नॉन एसी सिटी बसों के लिए और करना होगा इंतजार

ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 06 Jun 2017 11:18 PM IST
buses
buses
ख़बर सुनें
लखनऊ में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की 12वीं बोर्ड बैठक में कई प्रस्ताव रखे गए जिसमें कई स्वीकृत भी हो गए, लेकिन नॉन एसी सिटी बसों का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाया। लिहाजा शहरवासियों को सस्ती नॉन एसी सिटी बसों की सुविधा अभी नहीं मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक ,एसी सिटी बसों के घाटे में चलने की वजह से नॉन एसी सिटी बसें लाने की योजना पर फिलहाल विराम लग गया है। भविष्य में इस योजना को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
दरअसल, पहले चरण में एनएमआरसी ने 50 एसी सिटी बसें लाकर योजना को अमलीजामा पहनाया था। योजना के मुताबिक ,दूसरे चरण में 50 नॉन एसी सिटी बसें लानी थी लेकिन एसी बसें घाटे में चलने की वजह यह विचार फिलहाल छोड़ दिया गया। सूत्रों के अनुसार,एनएमआरसी की सिटी बसों को चलाने पर प्रति माह चार करोड़ रुपये का घाटा लग रहा है। योजना के मुताबिक ,सफल संचालन होने पर 200 बसें आनी थीं। बता दें कि यात्री एनएमआरसी की एसी सिटी बसों के टिकट को महंगा बता रहे हैं। उनको सस्ती नॉन एसी सिटी बसों का इंतजार था।

बदले जाएंगे सिटी बस के रूट
सिटी बसों को फायदे का सौदा बनाने के लिए इसके बनाए गए रूटों की समीक्षा होगी और कई ऐसे रूट बदले जाएंगे, जहां बसें चलाने पर एनएमआरसी को कोई फायदा नहीं हो रहा है। इन बसों को मेट्रो फीडर बसों के तर्ज पर चलाने की योजना थी, लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा रूट पर अप्रैल 2018 तक मेट्रो को चलाने का लक्ष्य रखा गया है। लिहाजा उसी दौरान इसका फायदा हो सकता है। अभी यह अन्य रूट पर चल रही है, जहां अधिकांश बसें खाली देखी जा रही हैं। इस वजह से यह घाटे का सौदा साबित हो रही है।

1600 करोड़ रखा एनएमआरसी का बजट
लखनऊ में हुई 12वीं बोर्ड बैठक में एनएमआरसी का 1600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। इस बजट से सिविल का बचा हुआ काम, रेल पटरी लगाने का काम, बिजली, सिग्नल लगाने के अलावा अन्य कार्य होंगे। सिटी बस के ऑपरेशन में भी इस बजट से मदद मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था पर भी पैसे खर्च किए जाएंगे। यह बजट 2017-18 के लिए है। अप्र्रैल 2018 तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य निर्धारित है। 

चेन्नई मॉडल पर होगी मेट्रो की सुरक्षा 
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की सुरक्षा चेन्नई मॉडल पर आधारित होगी। चेन्नई मेट्रो की सुरक्षा के लिए जिस तरह से कवायद की जा रही है, ठीक उसी प्रकार यहां भी सुरक्षा व्यवस्था होगी। इस पर स्वीकृति भी हो चुकी है। बता दें कि इसके लिए पीएसी की एक नई बटालियन स्थापित करने पर भी विचार हुआ था, जिन्हें इसके लिए अतिरिक्त ट्रेनिंग देने की बात कही गई थी। इसमें मेट्रो रेल कॉरिडोर पर 21 मेट्रो थाना, मेट्रो रिपोर्टिंग चौकी, डिपो व विभिन्न स्थानों पर तैनात किए जाने वाले सुरक्षा बलों (पीएसी, नागरिक पुलिस, इंटेलीजेंस, ऑटोमेटिक शस्त्र बल) के संबंध में आवश्यक व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव है।

जुलाई में आ जाएंगे कोच
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर के कोच जुलाई में आ जाएंगे। यह कोच चीन से आएंगे। पहले चरण में चार कोच की 11 ट्रेनें चलाने की योजना है। यह कॉरिडोर की 21 स्टेशनों को जोड़ेगी।
 

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rohtak

कई स्थानों के लिए एक जून से चलेंगी बसें

कई स्थानों के लिए एक जून से चलेंगी बसें

25 मई 2018

Related Videos

VIDEO: दिल्ली में तेज रफ्तार बनी कहर, ऐसे उड़ गए गाड़ी के परखच्चे

राजधानी दिल्ली की सड़के देश की राजधानी दिल्ली में तेज़ रफ़्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। यहां एक कार हादसे में एक शख्स की जान चली गई जबकि दूसरा बुरी तरह से जख्मी हो गया। क्या रही इस हादसे की वजह जानिए इस रिपोर्ट में ।

24 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं।आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते है हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen