किसान आंदोलन का एक साल : शांति के संकल्प पर अडिग रहा गुरुग्राम का आंदोलन

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 11:27 PM IST
Gurugram's movement stuck to the resolve of peace
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गुरुग्राम। देशभर में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को शुक्रवार को एक साल पूरा हो रहा है। देश-प्रदेश के कई स्थानों से आंदोलन के दौरान कई दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई, लेकिन गुरुग्राम में शांति के संकल्प के साथ शुरू हुआ किसान आंदोलन एक साल तक अपने शांति के संकल्प पर अडिग रहा। शहर के राजीव चौक पर शांतिपूर्ण धरना के रूप में यहां किसान आंदोलन को 333 (जिले में) दिन पूरे हो रहे हैं। इस एक साल के दौरान सबसे खास बात यह रही कि संयुक्त किसान मोर्चा के हर छोटे-बड़े फैसले में गुरुग्राम की सहमति को तवज्जो दी गई। जिला प्रधान चौधरी संतोख सिंह मोर्चा की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य हैं। हर अहम बैठक में किसी भी निर्णय में उनकी सहमति भी ली गई है। अब 27 तारीख को सिंघु बॉर्डर पर मोर्चा की अहम बैठक होगी। जिसमें आंदोलन खत्म करने की सहमति बन सकती है। इस बीच किसान मोर्चा ने छह सूत्री मांग पत्र सरकार को सौंपा है। उस पर सरकार से बातचीत के लिए भी इसी बैठक में चर्चा होगी। अगर सरकार इन छह मांगों पर बातचीत करने को तैयार होगी तो किसान मोर्चा विभिन्न स्थानों से अपने तंबू उखाड़ने पर रजामंद हो सकता है। मोर्चा की जिम्मेदारी संभाल रहे संतोख सिंह ने कहा कि भारत के संविधान के द्वारा मिले संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के अंतर्गत ही यहां आंदोलन किया गया है।
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ये गतिविधियां रहीं प्रमुख :
- 14 दिसंबर 2020 को कृषि कानूनों के खिलाफ पहली बार शहर में प्रदर्शन किया गया
- 20 दिसंबर को किसानों ने सामूहिक उपवास रख किसान आंदोलन को समर्थन दिया
- 27 दिसंबर ताली-थाली बजाकर रोष प्रदर्शन किया
- 28 को राजीव चौक के पास विधिवत रूप से तंबू गाड़कर धरना शुरू किया गया
- 26 जनवरी 2021 को शहर में किसान ट्रैक्टर परेड निकाली
- पातली स्टेशन पर अडानी ग्रुप की रेल रोकी
- शहीद किसानों की स्मृति में चारा बार मसाल और कैंडल मार्च निकाला
- बाइक रैली का आयोजन भी किया
आज उपायुक्त को ज्ञापन देगा मोर्चा
गुरुग्राम। पातली-हाजीपुर मैं फ्लिप्कार्ट कंपनी को जमीन आवंटन मामले में किसान मोर्चा की ओर से शुक्रवार को उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया जाएगा। मोर्चा के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने बताया कि शुक्रवार को किसान आंदोलन को एक वर्ष पूरा हो जाएगा। इस अवसर पर धरना स्थल पर किसानों की सभा होगी और इसके बाद किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय तक जाएंगे। साथ ही ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से किसानों की लंबित मांगों को पूरा करने की अनुरोध किया जाएगा। इन लंबित मांगों में एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने, 700 शहीद किसानों के परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था करने, आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए झूठे मुकदमे वापस लेने, विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक, 2020/2021 का ड्राफ्ट वापस लेने, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इससे जुड़े क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम, 2021 में किसानों को सजा देने के प्रावधान हटाए जाने, लखीमपुर खीरी हत्याकांड के सूत्रधार और सेक्शन-120 के अभियुक्त अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाने की मांगे शामिल हैं। संवाद

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