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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
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एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

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Digital Edition

दिल्लीः 24 घंटे में सामने आए कोरोना के 635 नए मामले, 14 हजार के पार हुई संक्रमितों की संख्या

देश की राजधानी दिल्ली में आज 635 नए मामले सामने आए हैं। यह लगातार सातवां दिन है जब 500 या उससे अधिक कोरोना के मामले सामने आए हैं। वहीं दूसरी बार है जब राजधानी में एक दिन में 600 के पार केस आए हैं। इससे पहले बीते सप्ताह 24 घंटे में 660 केस सामने आए थे।

गौरतलब है कि अब दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या 14053 हो गई है। इसमें से 6771 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं, वहीं कुल 276 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। दिल्ली में इस समय 7006 मामले सक्रिय हैं। इस समय दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में 2053 मरीज भर्ती हैं जबकि 187 आईसीयू में हैं। कुल 29 मरीज वेंटीलेटर पर हैं।

बीते सात दिनों में आए केस
19 मई    500
20 मई    534 
21 मई    571 
22 मई    660
23 मई    591
24 मई    508
25 मई    635
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एनटीपीसी-ओएनजीसी ने बनाई संयुक्त कंपनी

नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) लिमिटेड और ऑयल एड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) लिमिटेड ने अक्षय ऊर्जा कारोबार के लिए एक संयुक्त कंपनी बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के माध्यम से दोनों कंपनियों अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी। 

इस समझौते पर एनटीपीसी के डायरेक्टर (कमर्शियल) एके गुप्ता और ओएनजीसी के डायरेक्टर फाइनेंस और इंचार्ज बिजनेस डेवलपमेंट एंड ज्वाइंट वेंचर सुभाष कुमार ने हस्ताक्षर किए। वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग से हुए इस समझौते के दौरान एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह और ओएनजीसी के सीएमडी शशि शंकर भी मौजूद रहे। समझौते के मुताबिक, नई कंपनी भारत और विदेश में समुद्रतटीय क्षेत्र में पवन ऊर्जा और अन्य लगाएगी। कंपनी अक्षय ऊर्जा के अन्य माध्यमों में भी हाथ आजमाएगी। एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी ऊर्जा उत्पादक कंपनी है।
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दिल्ली सरकार ने 15 निजी स्कूलों को जारी किए हैं नोटिस

दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिन गैर सहायता प्राप्त निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं मिल रही, उनके खिलाफ शिक्षा विभाग कार्रवाई कर रहा है। ऐसे 15 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निशुल्क: लैपटॉप, आई पैड या स्मार्ट फोन, हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा के साथ मुहैया क्यों नहीं कराए गए? शिक्षा विभाग ने कोर्ट को आश्वासन दिलाया कि ईडब्ल्यूएस या वंचित समूह के सभी छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस दी जाएंगी।

निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से संबंधित सुविधाएं मुहैया नहीं कराने पर जस्टिस फॉर ऑल एनजीओ की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने 8 मई को दिल्ली और केन्द्र सरकार समेत संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा था। 

याचिका में कहा गया कि लॉकडाउन के कारण स्कूलों द्वारा शिक्षा के लिए ऑनलाइन क्लासेस सिस्टम शुरू किया गया। लेकिन ईडब्ल्यूएस और वंचित समूह के छात्रों के पास लैपटॉप, आई पैड या स्मार्ट फोन नहीं होने की वजह से वे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। याचिका में दावा किया गया कि ऐसा होने से करीब 50 हजार छात्रों के भविष्य पर असर पड़ेगा। इसलिए छात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

याचिका के जवाब में दिल्ली सरकार के वकील रमेश सिंह ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की ओर से गैर सहायता प्राप्त निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। निदेशालय ने 29 अप्रैल को ही सभी निजी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर कहा था कि आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित समूह या विशेष जरूरत वाले छात्र किसी भी हालत में ऑनलाइन क्लासेस से वंचित ना रहें। उन्हें सामान्य वर्ग के छात्रों की तरह सभी सुविधाएं देना अनिवार्य है। 
 
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यालय का एक कर्मी कोरोना पॉजिटिव

