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निर्भया: दोषियों के पड़ोसी भी कर रहे फांसी का इंतजार

हिमांशु सोनी, नई दिल्ली Updated Sat, 14 Dec 2019 04:53 AM IST
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
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निर्भया के साथ दरिंदगी करने वालों की फांसी का इंतजार दिल्ली स्थित रविदास कैंप के उन लोगों को भी है, जो कुछ समय पहले मुकेश, रामसिंह, पवन और विनय को सुबह-शाम देखते थे। 
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इन चारों दोषियों के मकान अभी भी रविदास कैंप में हैं। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें भी इनकी फांसी का इंतजार है। शुक्रवार को अमर उजाला ने सभी दोषियों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके मकान में ताला जड़ा मिला।

पूछताछ में पता चला कि मुकेश और रामसिंह दोनों एक ही घर जे-41 में अपने परिवार के साथ रहते थे, लेकिन सात साल पहले हुई उस खौफनाक घटना के कुछ समय बाद दोषियों के पिता मांगेराम का निधन हो गया और बूढ़ी मां राजस्थान स्थित अपने पैतृक गांव लौट गई। 

फिलहाल इनके घर में अब कोई नहीं रहता। वहीं पास में ही स्थित मकान नंबर एक-64 में दोषी पवन रहता था। फिलहाल इस मकान में उसका पिता हीरालाल, बड़ी बहन और बूढ़ी मां रहती है। हीरालाल आरके पुरम के सेक्टर-1 में फलों की रेहड़ी लगाते हैं, लेकिन इनके घर भी ताला लगा हुआ था। 

ठीक इनसे कुछ घर आगे जाकर टीम को निर्भया के दोषी विनय शर्मा का मकान नंबर जे-105 मिला, यहां भी ताला लगा हुआ था। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि विनय शर्मा के पिता हरिराम दिल्ली एयरपोर्ट पर बेलदारी करते हैं। उनके घर में विनय का भाई और उनकी पत्नी भी रहती हैं। हालांकि ये दो-चार दिन में एक बार ही अपने मकान में आते हैं। 

नहीं देंगे कंधा, दो का शव आएगा कैंप में
रविदास कैंप रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष बिहारी लाल बताते हैं कि मुकेश का परिवार राजस्थान जा चुका है। केवल पवन और विनय शर्मा का परिवार ही अब रविदास कैंप में रहता है। पूरे कैंप में चर्चा है कि मुकेश का शव राजस्थान जाएगा और पवन व विनय को फांसी के बाद पुलिस शव लेकर कैंप एरिया में आएगी। 

बताया जा रहा है कि एक-दो बार पुलिसकर्मी दोषियों के घर आकर इसकी जानकारी दे चुके हैं, जबकि पड़ोसियों ने ये तय किया है कि दोषियों की जब अर्थी निकलेगी तो कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर आकर शामिल नहीं होगा। न अर्थी को कोई कंधा देगा। 

आखिरी बार अपना घर देखना चाहता है विनय
कैंप में चर्चा है कि निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल प्रशासन से अंतिम इच्छा जाहिर की है। विनय चाहता है कि वह मरने से पहले एक बार अपना घर और इलाके को देख ले। हालांकि चर्चा यहां तक है कि पुलिस कभी भी सुबह या देर रात में दोषियों को लेकर कैंप में जरूर आ सकती है, जबकि जेल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 

सबको गालियां देते हैं परिजन, पड़ोसी हैं दुश्मन
दोषियों के पकड़े जाने से लेकर अब तक मुकेश, पवन और विनय के परिजन हर किसी को गालियां देते हैं। वे पड़ोसियों को अपना दुश्मन समझते हैं। पकड़े जाने के बाद उनके घर के आसपास तमाम मीडिया और पुलिस की भीड़ के पहुंचने की वजह वे पड़ोसियों को मानते हैं।
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