विज्ञापन
विज्ञापन

जेपी ने दिया समाधान योजना का प्रस्ताव, खरीदारों का हंगामा

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2019 08:54 PM IST
ख़बर सुनें
जेपी बिल्डर ने दिया समाधान योजना का प्रस्ताव, खरीदारों का हंगामा
विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-62 के जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में जेपी बिल्डर ने शुक्रवार को खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए बैठक में बातचीत को बुलाया, लेकिन कई खरीदार बैठक में शामिल न होकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। वहीं, कुछ बैठक बीच में छोड़कर चले गए। बैठक में भी सवाल-जवाब के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान बिल्डर ने खरीदारों के सामने समाधान योजना का प्रस्ताव रखा जिसे ज्यादातर खरीदार नकारते दिखे।
बैठक में करीब एक हजार निवेशक शामिल हुए। बिल्डर के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ मनोज गौड़ ने खरीदारों को समाधान योजना के बारे में विस्तार से समझाया और बताया कि वह 1500 करोड़ रुपये का इंतजाम कर काम शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा जय प्रकाश एसोसिएट्स की संपत्तियां बेचकर वह आगे का काम करेंगे। वहीं, बाद में ग्रुप के संस्थापक जय प्रकाश गौड़ भी खरीदारों के सामने आए और भावुक होते हुए खरीदारों के पक्ष में काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूरा जीवन शेर की तरह बिताया, लेकिन कुछ गलतियां उन लोगों से हुई हैं, जिसेे वह सुधारेंगे और फ्लैट खरीदारों को उनका घर दिलाएंगे। हालांकि, खरीदारों की मानें तो उनको प्रस्ताव पर भरोसा नहीं हुआ।
80 प्रतिशत खरीदार बैठक में रहे खिलाफ
खरीदारों ने बताया कि बैठक में 80 प्रतिशत फ्लैट खरीदार प्रस्ताव के खिलाफ रहे। उन्होंने कहा कि बिल्डर ने अपने आदमियों को उनके बीच में बैठाया था, जो समय-समय पर बिल्डर के समर्थन के लिए खड़े हो रहे थे। अन्य खरीदारों को भी बोलने से वह रोक रहे थे।
महिला खरीदार को जबरदस्ती बैठाया
बैठक के दौरान एक महिला खरीदार ने पक्ष रखते हुए विरोध में बोलना शुरू किया। उसके बाद तथाकथित बिल्डर के लोगों ने जबरदस्ती धकेल कर बैठा दिया। इस दौरान पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया। अन्य खरीदारों ने कहा कि महिला केवल अपना पक्ष रख रही थी और बिल्डर से जवाब मांग रही थी।
दस साल तक क्यों नहीं आई हमारी याद
बैठक में खरीदारों ने बिल्डर से सीधे सवाल करते हुए कहा कि आखिर दस साल तक उनकी याद बिल्डर को क्यों नहीं आई। अब जब कंपनी हाथ से जा रही है तो बिल्डर उनका भरोसा जीतने के लिए चारा फेंक रहा है। यह प्रस्ताव छह माह पहले क्यों नहीं बताया गया। बिल्डर अपनी कंपनी बचाने के लिए फिर से बेवकूफ बना रहा है। खरीदारों ने बिल्डर से कहा कि अब आप पर भरोसा नहीं है।
बिल्डर अपने हाथों में कंट्रोल लेना चाह रहा है...
खरीदारों ने बताया कि बिल्डर की ओर से खरीदार का विश्वास जीतने का प्रयास किया गया। आईआरपी का कार्यकाल आगे खत्म हो रहा है। उसके बाद बिल्डर अपने हाथों में कंपनी का कंट्रोल लेना चाह रहा है। अब क्रेडिटर्स की वोटिंग होने वाली है। इसमें एनबीसीसी और सुरक्षा की बिड पर सहमति या असहमति बननी है। अगर इन दोनों की बिड खारिज हो जाती है तो जेपी को अपना प्रस्ताव आगे करने में आसानी होगी। जेपी की ओर से नीलामी से पहले से यह साबित करने की कोशिश होगी कि वह कंपनी का काम आगे बढ़ा सकता है। उसने 25 हजार निवेशकों को ईमेल भेज कर बातचीत करने की कोशिश की। यह सब कुछ कोर्ट में दिखाएगा।
बोलीदाता पर जेपी ने की तुलनात्मक विवेचना
खरीदार मोनू चौहान ने बताया कि जेपी बिल्डर ने एनबीसीसी, सुरक्षा और अपने बारे में तुलनात्मक विवेचना करते हुए खरीदारों को यह बताने की कोशिश की कि उनकी कंपनी सबसे बेहतर काम करेगी और बाकी दोनों कंपनियों के आने से खरीदारों को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होने वाला है। इनकी ओर से काम करने के लिए बिड डाला जाएगा। इसके बाद अंतिम तौर पर फैसला होगा कि प्रोजेक्ट का काम कौन पूरा करेगा।
जो फ्लैट मिले वह भी बेकार हैं...
कुछ खरीदार बोले कि जो फ्लैट मिले हैं उनकी भी हालत अच्छी नहीं है। जिस तरह यह बेकार फ्लैट बनाकर दे रहे हो। हमें अपनी इतनी बड़ी स्कीम दिखाई, लेकिन जो दिए वह बेकार हैं। थर्ड क्लास फ्लैट दिए।
बैंकों पर भी खरीदारों ने उठाए सवाल
खरीदार गौरव विश्नोई ने कहा कि लोन देने से पहले बैंक संबंधित प्रोजेक्ट की छानबीन करता है, लेकिन बैंक ने ऐसा नहीं किया और लोगों को जमकर लोन बांटे। उन्होंने बैंकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये भी बिल्डर से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। उन्होंने क्यों नहीं जानकारी ली कि प्रोजेक्ट फंस सकता है।
आधे से ज्यादा लोग अवसाद में हैं...
खरीदारों ने बताया कि खरीदारों के पैसे को बिल्डर ने इधर-उधर लगा दिया। मध्यम वर्ग का आदमी रिस्क लेकर बिल्डर के प्रोजेक्ट में आया और फंस गया। आधे से ज्यादा लोग अवसाद में हैं। किसी ने अपने गहने बेच दिए तो किसी ने अपना प्लॉट और घर बेचकर पैसे लगाए। किसी ने लोन लेकर पैसे जमा कराए।
----------------------
1500 करोड़ रुपये एस्क्रो अकाउंट में जमा कर शुरू करेंगे काम
जेपी ग्रुप ने खरीदारों को बुलाया और उनसे बातचीत करने की इच्छा जताई। आईबीसी के सेक्शन-12ए के तहत हमने एक प्रस्ताव दिया है। इसमें 1500 करोड़ रुपये एस्क्रो अकाउंट में जमा कराए जाएंगे और पूरी रकम को फ्लैट बनाने में खर्च किया जाएगा। इसकी निगरानी एक कमेटी करेगी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज सहित अन्य लोग रहेंगे। 18 महीने से सुप्रीम कोर्ट और एनसीएलटी में केस चल रहा है। चेयरमैन ने अपनी गलती मानी है और उन्होंने खरीदारों को एक प्रस्ताव बताया है। उनका कहना है कि अगर यह ठीक है तो खरीदार इस विकल्प को चुनेंगे, फैसला एनसीएलटी करेगा। कानून के तहत हमने अपना प्रस्ताव रखा, लेकिन फैसला वोटिंग पर ही निर्भर करेगा। तीन बिड में जो अच्छा होगा उसका चयन होगा।
- अजीत कुमार, सलाहकार, जेपी ग्रुप