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के दफ्तर का एक कर्मी संक्रमित
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के दफ्तर में कार्य करने वाला एक कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाया गया है। उसकी कोरोना रिपोर्ट कल आई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

केजरीवाल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना से लड़ने के लिए दिल्ली के तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों ने बढ़ते कोरोना के मामलों से चिंतित न होने की अपील की है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि राजधानी में लॉकडाउन से जो छूट मिल रही है उससे घबराइए मत।

दिल्लीः एम्स के सीनियर सैनिटेशन सुपरवाइजर की कोरोना से मौत
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सीनियर सैनिटेशन सुपरवाइजर की बीती रात कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वह 52 वर्ष के थे। उन्हें यहां चार दिन पहले भर्ती कराया गया था। वह ड्यूटी के दौरान हर तरह के एहतियात बरतते थे लेकिन फिर भी वह संक्रमित हो गए।

दिल्ली से आने-जाने वाली 80 उड़ानें रद्द
दिल्ली से आने-जाने वालीं 80 उड़ानें आज रद्द कर दी गईं। इनमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और चेन्नई की फ्लाइट शामिल हैं। दरअसल बीते दिनों बंगाल में चक्रवाती तूफान के कारण प्रदेश में बहुत तबाही मची जिस कारण यहां के लिए उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही चेन्नई ने रोजाना सिर्फ 25 यात्रियों को फ्लाइट से आने की अनुमति दी है जिसके चलते यहां की भी कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।


दोपहर 12 बजे केजरीवाल करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज दोपहर 12 बजे डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वह कोरोना से निपटने की तैयारियों को लेकर बात करेंगे।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने घर से अदा की ईद की नमाज 
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने लॉकडाउन के चलते घर से ईद की नमाज अदा की। उन्होंने कहा कि, पूरे देशवासियों को दिल की गहराइयों से ईद की मुबारकबाद। आज हमने भी ईद की नमाज घर पर अदा की, ऐसे तो ईदगाह में ही नमाज पढ़ने जाते थे। लेकिन कोरोना का बहुत खतरा है और सामाजिक दूरी का पालन करना है तो ईद की नमाज घर पर ही अदा की।
 

दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम 
दिल्ली एयरपोर्ट (टर्मिनल -3) के बाहर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। एयरपोर्ट पर सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया है। दिल्ली से सभी घरेलू उड़ानें यहां से संचालित हो रही हैं। दिल्ली-भुवनेश्वर फ्लाइट में जाने वाले यात्रियों की थर्मल गन से जांच करते एयरपोर्ट कर्मी।
 

दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर खुलीं दुकानें 
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज से घरेलू उड़ानें शुरू हो गई हैं। इसी के चलते टर्मिनल -3 पर खाद्य एवं पेय पदार्थ और खुदरा बिक्री की दुकानें खुल गई हैं।

 
जामा मस्जिद बंद 
ईद के मौके पर कोरोना वायरस के चलते दिल्ली की जामा मस्जिद बंद रहेगी। यहां हर साल नमाज पढ़ने वालों का हुजूम लगता है और आज यहीं सन्नाटा पसरा हुआ है।
 
 
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सत्येंद्र जैन सत्येंद्र जैन

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर दोबारा होंगे सील, ये हैं नियम

गाजियाबाद में पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार बढ़े हुए केस गाजियाबाद से दिल्ली आने-जाने वालों से संबंधित है। यही वजह है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संस्तुति के आधार पर जिला प्रशासन ने दिल्ली-गाजियाबाद सीमा को पहले की तरह यानी लॉकडाउन-2 की तरह सील करने का निर्णय लिया है।

अब सिर्फ दिल्ली व केंद्र सरकार में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को ही आने-जाने की इजाजत दी जाएगी। एंबुलेंस व आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को भी प्रवेश दिया जाएगा। दिल्ली में कार्यरत लोगों को सुबह नौ बजे से पहले निकासी और शाम छह बजे के बाद प्रवेश दिया जाएगा। शिफ्टों में काम करने वाले लोगों को वैध पास में इजाजत दी जाएगी।

