालन करवाए जाएगा। दिल्ली पुलिस सभी से अपील करती है कि वह नियमों का पालन कर इस महामारी से बचने में एक-दूसरे की मदद करें। -चिन्मय बिश्वाल, प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस
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चौथी लहर बेहद खतरनाक : दिल्ली में कोरोना के रिकॉर्ड 11491 नए मामले, 79 मरीजों की मौत 

राजधानी में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह में ही 50 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, सोमवार को कोरोना के रिकॉर्ड 11,491 नए मामलों की पुष्टि हुई। जबकि, 79 लोगों की मौत हो गई। पिछले साल मार्च में संक्रमण की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार है जब एक दिन में इतने मामले आए हैं, वहीं, मौत का आंकड़ा भी नवंबर के बाद सर्वाधिक है। कोरोना से संक्रमण दर भी 12 फीसदी से ज्यादा हो गई।

 स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सोमवार को 7665 लोग स्वस्थ हुए। दिल्ली में अब कुल  मरीजों की संख्या 7,36,688 पहुंच गई है। इसमें से 6,87,238 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 11,355 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण से मृत्युदर 1.54 फीसदी है। वहीं, कुल संक्रमण दर 4.71 फीसदी है। सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 38,095 हो गई है। इसमें से 6940 अस्पतालों में भर्ती है। होम आईसोलेशन में 19,354 रोगियों का और कोविड केंद्रों में 310 मरीजों का इलाज चल रहा है।

विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 92,397 लोगों की जांच की गई। आरटीपीसीआर तरीके से 65,564 और रैपिड एंटीजन से प्रणाली से 26,833 टेस्ट हुए। अब तक 1 करोड़ 56 लाख 50 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 6175 हो गई है।

वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 14 निजी अस्पतालों को कोविड विशेष घोषित कर दिया है। वहीं, 19 निजी अस्पतालों में 80 फीसदी और 82 अस्पतालों में 60 फीसदी आईसीयू बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए गए। वहीं छह सरकारी अस्पताल में 593 बेड कोविड मरीजों के लिए बढ़ाए गए। 
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दिल्ली : बेटा 61 वर्षीय बुजुर्ग पिता पर करता था संदेह, चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उतारा मौत के घाट

फतेहपुरबेरी थाना इलाके में बेटा अपने 61 वर्षीय बुजुर्ग पिता पर अवैध संबंध रखने को लेकर संदेह करता था। इस बात पर पिता-पुत्र में आए दिन झगड़ा होता था। बेटे ने रविवार रात को हुए झगड़े में पिता पर चाकू से ताबड़तोड़ कर दिए। उसने पिता के ऊपर चाकू से छह से ज्यादा वार किए। इसके बाद वह पिता को इलाज कराने अस्पताल भी ले गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मनोहर की मौत हो गई। फतेहपुरबेरी थाना पुलिस ने मामला दर्जकर बेटे बलवान उर्फ विक्की(29) को गिरफ्तार कर लिया।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार मूलरूप से गांव मोहनोर, मथुरा यूपी निवासी मनोहर(61) जौनापुर गांव में रहते थे। मनोजर दिल्ली नगर निगम से चतुर्थ श्रेणी के पद से रिटायर हुए थे। उसके पत्नी की कुछ महीने पहले मौत हो गई थी। साथ में बेटा बलवान अपने बच्चों के साथ रहता है। बलवान शराब पीने का आदि है। इस कारण कुछ समय पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी। बलवान कुछ भी नहीं करता था और पिता से आए दिन शराब आदि के लिए पैसे मांगता था। 

बुजुर्ग मनोहर को पेंशन मिलती थी। जब पिता उसे पैसे नहीं देता था तो वह कहता था कि उसके कहीं और संबंध हैं और अपनी पेंशन के पैसे वहां खर्च करता है। रविवार रात को दोनों शराब पी रहे थे। पैसे लेन-देन को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। इस झगड़े में बलवान ने मनोहर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पास में ही मनोहर की बेटी व भाई रहते हैं। इनके साथ बलवान मनोहर को एम्स के ट्रामा सेंटर ले गया। 

