शर्मनाक: नोएडा में निजी अस्पतालों में बेड चाहिए तो मुंह मांगी रकम चुकाइए, धड़ल्ले से चल रही कालाबाजारी

अरविंद सिंह, अमर उजाला, नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 06 May 2021 12:17 PM IST

सार

आईसीयू व ऑक्सीजन बेड न मिलने से कोरोना संक्रमित मरीज दम तोड़ रहे हैं, फिर भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई अस्पताल पैसे बनाने में लगे हुए हैं। अस्पताल बेड खाली न होने की बात कहकर पहले तो मरीजों को भर्ती करने से मना कर देते हैं और बाद में उन्हीं मरीजों से बेड का सौदा करते हैं।
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विस्तार

आईसीयू व ऑक्सीजन बेड न मिलने से कोरोना संक्रमित मरीज दम तोड़ रहे हैं, फिर भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई अस्पताल पैसे बनाने में लगे हुए हैं। अस्पताल बेड खाली न होने की बात कहकर पहले तो मरीजों को भर्ती करने से मना कर देते हैं और बाद में उन्हीं मरीजों से बेड का सौदा करते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब अस्पतालों ने मरीज को बेड होते हुए भी भर्ती करने से मना कर दिया और जब मरीज उनको मुंह मांगी रकम देने को तैयार हो गया तो अस्पतालों ने मरीज को भर्ती कर लिया।
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नोएडा के रहने वाले आशीष जैन ने कोरोना संक्रमित मरीज होने के बाद सरकारी व कई निजी अस्पतालों को भर्ती होने के लिए कॉल किया, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। जिला प्रशासन के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम को भी फोन किए, वहां से भी लंबी वेटिंग बता दी गई। उन्होंने कई जगह सिफारिश भी लगवाई, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उनके परिवार के लोग खुद ही कोशिश करने लगे।


नोएडा के एक निजी अस्पताल गए। वहां भर्ती करने के लिए कहा। पहले तो अस्पताल ने मना कर दिया, लेकिन बाद में कहा कि अगर वे दो लाख रुपये नकद जमा कर दें तो उनको ऑक्सीजन का बेड मिल जाएगा। इतनी मोटी रकम सुनकर वे परेशान हुए। अस्पताल पर पैसे कम करने के लिए दबाव बनाने लगे।

अंत में 40 हजार रुपये लेकर अस्पताल ने उन्हें भर्ती कर लिया। ये पैसे सिर्फ नकद लिए गए। इसी तरह एक अन्य नौकरीपेशा व्यक्ति से उसके बेटे को भर्ती करने के लिए 60 हजार रुपये मांगे गए। अस्पताल ने पहले तो बेड न खाली होने की बात कही, जब वे राजी हो गए तो अस्पताल भी बेड देने को तैयार हो गया। नोएडा- ग्रेटर नोएडा में ऐसे अनगिनत मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल वाले बेडों की कालाबाजारी कर रहे हैं।
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