ये होंगे नियम
  • भारी वाहन, ट्रकों से माल ढुलाई करने वाले वाहनों, बैंकिंग सेवाओं से जुड़े आवश्यक वाहनों और आवश्यक वस्तुओं एवं दवाइयों से जुड़े वाहनों को बिना किसी पास के गाजियाबाद की सीमा से बिना किसी पूछताछ के निकलने की अनुमति रहेगी।
  • डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मी, पुलिस, बैंक कर्मियों के लिए किसी पास की आवश्यकता नहीं होगी। इनका परिचय पत्र यातायात के लिए पर्याप्त होगा और उन्हें मान्यता प्राप्त होगी।
  • एंबुलेंस बिना किसी रोक-टोक के आवागमन सुनिश्चित करेगी।
  • भारत सरकार में कार्य करने वाले उप सचिव और उसके ऊपर के अधिकारी जो गाजियाबाद से दिल्ली जाते हैं, उन्हें केवल अपना परिचय पत्र दिखाना होगा। उसे मान्यता प्राप्त करते हुए आवागमन में छूट रहेगी।
  • मीडिया कर्मियों को केवल अपना अधिकृत परिचय पत्र दिखाना होगा। उसे मान्यता प्रदान करते हुए आवागमन में छूट प्रदान होगी।
  • इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में अगर कोई पास केंद्र या दिल्ली सरकार के किसी भी सक्षम स्तर से जारी किया जाता है तो उसको पूरी मान्यता दी जाएगी।
  • सीमा में प्रवेश और निकासी सिर्फ सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ही हो सकेगी। हालांकि अलग-अलग शिफ्टों में काम करने वाले आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मियों को इससे छूट रहेगी।
  • दिल्ली के विभिन्न न्यायालयों में जाने वाले अधिवक्ताओं को परिचय पत्र दिखाने पर आने-जाने दिया जाएगा।
  • आवश्यक कार्य से दिल्ली आवागमन हेतु http://164.100.68.164/upepass2 लिंक पर गुणावगुण के आधार पर ई-पास प्रदान करने की व्यवस्था जारी रहेगी।
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हवाई सफर आज से शुरू, दिल्ली से 190 विमान भरेंगे उड़ान, यात्रियों को करना होगा इन नियमों का पालन

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से आज से घरेलू हवाई सफर शुरू हो जाएगा। पूना के लिए पहली फ्लाइट सवेरे 4 बजकर 45 मिनट पर उड़ान भरेगी और टी-3 पर पहली फ्लाइट का आगमन अहमदाबाद से 7 बजकर 45 मिनट पर होगा।  

बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट से करीब 380 विमानों का संचालन किया जाएगा। इनमें दिल्ली से अन्य शहरों के लिए करीब 190 विमान उड़ान भरेंगे। पहला घरेलू विमान सुबह साढ़े चार बजे पश्चिम बंगाल के लिए उड़ान भरेगा। हालांकि देर शाम तक विमानन कंपनी भी इस ऊहापोह में दिखीं कि अगर राज्य व केंद्र सरकार विमानों के संचालन को लेकर किसी तरह की नई गाइडलाइन जारी करती है तो उस स्थिति में क्या करना होगा।  

एयरपोर्ट पर 40 हजार यात्रियों की आवाजाही की उम्मीद एयरपोर्ट प्रशासन को है। एयरलाइंस कंपनियों ने टिकटों की बुकिंग भी कर ली है। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरिया के अनुसार एयरपोर्ट परिसर में यूवी सेटअप व हेप्टा फिल्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे हवा साफ रखने में मदद मिल रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था है ताकि प्रवेश के लिए किसी तरह की भीड़ जमा न हो। एक-एक करके यात्रियों को प्रवेश व बाहर निकलने की अनुमति होगी। एयरपोर्ट प्रशासन आरोग्य सेतु एप की जांच के साथ ही यात्रियों से शपथ पत्र भी भरवाएगा। लगेज भी ज्यादा लेकर सफर करने की अनुमति नही दी जाएगी। 

एयरपोर्ट में दिखेंगे कई बदलाव
सामाजिक दूरी के पालन के लिए फ्लोर पर मार्किंग की गई है। जगह-जगह सैनिटाजर डिस्पेंसर लगाए गए हैं। चेक-इन काउंटर नहीं होगा। वेब चेकिंग अनिवार्य होगी। सिर्फ वेब चेक-इन के जरिए ही मिलेगी। टर्मिनल- 3 में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वह दो से चार घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच जाएं। मोबाइल में आरोग्य सेतु एप अनिवार्य है। 
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आज घरों में ही मनाई जाएगी ईद, महामारी से बचने की दुआएं मांगी जाएंगी, बाजारों में रौनक

