बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: गंगा में तैरती लाशें, कुत्ते नोच रहे शव, अपनों को सम्मान से अलविदा भी नहीं कह पा रहे हम

अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 12 May 2021 10:40 AM IST

सार

यूपी के उन्नाव गाजीपुर से लेकर बिहार के बक्सर तक ये लाशें नदी में बहती देखी जा रही हैं। हमारी इस ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़ें इन लावारिस लाशों की कहानी जिन्हें मरने के बाद भी एक अदद मुकाम हासिल नहीं हो पा रहा है और इन्हें या तो दफनाया जा रहा है या फिर जैसे-तैसे इनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है और जो बच जा रहे हैं उन्हें कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे हैं...
विज्ञापन
नदियों में बहते शव
नदियों में बहते शव - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

विस्तार

पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद से उत्तर प्रदेश में कोरोना गांव-गांव जा पहुंचा है। कोरोना की विभीषिका का आलम है कि इन दिनों यूपी के कई जिलों में श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए रेला लगा हुआ है। एक ओर जहां घाटों की क्षमता से ज्यादा अंतिम संस्कार हो रहे हैं वहीं बहुत से लोग तो कोरोना संक्रमित शवों को नदी में बहा दे रहे हैं। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदी के किनारे शव बहता देखा गया, वहीं कई जगह पर शवों को रेत के अंदर भी दबाया जा रहा है। हालांकि इन सबके बीच जो बात सबसे चिंताजनक है वो ये कि इससे उन लोगों का जीवन इस समय बड़े संकट में हैं जो इन इलाकों में रहते हैं और शवों की दुर्गंध और कोरोना संक्रमण फैलने के डर के बीच जी रहे हैं। यूपी के उन्नाव गाजीपुर से लेकर बिहार के बक्सर तक ये लाशें नदी में बहती देखी जा रही हैं। हमारी इस ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़ें उन लावारिस लाशों की कहानी जिन्हें मरने के बाद भी एक अदद मुकाम हासिल नहीं हो पा रहा है और इन्हें या तो दफनाया जा रहा है या फिर जैसे-तैसे इनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है और जो बच जा रहे हैं उन्हें कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे हैं...
विज्ञापन


गाजीपुर में दिनभर चला गंगा किनारे मिले शवों को दफनाने का काम

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गंगा किनारे मिले शवों को दफनाने का काम सोमवार देर रात से मंगलवार दिन भर चला। शवों की संख्या अधिक होने पर गड्ढा खोदने के लिए जेसीबी एवं पोकलेन की मदद लेनी पड़ी। कितने लोगों को दफनाया गया इस बाबत प्रशासन कोई आंकड़ा नहीं बता रहा था। सिर्फ एक-दो शवों के मिलने व ससम्मान अंत्येष्टि की बात पर जोर दिया जाता। दफनाए गए शवों का न तो पोस्टमार्टम कराया गया और न ही स्वैब लिया गया। उधर, बक्सर में 71 शवों को गंगा किनारे दफना दिया गया। बक्सर प्रशासन का दावा है कि ये शव पड़ोसी प्रांत से बह कर आए थे। गंगा में महाजाल लगाया गया है साथ ही चौकसी बढ़ा दी गई है। 


करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मपुर गंगा के किनारे लगे शवों की संख्या अधिक होने खुदाई के लिए दोपहर में पोकलेन बुलानी पड़ी। इस दौरान लोगों को उधर जाने से रोक दिया गया था। इसी तरह सेवराई तहसील के नरवा घाट, सोझवा घाट, पंचमुखी घाट और बुलाकिया दास मठिया घाट के शवों को सोमवार देर रात से लेकर सुबह आठ बजे तक दर्जनों कर्मचारियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से किनारे ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। इसके बावजूद गंगा के कटान वाले क्षेत्रों में शव दिखाई पड़े। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
विज्ञापन
आगे पढ़ें

कानपुरः शवों को घसीट कर ले जा रहे कुत्ते...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us