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पुलिस ने दबोचा लिफाफा गैंग

Ghaziabad Bureauगाजियाबाद ब्यूरो Updated Sun, 14 Jul 2019 01:30 AM IST
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लिफ्ट देकर ठगने वाले लिफाफा गैंग के सात आरोपी गिरफ्तार
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गाजियाबाद। साहिबाबाद पुलिस ने एक ऐसे लिफाफा गैंग के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो कार में बैठाकर सवारियां को लूट लेते थे। इनके पास से दो लग्जरी कार, एक तमंचा और छह चाकू बरामद हुए हैं। सवारियों को अपनी कार में बैठाने के बाद आरोपी लुटेरे आगे पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर गहने, नकदी व अन्य सामान एक लिफाफे में रखवा लेते थे और लिफाफे का सामान बदल देते थे। गाड़ी से उतरते समय ऐसा लिफाफा दे देते थे, जिसमें कागज की गड्डी रखी होती थी। पकड़े गए लुटेरे गाजियाबाद के अलावा आगरा, मुरादाबाद, मेरठ, देहरादून, हरिद्वार में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे अर्जुन इंदिरापुरम, दिलीप कुमार खोड़ा कालोनी, राकेश कुमार अशोक नगर दिल्ली, विनोद कुमार शनि चौक मकनपुर इंदिरापुरम, एलिफ इब्राहिम क्रिश्चयन नगर विजयनगर, अंकित न्यायखंड प्रथम इंदिरापुरम, मनोज कुमार एफ ब्लॉक ईस्ट विनोद नगर दिल्ली हैं। अर्जुन और इब्राहिम पहले भी जेल जा चुके हैं, अन्य लोग पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। मुख्य सरगना अर्जुन है गाड़ी में बैठकर अंग्रेजी अखबार पढ़ता था और खुद को मैनेजर बताता था। साहिबाबाद पुलिस ने आरोपियों को दोनों कार समेत वर्ल्ड स्कावर माल के पास से गिरफ्तार किया है।
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ऐसे करते थे वारदात
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि गैंग में शामिल एक लुटेरा किसी ऐसे चौराहे-तिराहे के पास जाकर रेकी करते थे, जहां सवारियां बस का इंतजार करने के लिए खड़ी रहती हैं। उनके गंतव्य स्थान की जानकारी कर लेता था। थोड़ी देर में इनके दूसरे साथी अपनी कार लेकर आते, इसी दौरान रेकी करने वाला कोड वर्ड में बता देता था कि यहां किस क्षेत्र में जाने वाली सवारी हैं। कार का ड्राइवर उसी रूट पर जाने की आवाज लगाता था। रेकी करने वाला लुटेरा खुद भी सवारी बनकर कार में बैठ जाता था। इसके बाद ड्राइवर और पहले से कार में सवार साथी गाड़ी को सरकारी बताते थे और चेकिंग के नाम पर उनकी कीमती गहने व नकदी एक लिफाफे में डलवा लेते थे। विश्वास जमाने के लिए वह सवारी से उनके लिफाफे पर साइन कराते थे, ताकि उतरते वक्त उन्हीं का लिफाफा मिल सके। इसी बीच सवारियों को चकमा देकर लिफाफे से रकम निकाल कर उसमें कागज भर देते थे। उतरते समय उसे हस्ताक्षर किया लिफाफा थमा देते थे। घर जाकर खोलने पर उन्हें ठगी का अहसास होता था।
हर बार बदल लेते थे कार की नंबर प्लेट
सीओ साहिबाबाद आरके मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के पास दो लग्जरी कार जाइलो और अर्टिगा हैं। यह कार में पीली और सफेद रंग की कई नंबर की प्लेट रखते थे। वह ठगी के दौरान पीले नंबर की प्लेट का इस्तेमाल करते थे। हर बार वारदात के बाद यह गैंग कार की नंबर प्लेट बदल देता था। क
ऐसे कोड वर्ड में होती थी बातचीत
एसपी सिटी ने बताया कि इस गैंग ने सवारियों के जाने के स्थान के अलग-अलग कोडवर्ड तय कर रखे थे। एक कान के पास हाथ घुमाने का रूट अलग था और दूसरे कान के पास हाथ घुमाने का रूट दूसरा था। दोनों हाथ पैंट की जेब में डाला तो मतलब सवारी को मेरठ रूट पर जाना है।
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