लॉकडाउन के बीच आए पवित्र रमजान माह के बाद रविवार को ईद-उल-फितर का चांद नजर आ गया। दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में चांद के दीदार हुए। इसके साथ ही एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। 

वहीं जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने लोगों से घरों में रहकर बेहद सादगी से ईद मनाने की अपील की है। मुफ्ती मुकर्रम ने लोगों से कहा कि लॉकडाउन का पालन करें और घरों से किसी भी सूरत में बाहर न निकलें। सभी लोग घरों में ही ईद की नमाज अदा करें। नमाज के दौरान इस महामारी से बचने की दुआ करें।  
दिनभर बाजारों में रही रौनक
लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर लोगों ने ईद की खरीदारी पहले निपटा ली थी। रविवार को भी पुरानी दिल्ली व मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। ड्राईफ्रूट, सेवई, टोपी, इत्र आदि की खूब खरीदारी की गई। ज्यादातर लोगों का कहना था कि इस बार कोरोना की वजह से वे बहुत ही सादगी से ईद मनाएंगे। अपने घरों में की नमाज अदा करेंगे।  

वीडियो कॉल से देंगे मुबारकबाद  
संभल के रहने वाला रागिब अमीन का दिल्ली में कपड़ों का कारोबार है। हर साल वह संभल अपने घर रिश्तेदारों के बीच ईद मनाते हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। उनका कहना है कि पहली बार वह दिल्ली में ही रहकर ईद मनाएंगे। इसी तरह मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने वाले आफताब भी पिलखुआ नहीं जा पा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में रहकर वह अपने रिश्तेदारों को वीडियो कॉल के जरिये ईद की मुबारकबाद देंगे।  

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे, गले नहीं मिलेंगे 
कोरोना की वजह से इस बार लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए एक-दूसरे के गले नहीं मिलेंगे। दूर से ही ईद की मुबारकबाद देंगे। लोगों का कहना है कि इससे न सिर्फ वह खुद बल्कि उनका परिवार व देश भी कोरोना से सुरक्षित रहेगा। जब तक कोरोना संक्रमण कम नहीं हो जाता तब तक लोग सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन कर इस बीमारी से लड़ेंगे। मस्जिदों के मौलवी और मौलानाओं ने भी लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर दूर से ही मुबारकबाद देने को कहा है।  
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तिहाड़ में कोरोना का पहला मामला, सहायक अधीक्षक पाए गए संक्रमित, दो कारागार क्वारंटीन सेंटर में तब्दील

ईद मुबारक 2020
रोहिणी व मंडोली जेल के बाद अब तिहाड़ जेल संख्या सात के सहायक अधीक्षक कोरोना संक्रमित हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उनमें संक्रमण का कोई भी लक्षण नहीं था, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। अधीक्षक केंद्रीय कारागार नंबर-7 में तैनात हैं और परिवार के साथ तिहाड़ आवासीय परिसर में रहते हैं। उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया जा रहा है। 

जेल अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमित अधिकारी के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया गया और उनके करीबी संपर्क में रहे जेल के एक कर्मचारी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं और उसके नतीजे का इंतजार है। 

दो जेल क्वारंटीन सेंटरों में तब्दील
राजधानी की जेलों में कोरोना वायरस के मामले आने के बाद तिहाड़ व मंडोली की दो जेलों को क्वारंटीन सेंटर में तब्दील कर   दिया गया है। इनमें बंद कैदियों को दिल्ली की अन्य जेलों में भेज दिया गया है। क्वारंटीन सेंटर बनाई गई दोनों जेलों में नए कैदियों को रखा जा   रहा है।

 जेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शनिवार को मंडोली की 15 नंबर जेल को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इससे पहले तिहाड़ की दो नंबर जेल क्वारंटीन सेंटर बनाई जा चुकी है। इन जेलों में बंद करीब सैकड़ों कैदियों को तिहाड़ व रोहिणी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। 