पुलिस ने मनोहर के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजना शव को मथुरा लेकर रवाना हो गए। फतेहपुरबेरी थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर सीएल मीणा व रिऋकिश की टीम ने बलवान को अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया।
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कोरोना: चौथी लहर से दिल्ली बेहाल, अस्पताल में बेड की उपलब्धता पर स्वास्थ्य मंत्री ने कही यह बात

दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलोें को देखते हुए केजरीवाल सरकार नित नए फैसले ले रही है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने आज बेड की उपलब्धता के बारे में बताया और कहा कि इस बार कोरोना के मामले नए स्तर पर पहुंच गए हैं और इस बार लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

सत्येंद्र जैन ने कहा, दिल्ली में नए लेवल पर कोरोना के मामले पहुंच गए हैं, सभी से अपील है कि जब जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। हम बेड लगातार बढ़ा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में हमने 5,000 बेड बढ़ाएं हैं, आज भी 50 प्रतिशत बेड उपलब्ध हैं इसे हम और बढ़ा रहे हैं।

दिल्ली के कोविड केयर सेंटर में 5,525 बेड दिल्ली सरकार के हैं जिसमें से दो प्रतिशत बेड भरे हुए हैं और बाकि खाली हैं। केंद्र सरकार से हमने निवेदन किया है कि जिस लेवल पर पहले बेड उपलब्ध थे वैसे फिर से करें। उनके पास अभी 1,090 बेड हैं जबकि पहले 4,000 से ज्यादा थे।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के रिकॉर्ड 10,774 नए मामले आये जो राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन में अब तक का सर्वाधिक मामला है।

मंत्री ने कहा, ‘मामलों में तेज वृद्धि को देखते हुए केंद्र को एक बार फिर दिल्ली के अस्पतालों में कोविड बेड बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है। दिल्ली के अस्पतालों में अब तक करीब 1,090 बेड हैं जो संक्रमण की पिछली लहर के दौरान 4,000 से अधिक थे। इसलिए हमने उसी स्तर पर अस्पतालों में बेड बढ़ाये जाने का अनुरोध किया है।’

वेंटीलेटर की आवश्यकताओं के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा, ‘अस्पतालों में करीब 50 प्रतिशत बेड अब भी उपलब्ध हैं, वेंटिलेटर बेड पर मरीज हो सकते हैं लेकिन उनमें से कुछ ही मरीज वेंटिलेटर पर हैं।’
 

 
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कोरोना : दिल्ली हाईकोर्ट के तीन जज पॉजिटिव, बार एसोसिएशन का दफ्तर 20 अप्रैल तक बंद

कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद हाईकोर्ट के तीन जज कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। तीनों अब अपने घरों में आईसोलेट हो गए है। बताया जाता है कि दो अन्य में भी संदिग्ध लक्ष्ण पाए गए है। उधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी अपना कार्यालय 20 अप्रैल तक बंद कर दिया है।

बताया जा रहा है कि तीनों जजों को पिछले दिनों हल्का बुखार आया था और इसी के तहत उन्होंने टैस्ट करवाया था। तीन जजों को कल उनकी टेस्ट रिपोर्ट मिली जिसमें उन्हें पोजिटिव बताया गया। इसी कारण तीनों जज सोमवार को अदालत में नहीं आए। सूत्रों ने बताया कि दो अन्य जजों ने भी बुखार आने पर अपना टैस्ट करवाया है फिलहाल नहीं रिपोर्ट नहीं आई है।

हाईकोर्ट ने कोरोना के संक्रमण बढ़ने के बाद फिजिकल सुनवाई बंद कर 24 अप्रैल तक विडियों कांफ्रेंसिंग सिस्टम से ही सुनवाई करने का निर्णय लिया था। उधर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 20 अप्रैल तक अपना कार्यालय बद कर दिया है। एसोसिएशन के सचिव अभिजात ने कहा कि यह निर्णय मात्र बढ़ते मामलों को देखते हुए किया गया है। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि कुछ वकील कोरोना संक्रमित पाए गए है।



सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी कर्मचारी संक्रमित
अब कोरोना का प्रकोप देश की सर्वोच्च अदालत में भी दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट के 50 फीसदी से अधिक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। इसके बाद फैसला किया गया है कि सोमवार से सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट को सैनिटाइज किया जा रहा है।
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