सड़क दुर्घटनाओं में आई पांच प्रतिशत की कमी, 50 फीसद तक लाने पर जोर : गड़करी

Noida Bureau Updated Thu, 09 Nov 2017 11:10 PM IST

सड़क दुर्घटनाओं में आई पांच प्रतिशत की
कमी, 50 फीसदी तक लाने पर जोर : गडकरी


फरीदाबाद। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। मगर वर्ष 2016 के जनवरी से जून माह की अपेक्षा इस साल के पहले छह माह में दुर्घटनाओं में करीब पांच प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि दुर्घटनाओं में मरने वालों के आंकड़ों को 50 प्रतिशत तक लेकर आना है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग और बेहतर ड्राइविंग पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री सूरजकुंड रोड स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आने वाले लोगों की सुरक्षा पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला में भारत सहित 22 देशों के इंजीनियर, यातायात प्रबंधक एवं सुरक्षा प्रोफेशनल्स, स्कूल ट्रांसपोर्ट मैनेजर, शिक्षाविद्, पुलिस और पैदल यात्री सुरक्षा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

देश में दो हजार प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे
कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का मौजूदा मोटर व्हीकल एक्ट 1988 काफी पुराना हो चुका है। इसमें संशोधन किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले सत्र में इस पर राज्यसभा में चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़कों के डिजाइन बदले जा रहे हैं, वाहन सही ढंग से चलाने के लिए देश में दो हजार प्रशिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का 40 प्रतिशत यातायात केवल दो प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही प्रदूषण की समस्या को देखते हुए प्रदूषण रहित वाहनों पर जोर दिया जा रहा है। बिजली आधारित पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के लिए नई तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है।

सड़क पर चलने वाले 70 फीसदी हादसों का शिकार
इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई) के अध्यक्ष डॉ. रोहित बलूजा ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान पैदल यात्रियों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और स्कूल यातायात के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डॉ. बलूजा ने कहा कि सुरक्षित सड़क सभी पैदल यात्रियों का अधिकार है। सड़क दुर्घटनाओं के शिकार होने वालों में सबसे अधिक पैदल यात्री, मोटरसाइकिल सवार, सार्वजनिक परिवहन के उपयोगकर्ता, स्कूली बच्चेे, दिव्यांग हमेशा वाहन में बैठे व्यक्ति से ज्यादा खतरे की जद में रहते हैं। भारत समेत कुछ देशों में अधिकांश दुर्घटनाओं में सड़क पर चलने वाले लोगों के शिकार होने का आंकड़ा 70 फीसदी तक पहुंचता है।

आधुनिक इंटरसेप्टर वी 8 वाहन किया लांच
इस मौके पर आईआरटीई की ओर से आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित नए इंटरसेप्टर वी 8 वाहन को भी लांच किया गया। इस वाहन से पुलिस को दुर्घटना की जांच करने और दुर्घटना के बाद स्थितियों को संभालने में भी मदद मिलेगी। इसका शुभारंभ ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के महानिदेशक डॉ. एपी महेश्वरी ने किया।

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