तिहाड़ जेल प्रवक्ता राजकुमार ने बताया कि नए कैदियों को 14 दिन तक क्वारंटीन सेंटर में रखने के दौरान उनका लगातार मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। पिछले दिनों रोहिणी जेल में 15 कैदी समेत 17 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। मंडोली जेल के एक अधिकारी भी संक्रमित हो चुके हैं।
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दिल्ली में 49 फीसदी मरीज उपचाराधीन, इतने ही हो चुके हैं ठीक

दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और ठीक होने वालों का आंकड़ा लगभग बराबर हो गया। फिलहाल 49 फीसदी एक्टिव केस हैं, जबकि इतने ही लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 

करीब दो फीसदी लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। मरीजों के स्वस्थ होने की रिकवरी दर की बाकी राज्यों से तुलना करें तो दिल्ली एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा जांच और मरीज स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल 6617 संक्रमित मरीज उपचाराधीन हैं, जबकि 6540 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में कुल मरीजों का आंकड़ा 13418 हो गया है। बीते छह दिन में दिल्ली में औसतन 550 मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कोरोना वायरस के ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले मिल रहे हैं। हालांकि, दिल्ली में रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत से सात फीसदी ज्यादा है। दिल्ली सरकार इसे बड़ी कामयाबी के रूप में देख रही है। 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली में रिकवरी दर बेहतर है, लेकिन प्रतिदिन संक्रमित सैंपल की औसत दर पिछले सात से 10 दिन में 14 फीसदी से ज्यादा हो गई है। दिल्ली हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, अब तक 1.69 लाख सैंपल की जांच हो चुकी है। राजधानी में 10 लाख की आबादी में 8573 लोगों की जांच हो रही है, जिनमें से 677 संक्रमित मिल रहे हैं।

14 दिन में 188 मौतें दर्ज
दिल्ली हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, 10 मई तक कोरोना के कारण 73 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, डेथ ऑडिट कमेटी और अस्पतालों को सख्त आदेश देने के बाद बीते 14 दिन में दिल्ली सरकार 188 लोगों की मौत दर्ज कर चुकी है। दिल्ली में अब तक 261 लोग कोरोना के कारण दम तोड़ चुके हैं। 

दिल्ली की एक स्थिति
कुल मरीज 13418
डिस्चार्ज 6540
मौत   261
एक्टिव केस 6617 

दिल्ली में अब तक की कामयाबी
-दिल्ली में 49.31 फीसदी एक्टिव केस। 
-दिल्ली में 48.74 फीसदी मरीज स्वस्थ होकर जा चुके घर।
-दिल्ली में 1.95 फीसदी मरीजों की हो चुकी है मौत। 
-दिल्ली में संक्रमण की विकास दर 5 फीसदी। 

दो सप्ताह में सबसे ज्यादा मरीज
-9 मई तक दिल्ली में कुल मरीजों की संख्या 6542 
-10 से 23 मई तक कुल मरीज मिले 6876
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नौ दिन के संक्रमित शिशु ने जीती कोरोना से जंग, मां भी सुरक्षित

दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में महज नौ दिन का शिशु कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अब स्वस्थ होकर अपने घर जा चुका है। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे विशेष निगरानी में रखा है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक इससे छोटा कोरोना संक्रमित मरीज भारत में नहीं देखा गया है। संभावना जताई कि यह देश का पहला सबसे कम आयु का कोविड मरीज है, जो इतनी जल्दी स्वस्थ हो गया।

आरएमएल अस्पताल के प्रसूति रोग विभाग के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली के पटेल नगर निवासी कोरोना संक्रमित एक गर्भवती महिला की 13 मई को डिलीवरी की गई थी। प्रोटोकॉल के तहत 18 मई को शिशु की कोरोना जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

बाल रोग विभाग के डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि शिशु संक्रमित जरूर था, लेकिन उसमें वायरस के लक्षण नहीं थे। इसलिए डॉक्टरों को भी उसकी रिकवरी में ज्यादा समय नहीं लगा। फिलहाल जच्चा-बच्चा अपने घर में है। 

