बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

गाजियाबाद को प्रदूषण से मुक्ति दिलाएगी रैपिड रेल की रफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 12:41 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
गाजियाबाद को प्रदूषण से मुक्ति
विज्ञापन

दिलाएगी रैपिड रेल की रफ्तार
गाजियाबाद। रैपिड रेल परियोजना आने वाले दशक में वायु प्रदूषण पर कड़ा प्रहार करेगी। ग्रीनपीस दक्षिण पूर्व एशिया की एक अध्ययन रिपोर्ट ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रोजेक्ट को पर्यावरण अनुकूल बताया है। रिपोर्ट के आधार पर एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) वायु प्रदूषण के स्तर व ऊर्जा के खपत को कम करने के अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों पर काम कर रहा है।
ग्रीन पीस दक्षिण पूर्व एशिया के अध्ययन रिपोर्ट की माने तो आरआरटीएस कॉरिडोर का संचालन शुरू होने के बाद सार्वजनिक परिवहन उपयोग की हिस्सेदारी 37 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी होने का अनुमान है। वहीं इसके कारण यात्रा के लगने वाले समय में 60 से 70 फीसदी की कमी आएगी। आरआरडीएस का संचालन शुरू होते ही सड़कों पर एक लाख से अधिक निजी वाहन कम होने का अनुमान जताया गया है। सभी एलिवेटेड स्टेशनों और डिपो को ग्रिड आपूर्ति के साथ सौर ऊर्जा पैनल और नेट मीटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे बिजली की खपत काफी कम हो जाएगी। यात्री व्यक्तिगत वाहनों को इस्तेमाल करने की जगह रैपिड या फिर मेट्रो ट्रेन के इस्तेमाल को तवज्जो देंगे। निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल प्रदूषण के स्तर में गिरावट लेकर आएगा।

2024 से 30 के बीच कार्बन डाइऑक्साइड में 18 लाख टन की आएगी कमी:
आरआरटीएस कॉरिडोर का संचालन शुरू होते ही वायु प्रदूषण का स्तर में बड़े पैमाने पर कमी आने का ग्रीन पीस की अध्ययन रिपोर्ट में अनुसार लगाया गया है। सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या और ट्रैफिक पर दबाव कम होने का साल 2024 से 2030 के बीच वायु प्रदूषण पर व्यापक प्रभाव दिखाई देगा। रिपोर्ट की माने तो सात सालों के अंदर दिल्ली-एनसीआर में कार्बन डाइऑक्साइड में 18.8 लाख टन की कमी आएगी। वहीं वायु में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) में 3.56 लाख टन और नाइट्रोजन ऑक्साइड (नोक्स) में 27 लाख टन की कमी में आएगी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी।
हर माह बन रहा डेढ़ किमी एलिवेटेड ट्रैक
वर्तमान में रैपिड के प्राथमिकता वाले खंड में साहिबाबाद से मेरठ रोड व मेरठ रोड से दुहाई तक दोनों भागों में आधा-आधा किमी से अधिक एलिवेटेड ट्रैक (वायडक्ट) का निर्माण पूरा हो चुका है। इस पर केवल रैपिड की पटरी बिछना बाकी है। एलिवेटेड ट्रैक तैयार करने के लिए और वसुंधरा कास्टिंग यार्ड में गार्डर को एलिवेटेड ट्रैक पर लाँच करने के लिए प्राथमिकता वाले खंड में आठ लॉंचिंग गैंट्री मशीनें कार्यरत हैं। एनसीआरटीसी की ओर से आने वाले दिनों में पूरी क्षमता से कार्य शुरू होने पर हर माह 1.50 किमी एलिवेटेड ट्रैक (वायडक्ट) का निर्माण पर फोकस किया जा रहा है।
एयरोडायनामिक तकनीक व स्टेनलेस स्टील के होंगे डिब्बे
आधुनिक प्रणाली वाली रैपिड ट्रेन का डिजाइन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के मुताबिक तैयार किया गया है। स्टेनलेस स्टील व एयरोडायनामिक तकनीक से बनने वाली ट्रेनें हल्की होने के साथ पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। हर ट्रेन में एक महिला कोच के साथ बिजनेस क्लास कोच होगा। बिजनेस क्लास कोर्स के अंदर फूड डिस्पेंसिंग मशीन भी लगी होगी। ट्रेन में टू बाय टू ट्रांसवर्स आरामदायक सीटों के साथ यात्रियों के पैर रखने और खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह होगी। ट्रेन में मोबाइल व लेपटॉप चार्जिंग सॉकेट, वाई फाई के अलावा सामान रखने के लिए रैक उपलब्ध होगी। हर ट्रेन में छह कोच होंगे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X