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फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर तेंदुए की दहशत, बाईक सवार के आगे से कूद कर निकला

Noida Bureau Updated Tue, 13 Mar 2018 11:16 PM IST
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बाइकसवार के आगे से कूदकर निकला तेंदुआ
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- फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर तेंदुए से लोगों में दहशत, वन्य एवं प्राणी विभाग ने सूचना से किया इनकार

- वाहनों की लाइट से घबराकर वापस अरावली के जंगल में भाग गया तेंदुआ
- पहले भी दिखाई दे चुका है यह जंगली जानवर

अमित भाटिया
फरीदाबाद। पिछले दिनों पलवल के एक गांव में तेंदुआ देखे जाने की घटना के बाद अब फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर तेंदुआ नजर आने से लोगों में दहशत है। सोमवार शाम को गुरुग्राम से वापस फरीदाबाद आ रहे कुछ लोगों को तेंदुआ सड़क पर दिखाई दिया तो उनके हाथ पांव फूल गए। लोगों ने अपने वाहनों को ब्रेक लगाए तो तेंदुआ कुछ ही पलों में सड़क पर कूदता हुआ जंगल में ओझल हो गया। उधर, वन्य एवं प्राणी विभाग इस तरह की किसी भी जानकारी या कहीं से सूचना से इंकार कर रहा है।
सेक्टर-31 निवासी दीपक थनेला गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में नौकरी करते हैं। फरीदाबाद से गुरुग्राम वह रोजाना अप-डाउन करते हैं। सोमवार को भी बाकी दिनों की तरह शाम को ऑफिस से छुट्टी होने पर करीब 7.30 बजे अपनी बाइक से वापस फरीदाबाद लौट रहे थे। दीपक ने बताया कि अचानक उनके सामने जंगल से कूदता हुआ एक तेंदुआ आया और सड़क पर खड़ा हो गया। तेंदुआ देखते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने अपनी बाइक के ब्रेक लगा दिए। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब तक कुछ अन्य वाहन चालक भी वहां आ पहुंचे थे, मगर तेंदुए को देख सभी ने अपने वाहन रोक लिए। उधर, वाहनों की लाइट से घबराकर तेंदुआ सड़क से छलांग लगा जंगल की तरफ चला गया। तेंदुए के ओझल होते ही वे भी बिना देर किए वहां से निकल गए। तेंदुए के बाइक के सामने आने से वे अभी भी दहशत में हैं।

वर्ष 2015 में हुआ था सर्वे
हरियाणा विभाग ने अपने स्तर पर 2012 में सर्वे किया था। इसमें कर्मचारियों ने पैदल चल कर पंजों के निशान से जीवों की संख्या का अध्ययन किया था। उस समय अरावली में कुल 8 तेंदुए होने की बात सामने आई थी। इसके अलावा लोमड़ी, लकड़बग्घा और नील गाय आदि जीवों की संख्या में बारे में पता किया था। इसके तीन साल बाद 2015 में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून को अरावली में जीवों की सही स्थिति का पता लगाने का काम सौंपा गया। इंस्टीट्यूट की टीमों ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और मेवात से सटी अरावली की पहाड़ियों में सर्वे किया। इस दौरान मांगर, अनंगपुर, बंधवाड़ी, वजीराबाद, भोंडसी, घोटरा में 12 कैमरे भी लगाए गए। दो साल काम करने के बाद इसकी रिपोर्ट में पिछले साल आई। इस रिपोर्ट के अनुसार कि अरावली में तेंदुओं की संख्या 31 है। वहीं 37 जगहों पर 167 नील गाय, सात स्थानों पर 14 चिंकारा, 75 ग्रे फ्रेंकोलीन देखे गए। नई सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिलों के अंतर्गत आने वाले मांगर, गोठड़ा, बड़खल, घामरोज, भोंडसी, रायसीना, कोटला, कंसाली, नीमतपुर, खोल और पंचोटा में तेंदुए और लकड़बग्गों की काफी संख्या है।

कब-कब नजर आया तेंदुआ
- वर्ष 2014 में फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर सड़क दुर्घटना में एक तेंदुए की मौत हो गई थी।
- कुछ दिन पहले पलवल के गांव दीघोट और अतुआ में तेंदुए के घुस आने से गांव में दहशत फैल गई थी।
- इससे पहले पलवल की कृष्णा कॉलोनी, शिव कॉलोनी में भी तेंदुआ घुस आया था, जिसे बेहोश करके पकड़ा गया।
- पिछले साल मानेसर के मारुति प्लांट में तेंदुआ घुस गया था। 36 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद ही उसे पकड़ा जा सका था।
- पिछले साल सोहना के दमदमा क्षेत्र, डीएलएफ गोल्फ कोर्स और गांव मांगर में भी तेंदुआ देखा गया था।

कोट
अरावली में तेंदुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। वे अक्सर खाने और पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकल आते हैं। सोमवार शाम को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर तेंदुआ देखे जाने की कोई सूचना मेरे पास नहीं आई है। हो सकता है जंगल से भटक कर तेंदुआ सड़क पर आ गया हो और वाहनों की लाइट व तेज आवाज से वापस अंदर चला गया।
- चरण सिंह, जिला वन्य प्राणी अधिकारी

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