अस्पताल से प्रतिदिन वीडियो कॉल के जरिए शिशु के बारे में जानकारी ली जा रही है। डॉ. चौधरी का कहना है कि मां और बच्चा दोनों में ही संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि अमेरिका, चीन और यूके में कई अध्ययन आ चुके हैं कि शिशु के फेफड़ों तक न पहुंचते हुए वायरस उनकी नाक और गले तक ही रहता है। हालांकि, भारत में अभी तक ऐसा कोई अध्ययन सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि दिल्ली में इससे पहले भी कोरोना संक्रमित पांच गर्भवती महिलाएं स्वस्थ शिशुओं को जन्म दे चुकी हैं।
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बंटी गिरोह का इनामी बदमाश इजराइल मुठभेड़ में गिरफ्तार, फायरिंग में बाल-बाल बचे एसआई

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद बंटी गिरोह के 50 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। साल 2019 से पैरोल जंप कर फरार चल रहे बदमाश की जब घेराबंदी की तो उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी, जिसमें एक एसआई बाल-बाल बच गए। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया।

स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के गांव समाना निवासी इजराइल उर्फ अजय बिधूड़ी की गिरफ्तारी के लिए एसीपी अतर सिंह की देखरेख में एसआई शिवकुमार व कर्मवीर की टीम चार माह से लगी हुई थी। 

23 मई को सूचना के आधार पर पुलिस ने इजराइल को एमबी रोड पर घेर लिया तो उसने गोली चला दी। हमले में एसआई पवन बाल-बाल बच गए। पुलिस ने भी हवा में कई राउंड फायर किए। हालांकि, घेराबंदी कर वह गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से सिंगल शूट पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। 

आरोपी वर्ष 2008 में आतंक का पर्याय रहे बंटी बाइकर गिरोह का सदस्य है। 2008 में जैतपुर इलाके में हुई मुठभेड़ में बंटी व उसके साथी को दक्षिण जिला पुलिस ने मार गिराया था, जबकि इजराइल भाग निकला था। बाद में गिरफ्तार किया गया और वह तभी से जेल में था। जुलाई 2019 में पेरोल पर जेल से बाहर आया था, जिसके बाद से वह फरार था। 

दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस गिरोह ने लूटपाट के लिए कई लोगों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। बंटी ने राजेश उर्फ पन्नी, ओमशिवा, जाकिर व इजराइल के साथ मिलकर कुछ ही महीने में तीन हत्या, तीन हत्या के प्रयास की वारदात, 13 लूट, झपटमारी व पुलिसकर्मियों पर हमले की कई घटनाएं की थी।
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राघव चड्ढा ने कहा, कोरोना से मौत के आंकड़ों पर राजनीति कर रही भाजपा, माफी मांगे

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा है कि दिल्ली सरकार द्वारा जारी कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों को दिल्ली हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार की डेथ ऑडिट कमेटी अपने आप में पूरी तरह से सक्षम है और एकदम सही आंकड़े पेश कर रही हैं। 

चड्ढा ने मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि महामारी के समय में भी भारतीय जनता पार्टी ने झूठे और निराधार आरोप लगाकर दिल्ली सरकार पर कीचड़ उछालने का काम किया है। इसके लिए दिल्ली की जनता उनको कभी माफ नहीं करेगी। चड्ढा के मुताबिक कोर्ट ने यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार ने मौत के आंकड़ों से कोई छेड़छाड़ नहीं की है।

दिल्ली में मृतकों की दर अन्य राज्यों से कम
चड्ढा ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा जो देखना चाहिए, वह मृत्यु दर है। दिल्ली सरकार ने अथक प्रयास कर के कोरोना से मरने वालों की दर को बहुत कम करके रखा है। लोगों को अच्छा इलाज दिया है, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दी है। इससे मृत्यु दर को काफी हद तक संभालने की कोशिश की है और हम उसमें सफल भी हुए हैं। कितने लोग इस बीमारी से संक्रमित हुए, यह चिंता का विषय है, लेकिन कितने लोगों की जानें गईं, यह ज्यादा चिंता का विषय है। आंकड़ों की तुलना करें तो पता चलता है कि दिल्ली में कोरोना से मृतकों की दर अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। 
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कोरोना के गंभीर खतरे के बीच कितना सही है होम आइसोलेशन का आइडिया? क्या कहते हैं एक्सपर्ट

देश में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी बीच सरकार लगातार यह बता रही है कि कोरोना से मरने वालों की संख्या बहुत कम है और कोरोना के मामलों में केवल गंभीर लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है।

