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धांधली को रोकने के लिए विवाह पंजीकरण प्रक्रिया सख्त

Ghaziabad Bureauगाजियाबाद ब्यूरो Updated Sun, 21 Apr 2019 01:54 AM IST
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धांधली को रोकने के लिए विवाह पंजीकरण प्रक्रिया सख्त
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गाजियाबाद। फर्जी संस्था की आड़ में विवाह करना और घालमेल कर पंजीकृत कराने के मामले में शासन ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं। अब विवाह पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया को पहले के मुकाबले सख्त कर दिया गया है। अब विवाह के ऑनलाइन पंजीकरण के वक्त तीन स्तर पर अभिलेख अपलोड करने होंगे। सबसे अहम बात ये है कि अब विवाह पंजीकरण के वक्त जन्म प्रमाण पत्र भी देना होगा। उसके लिए सिर्फ पांच अभिलेख ही मान्य होंगे। इसके साथ ही दंपति को विवाह पंजीकरण के वक्त अलग-अलग शपथ पत्र भी देना होगा। शासन के निर्देश पर पंजीकरण संबंधित सॉफ्टवेयर में भी नई व्यवस्था से जुड़े विकल्पों को भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
विवाह पंजीकरण के मामले में लगातार शासन को शिकायतें मिल रहीं थीं कि कुछ फर्जी संस्थाएं अवैध तरीके से विवाह करा रही हैं। गाजियाबाद में ही 10 से अधिक ऐसी संस्थाएं पकड़ी र्गइं थीं, जिनका गठन आर्य समाज के नाम पर हुआ। डीएम रितु माहेश्वरी ने कुछ महीने पहले सदर तहसील स्थिति स्टांप एवं निबंधन कार्यालय में एक मामले को पकड़ा था। मौके पर मिली युवती ने बताया था कि उसे एक अधिवक्ता ने भरोसा दिया है कि उनकी शादी पंजीकृत करा दी जाएगी। मामले में डीएम ने जांच कराई तो सब रजिस्ट्रार पंचम के दफ्तर में सबसे ज्यादा विवाह पंजीकृत पाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया था कि शादी पंजीकरण कराने वाले अधिकांश दंपति दूसरे राज्यों के हैं। कमेटी की जांच रिपोर्ट में थाना कविनगर में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी की तरफ से शासन को पत्र लिखकर सिफारिश की गई कि विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया जाए। उधर, शासन को आम जनमानस से भी विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में खामियों को लेकर शिकायतें मिल रहीं थीं, जिसको देखते हुए कमेटी गठित की गई। अब उसकी कमेटी के सुझावों के आधार पर पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव कर पहले से सख्त बना दिया है। अब पंजीकरण के वक्त पहचान, पता, आयु प्रमाण पत्र संबंधी अभिलेख देने होंगे, जो सिर्फ सरकार की तरफ से निर्गत ही मान्य होंगे। इनकी सूची भी तीन अलग-अलग श्रेणियों में दी गई है। विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में हुए बदलाव को लेकर मिनिस्ती एस. महानिरीक्षक निबंधन की तरफ से विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

गवाह को भी बतानी होगी अपनी पहचान
विवाह पंजीकरण में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब पति व पत्नी की तरफ से पेश होने वाले गवाहों को भी अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन पंजीकरण के समय अपलोड करना होगा। ऐसी स्थिति में अगर विवाह पंजीकरण में कोई धांधली की जाती है तो गवाह के आधार पर जांच की जा सकेगी।

पंजीकरण के समय दिए जाने वाले दस्तावेज
पहचान - स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट व सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई अन्य अभिलेख
पता - आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, राशन कार्ड, यूटीलिटी बिल, रेंट एग्रीमेंट, बैंक पासबुक, सरकार द्वारा जारी कोई अन्य अभिलेख
आयु - पासपोर्ट, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/ एसएससी प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रार, जन्म-मृत्यु पंजीकरण द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र, सीएमओ द्वारा जारी जन्मतिथि/आयुु प्रमाण पत्र

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