जेपी ग्रुप का यह है प्रस्ताव
- 1500 करोड़ एस्क्रो अकाउंट में जमा करेंगे
- 500 करोड़ की कीमत का 100 एकड़ का लैंड पार्सल चिह्नित
- हमारे पास अभी कई ऐसी संपत्तियां हैं जो बेची नहीं गई हैं।
- खरीदारों के पास भी अभी हमारा काफी पैसा है।
- विशटाउन के घर तीन साल में दे देंगे
- बाकी के घर इसके बाद के एक साल में देंगे
- पहले साल 2000, दूसरे साल 5000 फ्लैट देंगे। 22000 फ्लैट देने हैं।

जेपी के खरीदारों ने की भूख हड़ताल
बैठक के दौरान कुछ खरीदारों ने जेपी इंस्टीट्यूट परिसर के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। उनका कहना है कि बिल्डर खरीदारों को अपने पाले में करना चाहता है। चाहे कोई भी कंपनी आए लेकिन उनको उनका घर चाहिए। उन्होंने मनोज गौड़ से भी सवाल पूछे। पूरी बैठक के दौरान उन्होंने बैनर और तख्तियां लेकर अपना विरोध जताया। उनका साफ कहना है कि बिल्डर उनका नहीं, बल्कि अपना हित देख रहा है।

इनके प्रोजेक्ट भी बुरी तरह से हैं फंसे
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 15 प्रोजेक्ट सहित यूनिटेक, गार्डेनिया, अर्थ, शुभकामना, जेएनसी, आर्बिटेक, इंटलसिटी, एयरविल, थ्रीसी, एकदंत, सुपरटेक, मॉर्फस प्रतीक्षा, वेदांतम सहित कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट फंसे हुए हैं। वहीं कुछ प्रोजेक्ट में कंप्लीशन सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया चल रही है।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।
Astrology

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Delhi NCR

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट के लिए लिया बड़ा फैसला, ये होगा असर

देश का सबसे बड़ा नोएडा एयरपोर्ट अब आठ रनवे का होगा। शुक्रवार को समीक्षा बैठक में आए मुख्यमंत्री ने दो और रनवे बढ़ाने पर सहमति दे दी है। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध है।

18 जून 2019

विज्ञापन

सांसदों का शपथ ग्रहण : कभी जय श्रीराम और राधे-राधे के नारे तो कभी लगे जय मीम, अल्लाह-हू-अकबर के नारे

सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान कभी लगे जय श्रीराम और राधे-राधे के नारे तो कभी लगे जय मीम, अल्लाह-हू-अकबर के नारे। देखिए ये रिपोर्ट

19 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election