सरकार अब कोरोना के माइल्ड लक्षण वाले या लक्षणहीन मरीजों को उनके घरों पर ही क्वारंटीन कर इलाज करने का रास्ता अपना रही है।

दिल्ली के कुल 7006 एक्टिव मामलों में लगभग 49 फीसदी लोग इस समय होम आइसोलेशन में हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे भारी संख्या में लोग ठीक हो रहे हैं और उन्हें अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

यह दावा कितना सही है? जहां ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं कि बीमार होने के कुछ घंटों के अंदर ही लोगों की जान तक चली जा रही है, लोगों को होम क्वारंटीन कर देना कितना उचित है?

मेट्रो अस्पताल के सीनियर फिजिशियन कंसल्टेंट डॉक्टर अमित कुमार पांडेय कहते हैं कि यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अभी तक कोरोना वायरस का बिल्कुल सटीक इलाज विकसित नहीं हो पाया है।

इसके बारे में विशेषज्ञों को भी अभी बहुत सीमित जानकारी है। ऐसे में जो कोरोना मरीज उनके सामने आ भी रहे हैं, वे उनका बहुत सीमित उपचार करने की स्थिति में हैं।

उनकी कोशिश संक्रमित व्यक्ति की अन्य बीमारियों को ठीक करने की होती है, जिससे कोरोना उसके ऊपर ज्यादा प्रभावशाली न हो सके।

अस्पताल में भी ऐसे मरीजों को क्वारंटीन करके रखा जाता है, जिससे वे स्वयं किसी अन्य संक्रमण की चपेट में न आएं और दूसरे मरीजों को संक्रमित न कर सकें। इस दौरान कुछ सामान्य दवाओं के जरिए उनका इलाज होता रहता है।

डॉक्टर अमित कुमार पांडेय के मुताबिक, यही कारण है कि लक्षणहीन या हल्के लक्षण वाले केसों में लोगों को उनके घरों में ही क्वारंटीन करके रखने का फैसला बिल्कुल सही है।

कई बार मरीजों को अस्पताल से ज्यादा सुरक्षा उनके घर पर ही मिल जाती है। वे वहां ज्यादा मानसिक संतुष्ट महसूस करते हैं जिसका सकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर उनके स्वस्थ होने पर पड़ता है।

लेकिन, इंडियन डॉक्टर्स फॉर पीस एंड डेवलपमेंट के निदेशक डॉक्टर अरुण मित्रा लोगों को उनके घरों पर ही क्वारंटीन कर उनका इलाज करने को बहुत सही फैसला नहीं मानते हैं।

उनका कहना है कि हमारे भारतीय घरों में एक ही कमरे में पूरा परिवार रहता है। एक ही टॉयलेट पूरा परिवार इस्तेमाल करता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति को क्वारंटीन करके रखना संभव नहीं होगा।

यह केवल तभी कारगर हो सकता है जबकि पूरे परिवार में छोटे बच्चे न हों और कोरोना बीमार व्यक्ति को बिल्कुल अलग-थलग करके रखना संभव हो सके।

उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन के दौरान भी किसी एक्सपर्ट की देखरेख हमेशा सुनिश्चित होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो होम आइसोलेशन खतरा बन सकता है।

दिल्ली के लगभग आधे मरीज होम आइसोलेशन में

देश में कोरोना के कुल 138,845 मामले आ चुके हैं। इसमें 77103 एक्टिव केस हैं, तो 57720 लोग इलाज के बाद ठीक भी हो चुके हैं। जबकि कोरोना से 4021 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में कोरोना के कुल 14053 मामले सामने आए हैं। इनमें 7006 एक्टिव केस इस समय मौजूद हैं, 2053 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

मौजूदा केसों में केवल 187 संक्रमित लोगों को आईसीयू की जरूरत है, तो वेंटीलेटर पर केवल 29 लोगों का उपचार चल रहा है।

सामान्य या हल्के लक्षण मामलों वाले 3421 लोग (लगभग 49 फीसदी) होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं। अब तक कोरोना से मौत के केवल 276 मामले सामने आए हैं जो कुल मामलों का केवल 1.96 फीसदी है।

 
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