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यमुना में बाढ़ का पानी हुआ कम, लोगों ने ली राहत की सांस

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Thu, 22 Aug 2019 09:36 PM IST
फरीदाबाद यमुना का जल स्तर हुआ कम बसंत इंक्लेव में लोगो ने ली राहत की सांस ।
फरीदाबाद यमुना का जल स्तर हुआ कम बसंत इंक्लेव में लोगो ने ली राहत की सांस । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर में करीब छह फुट की कमी आई। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद लोग अपने घरों में लौटने लगे हैं, मगर बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। इससे लोग काफी डरे और सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लोगों कोई खास राहत नहीं दी गई। उधर, राहत शिविर भी अधिकारी हटाने की बात कर रहे है। यमुना की बाढ़ से कुछ मकान जहां ढह गए, वहीं कई की दीवारों में दरारें आ गई हैं। कुछ मकानों की जमीन धंस गई है।
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बसंत एंक्लेव पार्ट-दो में रहने वाले धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिनों से कॉलोनी में भरा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। कई घरों से पानी निकल गया तो कुछ में अभी भी भरा हुआ है। इससे कुछ परिवार वापस अपने घरों में लौटने लगे हैं। हालांकि, कई अभी भी राहत शिविर में शरण ले रहे हैं। लोगों ने बताया कि बाढ़ के पानी में कई मकान ढह गए हैं।
कुछ की दीवारों में दरारें आ गई हैं, गेट उखड़ रहे हैं और जमीन धंस गई है। टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखा आदि सब खराब हो चुके हैं। कुछ घरों की हालत काफी खस्ता है। वह कभी भी गिर सकते हैं, मगर लोग इन मकानों से बाहर आने को तैयार नहीं हैं। इन घरों में रहे लोगों का कहना है कि खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बनाए मकान अगर छोड़कर जाएंगे तो दबंग लोग इन पर कब्जा कर लेंगे।
राहत शिविर में लोगों को नहीं मिल रही सुविधाएं
गांव बसंत एंक्लेव पार्ट दो में जिला प्रशासन की ओर से राहत शिविर बनाए गए, मगर यहां सुविधाएं लोगों को नहीं मिल रही है। खाने-पीने के सामानों की कमी है। प्रशासनिक अधिकारी लोगों को घरों में वापस जाने के लिए कह रहे हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी बृहस्पतिवार शाम तक शिविरों को हटाने की बात कह रहे हैं, जबकि बाढ़ कर खतरा अभी भी बरकरार है।
बाढ़ से निपटने के लिए नाव तैयार
बृहस्पतिवार को यमुना के जलस्तर में कमी आई है। हालांकि पानी बढ़ता है तो बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। प्रशासन की ओर से बसंत एंक्लेव में नाव लगाई गई है। इससे की बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की सहायता से निकाला जा सकेगा।
आधा किलोमीटर दूर से लेकर आ रहे पानी
बाढ़ का पानी कम होने से एक ओर जहां लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर कॉलोनी में पेयजल संकट गहरा गया है। पीने के पानी लोगों को दूर दराज से भर कर लाना पड़ रहा है। कॉलोनी निवासी परवीन खातून और शबाना ने बताया कि घरों से बाढ़ का पानी तो निकल गया है। पेयजल सप्लाई ठप है। इस कारण वह करीब आधा किलोमीटर दूर से पानी भर कर ला रही हैं।
सुबह राहत शिविर का दौरा कर लौटे अधिकारी
दो दिनों से बाढ़ ग्रसित इलाकों पर नजर बनाए बैठे अधिकारियों ने जलस्तर में कमी आने से राहत की सांस ली। सुबह अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर अपने घरों को लौट गए। ऐसे में राहत शिविरों में लोगों की सुरक्षा राम भरोसे रही।
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