नेपाली नागरिकों को नोएडा बुलाकर बनाए जा रहे थे फर्जी दस्तावेज

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:37 AM IST
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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नोएडा। नेपाली नागरिकों को म्यूजिक कंसर्ट में शामिल होने के नाम पर नोएडा बुलाकर फर्जी दस्तावेज बनाए जाते थे। फर्जी दस्तावेज की मदद से बैंक अकाउंट खोलकर उसमें साइबर फ्रॉड से हासिल रकम जाम की जाती थी। नोएडा पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। तीनों की पहचान बलिया निवासी अशोक कुमार यादव, नेपाल निवासी कमल रवि लाल शर्मा और गीता शर्मा उर्फ गीता छेत्री के रूप में हुई। अशोक नोएडा में सेक्टर-78 स्थित सोसाइटी में और गीता व रवि सदरपुर में रहते हैं। कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस की टीम ने इनके पास से 11 मोबाइल, नकदी, नेपाली व कंबोडिया की करेंसी समेत भारी संख्या में दस्तावेज बरामद किए हैं।
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नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने बृहस्पतिवार को साइबर फ्रॉड करने वाले तीन आरोपियों को सेक्टर-78 से गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि ये आरोपी नेपाल से भोले भाले लोगों को म्यूजिक कंसर्ट के नाम पर नोएडा बुलाता था। नोएडा में इन लोगों के खाने पीने का इंतजाम किया जाता था। इस दौरान ये आरोपी इनके फोटो व फर्जी कागजात से सिम दिलवा देते थे और आधार कार्ड बनाकर इनका खाता खुलवा देते थे। इसके बाद इन लोगों को कुछ पैसे देकर वापस नेपाल भेज देते थे। ये आरोपी उन लोगों के अकाउंट में साइबर हैकिंग के पैसे मंगाए जाते थे। इस गिरोह के कई लोग मुंबई में हैं जो साइबर फ्रॉड कर किसी के खाते से पैसे निकाल लेते हैं, हैक करते हैं या ट्रांजेक्शन करते हैं। ये पैसे इन फर्जी दस्तावजे की मदद से खोले गए खातों में डलवाते हैं। इससे इनके पकड़े जाने का डर कम रहता था। बाद में ये आरोपी डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से पैसे निकाल लेते थे।

मानव तस्करी का आरोपी है रवि लाल शर्मा
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी कमल रवि लाल शर्मा नोएडा में अपना नाम बदलकर रह रहा था। उसका असली नाम कैशौराज न्यौपाने है। उसके खिलाफ नेपाल में मानव तस्करी के मामले दर्ज हैं। इससे संबंधित दस्तावेज नोएडा पुलिस को मिले हैं। पूछताछ में आरोपी रविलाल ने बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए अपना असली नाम छिपा रखा था।
अशोक अपने साथियों के साथ करता है साइबर फ्रॉड
गिरफ्तार रविलाल और गीता का काम नेपाली नागरिकों का फर्जी दस्तावेज बनवाना था। अशोक अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक अकाउंट खुलवाता था और दूसरे शहरों में बैठे साथियों की मदद से साइबर फ्रॉड में हासिल पैसों को इन खातों में डलवाता था। इन लोगों ने अपने साथियों के साथ तमिलनाडु व राजस्थान में एक व्यापारी का अकाउंट हैक कर उसके खाते से 82 लाख रुपये निकाल लिए थे। इस बारे में नोएडा पुलिस राजस्थान व तमिलनाडु पुलिस से संपर्क कर रही है।
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बरामद सामान
11 मोबाइल, बैंक ऑफ अमेरिका का चेक, दुबई मेट्रो का ट्रैवलिंग कार्ड, ई स्टांप एग्रीमेंट , विदेश भेजने से संबंधित 5 दस्तावेज, 18 फर्जी आधार कार्ड, 18 फर्जी पैन कार्ड , 21 चेक बुक, 7 पासपोर्ट, 2 घरेलू गैस कार्ड, 7 दिल्ली मेट्रो ट्रेवलिंग कार्ड, 4 डेबिट कार्ड, 2 भारतीय वोटर आईडी, 3 नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, 2 पास बुक, 3 डायरी, 7 रजिस्टर, 1 लैपटाप, 1 मोहर, 1 टाटा फोटॉन डोंगल, 1 हार्ड डिस्क नेपाली करेंसी 120 रुपये, कंबोडिया करेंसी 21500, 14 हजार रुपये, 19 सिम कवर, 3 नए सिम कार्ड , 1 नेपाली सिम कार्ड , 25 पासपोर्ट साइज फोटो।
गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। साइबर हैकर्स से लेकर इस मामले में नेपाली कनेक्शन की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा।

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