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किसान आंदोलन: बलबीर सिंह बोले- 200 किसानों का जत्था जाएगा संसद, अनुमति की नहीं हुई कोई बात

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 20 Jul 2021 04:01 PM IST

सार

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने आज की बैठक के बारे में बताया कि, प्रशासन ने अपनी बात रखी और हमने अपनी बात कही।
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बलबीर सिंह राजेवाल
बलबीर सिंह राजेवाल - फोटो : एएनआई
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विस्तार

कृषि कानूनों के विरोध में सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए किसान 22 जुलाई को संसद तक मार्च को निकाल रहे हैं। इसे लेकर लगातार किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस की बैठकें हो रही हैं जिसका कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। मंगलवार को भी किसानों और पुलिस के बीच बैठक हुई जिसमें अनुमति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
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किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने आज की बैठक के बारे में बताया कि, प्रशासन ने अपनी बात रखी और हमने अपनी बात कही। हमारा 200 लोगों का जत्था जाएगा, अनुमति की कोई बात नहीं हुई अभी चर्चा हो रही है। 


मोर्चा ने सोमवार को कहा था- किसानों के मार्च के खिलाफ फैलाया जा रहा है झूठ 
संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को कहा कि दिल्ली पुलिस किसानों के संसद विरोध मार्च को गलत तरीके से प्रचारित कर रही है। पुलिस को योजना के बारे में सभी जानकारी देने के बावजूद भी वह इसको संसद घेराव करार दे रही है। जबकि, किसानों की संसद की घेराबंदी करने की कोई योजना नहीं है।

सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए किसान 22 जुलाई को मार्च को निकाल रहे हैं। यह पूरी तरीके से शांतिपूर्ण और अनुशासित होगा। मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों की ओर से लगाए जा रहे नारे पर प्रधानमंत्री के जवाब में लगाए गए आरोपों को संयुक्त किसान मोर्चा ने निरर्थक प्रयास करार दिया है।

मोर्चा का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में उन मुद्दों को उठाया जिन्हें किसान आंदोलन कई महीनों से उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों के नारों के जवाब में आरोप लगाया कि विपक्षी दल, दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित समुदायों और किसानों के बच्चों को मंत्रियों के पद पर पदोन्नत करने का समर्थन नहीं कर रहे हैं। 

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि मोर्चा  प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहता है कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, किसानों और ग्रामीण भारत के अन्य लोगों सहित देश के हाशिए पर रहने वाले समुदायों को सच्चा सम्मान तभी मिलेगा जब उनके हितों की वास्तव में रक्षा की जाएगी। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट झूठे
मोर्चा ने कहा कि संसद की घेराबंदी की मांग करने वाले कुछ पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरस हो रहे हैं। इनका किसानों से कोई संबंध नहीं है। इन पोस्टरों की संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से निंदा की जाती है। इसके अलावा किसानों के नाम से जो कॉल आ रही है उनका किसान संगठनों से कोई लेना देना नहीं है। किसानो का यह आंदोलन जीवन और मृत्यु का संघर्ष है और इसे पटरी से उतारने की किसी भी कोशिश की निंदा की जाती है।

किसानों के संसद मार्च से पहले मेट्रो स्टेशनों पर मुस्तैदी
मानसून सत्र में किसानों की ओर से प्रस्तावित संसद मार्च के एलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र के सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा इंतजामों को और बढ़ा दिया। सोमवार से संसद का मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही सभी मेट्रो स्टेशनों पर निगरानी गई तो आसपास भीड़ न हो इसपर पुलिस की नजरें टिकी हुई थीं।

किसानों के संसद मार्च को देखते हुए रविवार को मेट्रो पुलिस ने नई दिल्ली के सात मेट्रो स्टेशनों को किसी भी वक्त बंद करने के लिए मेट्रो प्रशासन को सूचित कर दिया था। इसके तहत मंडी हाउस, पटेल चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, लोक कल्याण मार्ग, उद्योग भवन, राजीव चौक सहित सात मेट्रो स्टेशनों के लिए अलर्ट जारी किया था। सोमवार शाम भीड़ होने पर पटेल चौक मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया था। हालात सामान्य होने पर मेट्रो स्टेशन के गेट खोल दिए गए।

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