ग्रेनो प्राधिकरण ने खोले औद्योगिक निवेश के द्वार

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Sun, 09 Aug 2020 01:12 AM IST
विज्ञापन
ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मौजूद चेयरमैन आलोक टंडन, सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण क?
ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मौजूद चेयरमैन आलोक टंडन, सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण क? - फोटो : Grnoida

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
ग्रेनो प्राधिकरण ने खोले औद्योगिक निवेश के द्वार
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने औद्योगिक व आईटी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। नए उद्योगों के लिए फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) को डेढ़ से बढ़ाकर सीधे तीन कर दिया है। शासन की वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब नीति भी स्वीकार कर ली गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में शनिवार को चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। सबसे अहम फैसला एफएआर दोगुना करने का लिया गया। अब यदि कोई चाहे तो तय शुल्क का भुगतान कर एक एफएआर और खरीद सकता है। यानी अब उद्यमी आवंटित जमीन पर दोगुना निर्माण कर उद्योग को विस्तार दे सकेंगे। उदाहरण के तौर पर 1000 वर्ग मीटर कुल क्षेत्र के 60 फीसदी हिस्से पर निर्माण करने की अनुमति है, तो डेढ़ एफएआर होने पर उद्यमी ढाई मंजिल निर्माण करा सकते थे। ताजा फैसले के बाद 5 मंजिल बनवा सकेंगे। प्राधिकरण ने यह फैसला ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित चार औद्योगिक सेक्टरों सात, आठ, नौ व 16 को ध्यान में रखकर लिया है। इन चारों सेक्टरों के लिए प्राधिकरण किसानों से जमीन खरीद रहा है।
दूसरा अहम फैसला वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब नीति को लागू करने का लिया गया है। अब ग्रेटर नोएडा में वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब बन सकेंगे। उन्हें इंडस्ट्री की श्रेणी में रखा गया है। अब तक यह वाणिज्यिक गतिविधि में आता था। इसका फायदा यह होगा कि वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब में भूखंड चाहने वाले निवेशकों को उद्योगों के रेट सस्ती दर पर जमीन मिल सकेगी। प्राधिकरण ने बोड़ाकी व उसके आसपास पहले से ही वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब प्लान कर रखा है। इसकी डिजाइन तैयार की जा रही है। यीडा ने भी इस पॉलिसी को विगत माह स्वीकार कर लिया था। बोर्ड बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी, यीडा के एसीईओ रविंद्र कुमार, ग्रेनो के एसईओ केके गुप्त व दीपचंद्र, जीएम वित्त एचपी वर्मा सहित कई अफसर मौजूद रहे।
आईटी व संस्थागत को भी राहत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आईटी व संस्थागत आवंटियों को भी राहत दी है। कई आवंटियों ने अभी तक नक्शा पास नहीं कराया है। उनकी समय सीमा 31 मार्च थी, उसे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है। इससे 10 से अधिक आईटी व करीब 20 संस्थागत भूखंड आवंटियों को फायदा होगा। वहीं प्राधिकरण ने पूर्व में करीब 10 आईटी भूखंडों और 20 संस्थागत भूखंडों को निरस्त किया था, उनकी योजना शीघ्र लांच करने जा रहा है। इसकी तैयारी कर ली है। इससे नए निवेशकों को फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us