प्रीलॉचिंग के नाम पर एसआरएस ने किया करोड़ों का खेल

Noida Bureau Updated Tue, 06 Mar 2018 07:12 PM IST
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प्री-लॉचिंग के नाम पर एसआरएस ने किया करोड़ों का खेल
- एसआरएस ग्रुप के खिलाफ पुलिस के पास लंबित हैं 40 और शिकायतें
- 60 शिकायतकर्ताओं का आरोप, करीब 8 करोड़ रुपये डकार गया एसआरएस ग्रुप

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एसआरएस ग्रुप के निदेशकों ने प्री-लॉचिंग के नाम पर करोड़ों का खेल किया और लोगों की गाढ़ी कमाई डकार गए। पुलिस के पास पहुंची 60 शिकायतों में ही करीब आठ से 10 करोड़ रुपये की रकम बताई जा रही है। एसआरएस ग्रुप के खिलाफ पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो के आदेश पर रविवार को सेक्टर-31 थाने में एक साथ 20 मामले दर्ज किए गए, जबकि बाकी 40 मामलों की जांच चल रही है। इसकी भनक लगते ही ग्रुप के चेयरमैन से लेकर निदेशक तक सभी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस जल्द ही एसआरएस ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में जुटी है।

2012 में शुरू हुआ खेल
एसआरएस पीड़ित मंच के संयोजक व शिकायतकर्ता जनकराज गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2012 में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक प्रतीक जिंदल, विनोद गर्ग (मामा), बिशन बंसल, नानक तायल, पीके कपूर और जेके गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों से संपर्क कर अपने नए प्रोजेक्ट में रुपये निवेश करने के लिए कहना शुरू कर दिया था। इस दौरान लोगों को बताया गया कि जल्द ही उन्हें उनके निवेश किए गए रुपयों के आधार पर फ्लैट उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। लोगों ने करोड़ों रुपये इनके कहने पर एसआरएस ग्रुप में निवेश किए। इस दौरान लोगों को 1 से 1.5 प्रतिशत के हिसाब से उनके रुपयों का ब्याज भी दिया गया। 2015 तक लोगों ने रुपये जमा करवाए। इसके बाद निवेशकों को पता चला कि एसआरएस ग्रुप लोगों के पैसे लेकर भागने की फिराक में है। लोगों ने पैसे जमा करने बंद कर दिए और इनके खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इससे परेशान अनिल जिंदल व विनोद गर्ग सहित अन्य निदेशकों ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही लोगों के रुपये लौटा दिए जाएंगे। उन्होंने सेक्टर-31 स्थित एसआरएस टावर में बुलाकर लोगों को चेक भी दिए, मगर जब वह चेक बाउंस हो गए।

एक लाख के बदले दी 20 हजार रुपये की डायमंड ज्वेलरी
इस दौरान लोगों को शांत करने के लिए एसआरएस ग्रुप ने लोगों को प्रलोभन दिया कि वे उनके रुपयों के बदले में उन्हें डायमंड ज्वेलरी दे देंगे। लोग एसआरएस ज्वेल्स पर जेवर लेने पहुंचने लगे शिकायतकर्ता अमित गोयल के अनुसार लोगों को एक लाख रुपये के बदले में 15 से 20 हजार रुपये कीमत की डायमंड ज्वेलरी पकड़ी गई। पता चलने पर लोगों ने इसका भी विरोध किया और ज्वेलरी लौटा दी।

सुरक्षाकर्मी के साइन किए चेक थमाए लोगों को
एसआरएस ग्रुप की ठगी का शिकार हुए लोगों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन अनिल जिंदल ने लोगों को जो चेक दिए थे, वह एसआरएस बिल्डमार्ट कंपनी के नाम से थे। जिंदल ने इस कंपनी में अपने निजी सुरक्षा कर्मी देवेंद्र अधाना को निदेशक बनाकर उसके साइन किए हुए हजारों चेक लोगों को बांट दिए। जब लोगों ने यह चेक बैंक में डाले तो वह बाउंस हो गए। जनकराज गुप्ता के अनुसार अनिल जिंदल ने पहले बिशन बंसल और नानक तायल को निदेशक बनाकर यह कंपनी रजिस्टर्ड करवाई थी, जोकि एसआरएस ग्रुप की कई और कंपनियों में भी निदेशक हैं। मगर बाद में देवेंद्र अधाना को आगे कर उसके साइन किए हुए चेक लोगों को बांट दिए।

कोट
एसआरएस ग्रुप के खिलाफ शिकायतें आई थीं, जिसकी जांच के बाद ग्रुप के चेयरमैन व निदेशकों के खिलाफ 20 मामले दर्ज किए गए हैं। लंबित शिकायतों की जांच चल रही है। एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन और निदेशकों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
- सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता

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