विज्ञापन

अरावली संरक्षण में फरीदाबाद कांत एन्कलेव का फैसला बनेगा नजीर

Noida Bureau Updated Wed, 12 Sep 2018 04:16 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
--पेज..2 के लिए:
विज्ञापन
----------
अरावली संरक्षण में फरीदाबाद कांत एंकलेव का फैसला बनेगा नजीर
-पीएलपीए को लेकर हमेशा अधिकारियों में रहता है असमंजस
-गुरुग्राम क्षेत्र में करीब 5000 हेक्टेयर पर लागू है पीएलपीए
शाहनवाज आलम
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फरीदाबाद कांत एंकलेव के मामले में दिया गया फैसला अरावली संरक्षण के लिए नजीर बनेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से साफ कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए)-1900 लागू है, वहां किसी तरह का निर्माण या पर्यावरण से छेडछ़ाड़ नहीं की जा सकती है। ऐसे में गुरुग्राम क्षेत्र में करीब 5000 हेक्टेयर में यह अधिनियम लागू है, जबकि छह जिलों की 35 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि इसके दायरे में है।
दरअसल, गुरुग्राम क्षेत्र के 43 गांव अरावली से सटे हैं। इनमें 38 गांवों में पीएलपीए लागू है। जहां पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है, लेकिन पीएलपीए लागू होने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी अरावली के क्षेत्र को निकालकर एनसीजेड (नेशनल कंर्जवेशन जोन) में शामिल कराकर बिल्डरों व अन्य लोगों को लाभ पहुंचाने की जुगत में रहे हैं। बीते वर्षों में एनसीजेड के दायरे को लेकर भी बवाल मचा हुआ है। अभी तक पूरी स्थिति तय नहीं हो पाई है।
सूत्रों की मानें तो गुरुग्राम क्षेत्र की करीब 5000 हेक्टेयर जमीन की करीब 15 प्रतिशत भूमि पर अतिक्रमण है। कई जगहों पर फॉर्म हाउस बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है। पर्यावरण विश्लेषण चेतन अग्रवाल का कहना है कि अभी तक पीएलपीए अधीन क्षेत्र को हरियाणा सरकार गैर वन क्षेत्र के रूप में घोषित करने का प्रयास करती रही है, लेकिन इस फैसले ने तमाम कोशिश पर रोक लगा दी है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है जिन क्षेत्रों में पीएलपीए है, वो वन क्षेत्र ही माना जाएगा। ऐसे में गुरुग्राम समेत छह जिलों के 35 हेक्टेयर क्षेत्र में अब निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।

फॉर्म हाउस पर लटकी तलवार
अरावली के कई क्षेत्रों में गलत तरीके से फार्म हाउस का निर्माण किया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए फरीदाबाद के कांत एंकलेव को गिराने का आदेश दिया है। ऐसे में अरावली किनारे व अरावली के साए में बने 150 से अधिक फार्म हाउस पर तलवार लटक गई है। गुरुग्राम क्षेत्र के अरावली हिस्से में कई नामचीन नेता व बड़े उद्यमियों के फार्म हाउस है।

गुरुग्राम के इन गांवों में हैं अरावली का हिस्सा
-चकरपुर, रायसीना, हैदरपुर, घामड़ौज, ग्वाल पहाड़ी, बंधवाड़ी, वजीराबाद, रिठौज, दमदमा आदि।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Gurugram

प्रधानमंत्री को लाल एवं पीले रंग की पगड़ी बांधी जाएंगी

प्रधानमंत्री को लाल एवं पीले रंग की पगड़ी बांधी जाएंगी

19 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

हरियाणा सरकार गाय के गोबर से बनाने जा रही बायो सीएनजी

बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों को देखते हुए हरियाणा सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार गाय के गोबर से बायो सीएनजी तैयार कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने अमेरिकी कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है।

16 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree