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ग्रेनो प्राधिकरण दिखाएगा ‘दस पर दम’, बड़े बकाएदारों की जारी करेगा आरसी

अरविंद सिंह ग्रेटर, नोएडा Updated Tue, 10 Sep 2019 03:25 AM IST
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फाइल फोटो - फोटो : Twitter
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आर्थिक संकट से जूझ रहा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब अपने 10 सबसे बड़े बकायेदारों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने जा रहा है। इन 10 बकायेदारों की सूची बनाई जा रही है। 
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दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का करीब 7000 करोड़ रुपये बकाया है। हर श्रेणी के आवंटियों (बिल्डर, औद्योगिक, आवंटी, संस्थागत, व्यावसायिक व आईटी) सबसे ज्यादा रकम बिल्डरों पर बाकी है। 

इसके अलावा औद्योगिक आवंटी, संस्थागत, व्यावसायिक व आईटी के आवंटियों पर भी करोड़ों बकाया हैं, लेकिन वे जमा नहीं कर रहे हैं। प्राधिकरण इन आवंटियों को कई बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एकमुश्त भुगतान योजना और री-शेड्यूलमेंट पॉलिसी का भी कुछ खास असर नहीं दिख रहा। 

दूसरी तरफ प्राधिकरण ने भी विभिन्न बैंकों से कर्ज ले रखा है, जिसमें ब्याज जोड़कर करीब 7000 करोड़ रुपये कर्ज हो चुका है। इसका भुगतान करने के लिए प्राधिकरण लगभग 40 करोड़ रुपये प्रति माह (1.33 करोड़ रुपये प्रति दिन) कर्जदाताओं को सिर्फ ब्याज भर रहा है। 

इसे देखते हुए प्राधिकरण ने हर श्रेणी के 10 बड़े आवंटियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। सीईओ इसकी समीक्षा करेंगे जिसके बाद आरसी जारी की जाएगी। ये आरसी जिला प्रशासन के राजस्व विभाग को दे दी जाएगी। वह बकाएदारों से रिकवरी करेगा। 

प्राधिकरण का बकाया जमा न करने वालों पर कार्रवाई होने से इन परियोजनाओं में पैसा लगाने वाले निवेशकों को परेशानी हो सकती है। उनको प्रॉपर्टी पर पजेशन मिलने में अधिक समय लग सकता है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि कोई भी कदम उठाने से पहले उनमें निवेशकों के हितों का भी ख्याल रखा जाएगा।

कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी बकायेदार भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसलिए हर श्रेणी के 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की जा रही है। इनके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ, ग्रेटर नोएडा 

श्रेणीवार बडे़ बकायेदारों पर बकाया

बिल्डर    4000 करोड़
संस्थागत    900 करोड़
आईटी    600 करोड़
उद्योग    200 करोड़

आम्रपाली सबसे बड़ा बकायेदार, लेकिन कार्रवाई नहीं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सबसे बड़ा बकायेदार आम्रपाली बिल्डर है। करीब 3700 करोड़ रुपये सिर्फ आम्रपाली पर बकाया हैं। लेकिन आम्रपाली का मसला सुप्रीम कोर्ट में है। इसलिए उस पर फिलहाल प्राधिकरण अपनी तरफ से कार्रवाई नहीं कर सकता। अन्य आवंटियों पर सख्ती की तैयारी करेगा। 
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