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कॉलेज के छात्रों को सप्लाई होने से पहले 15 लाख का गांजा पकड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 12:47 AM IST
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कॉलेज के छात्रों को सप्लाई होने से पहले 15 लाख का गांजा पकड़ा
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गाजियाबाद। अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ कर सर्विलांस सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने दंपती समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की कार से 15 लाख का 150 किलो गांजा बरामद हुआ है। चेकिंग में पुलिस से बचने को आरोपियों ने कार मोडिफाई करा रखी थी और उसमें बनाए गए चैंबर में छिपाकर गांजा की खेप लाई जा रही थी। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि उनके सीयूजी नंबर पर एक मुखबिर ने सूचना दी थी कि कार में छिपाकर गांजा लाया जा रहा है। पकड़ सको तो पकड़ लो। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तस्करों को धर-दबोचा। एक आरोपी हरदोई और बाकी गाजियाबाद के रहने वाले हैं। एनसीआर आयोजित पाटियों में खपाने के लिए गांजा की खेप तेलंगाना से लाई गई थी।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद नगर कोतवाली पुलिस व सर्विलांस सेल ने साजन कट पर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। मुखबिर की सूचना के मुताबिक उक्त कार तस्करों की ही थी। तलाशी लेने पर कार में कुछ नहीं मिला, लेकिन कार को मोडिफाई कराया हुआ था। शक होने पर कार में बना चैंबर खंगाला तो उसमें 150 किलो गांजा मिला। इसके बाद कार सवारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डूंडाहेड़ा विजयनगर निवासी सुग्रीव ठाकुर व उसकी पत्नी रेनू, रामबाबू शाह, गमेश वाटिका गोविंदपुरम निवासी परमार्थ और हरदोई के गांव नगोलापुर निवासी सतीश के रूप में हुई है। आरोपियों ने बताया कि विजयनगर निवासी राजेश पांडेय गैंग का सरगना है।

माह में उड़ीसा के लगाते थे दो से तीन चक्कर
तस्कर राज्य व जिला बदलते ही अपनी कार की नंबर प्लेट भी बदल लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वह उड़ीसा व तेलंगाना के सीमावर्ती इलाकेसे गांजा की खेप लाते हैं। इसके लिए वह महीने में दो से तीन चक्कर उड़ीसा के लगा देते थे। महिला रेनू कार में आगे बैठती थी और पुलिस के रोकने पर वह तस्करों को परिजन बताती और किसी परेशानी में जाने की बात कहकर गुमराह करती थी। पुलिस के मुताबिक, सरगना राजेश पांडेय गांजा की खरीद-फरोख्त खुद ही करता था। उड़ीसा व तेलंगाना में उसका जाल फैला है। माल की पेमेंट करने के बाद वह गैंग के सदस्यों को माल की डिलीवरी लेने भेजता था। सतीश सरगना राजेश का करीबी है, जबकि राजेश के भाई अरविंद, जितेंद्र और उनका साथी सनी भी नशा तस्करी के धंधे में सक्रिय हैं। पुलिस राजेश, उसके भाई व साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
नौजवानों-छात्रों तक पहुंचाया जा रहा नशा
एसपी सिटी ने बताया कि सरगना राजेश ने गांजा की खेप को दिल्ली-एनसीआर में खपाने के लिए मंगाई थी। इस काम के लिए उसने कई ठिकाने बनाकर उन पर अपने आदमी लगाए हुए हैं। राजेश गांजा लाने की एवज में गिरोह के सदस्यों को कमीशन देता था। साथ ही उनके आने-जाने के दौरान सारा खर्च उठाता था। पुलिस की मानें तो राजेश ने चेन सिस्टम बनाया हुआ था, जिसके जरिये नशा नौजवानों व छात्रों तक पहुंचाया जाता था।
दो सिपाहियों पर गाज गिरवा चुका है सरगना राजेश
गांजा तस्करी को लेकर राजेश पांडेय का नाम चर्चा में रहता है। वह खुद तस्करी करने के साथ-साथ पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता है। बीते दिनों नशा तस्करी के इनपुट पर एक थाने के सिपाहियों ने उसे पकड़ा था, लेकिन एसटीएफ केपुलिसकर्मी की सिफारिश पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद राजेश ने डेढ़ लाख रुपये पर छोड़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी। जांच के बाद एसएसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया था। हालांकि, जांच में रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी थी।

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