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प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा: PUCC नहीं है तो जब्त होगा आपका वाहन, आज पेट्रोल पंप और सड़कों पर होगी जांच

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 04 Oct 2022 01:38 AM IST
सार


मेगा अभियान के तहत मंगलवार को सभी टीमें सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक पेट्रोल पंप और सड़कों सहित जगह जगह तैनात रहेंगी। प्रवर्तन टीमें लगातार गश्त लगाते रहेंगे और इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

ग्रैप लागू होने के बाद मंगलवार को दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ मेगा अभियान चलेगा। पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए परिवहन विभाग की 85 टीमें क्रेन के साथ मुस्तैद रहेंगी। इस दौरान नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के बगैर चलने वाले वाहनों और मियाद पूरी कर चुके वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने हो चुके पेट्रोल वाहन सड़कों पर चलते हुए मिले तो उन्हें जब्त कर स्क्रैप किया जाएगा। वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रवर्तन टीमें दिल्ली के सभी इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं।

मेगा अभियान के तहत मंगलवार को सभी टीमें सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक पेट्रोल पंप और सड़कों सहित जगह जगह तैनात रहेंगी। प्रवर्तन टीमें लगातार गश्त लगाते रहेंगे और इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 

बगैर पीयूसीसी चलने पर रोजाना 250-300 वाहनों पर हो रही है कार्रवाई 
परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त नवलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक पहले बगैर पीयूसीसी चलने वाले 50-60 वाहनों पर कार्रवाई हो रही थी। ग्रैप में लागू होने के बाद संख्या में पांच गुना तक बढ़ोतरी हुई है। बगैर पीयूसीसी चलने वाले वाहनों पर सख्ती आगे भी जारी रहेगी।

वाहनों पर कार्रवाई में लगाए जाएंगे 25 क्रेन
मेगा अभियान के दौरान प्रवर्तन टीम के साथ 25 क्रेन भी लगाए जाएंगे। इससे नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों को जब्त करने में भी देरी नहीं आएगी। नियमों की अनदेखी करने पर पुराने वाहनों को जब्त कर सीधे स्क्रैप करने के लिए भेज दिया जाएगा। इससे सड़कों पर ना तो पुराने वाहनों से प्रदूषण को रोकना आसान होगा। एक दिवसीय मेगा अभियान के दौरान नियंत्रित प्रदूषण के लिए जरूरी दस्तावेज ना रहने या मियाद पूरी कर चुके वाहनों पर परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा। 

सरकारी वाहनों पर भी कसेगा शिकंजा
बगैर प्रदूषण जांच र दस्तावेज के चलने वाले वाले सरकारी वाहनों का स्टीकर लगाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। टीमें ऐसे स्टीकर वाले वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज की जांच करेंगी। कई बार सरकारी वाहनों के स्टीकर लगाकर अनाधिकृत वाहन भी चलते हैं। कार्रवाई के दौरान ना केवल वाहनों के पीयूसीसी की जांच होगी बल्कि अनाधिकृत वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदूषकों पर हर पल रहेगी नजर, प्रदूषण पर होगा प्रहार
प्रदूषकों पर प्रहार कर प्रदूषण सीमित रखने के मकसद से दिल्ली में एडवांस ग्रीन रूम ने काम करना शुरू दिया है। अब प्रदूषकों के स्रोत का रीयल टाइम आंकड़ा मिलेगा। वहीं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने एवं खुले में कचरा चलाने से संबंधित सेटलाइट डेटा का भी विश्लेषण होगा। इससे सही समय पर प्रदूषण को कम रखने की तत्काल कार्य योजना लागू हो सकेगी। ग्रीन रूम में 12 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है। पूरी टीम प्राथमिक प्रदूषकों के स्तर, प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उपायों और ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की निगरानी करेगी। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को ग्रीन वार रूम लॉन्च किया। 

गोपाल राय के मुताबिक, वार रूम में टीम की अगुवाई पर्यावरण विशेषज्ञ बीएमएस रेड्डी करेंगे। वहीं, प्रदूषण से संबंधित कारकों का विश्लेषण वैज्ञानिक डॉ. नंदिता मित्रा करेंगी। गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं। इनके बीच बेहतर तालमेल भी ग्रीन रूम से होगा। ग्रीन दिल्ली ऐप पर जितनी शिकायतें आएंगी, उसे संबंधित 30 विभागों तक पहुंचाने तथा उसकी निगरानी का काम भी विशेषज्ञ करेंगे। 

दूसरी तरफ शीतकालीन कार्ययोजना के तहत दिल्ली सरकार 6 अक्तूबर से धूल के खिलाफ अभियान शुरू कर रही है। इसमें निर्माण स्थलों समेत सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम होंगे। अगर कहीं पर धूल प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया गया तो सरकार ने संबंधित एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दे रखी है।

आम लोग करें ग्रीन एप पर शिकायत, होगी कार्रवाई
प्रदूषण रोकने में आम लोगों को भी भागीदार बनाने के लिए दिल्ली सरकार का ग्रीन दिल्ली ऐप काम कर रहा है। दिल्ली में कहीं भी निर्माण कार्य चल रहा है और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उसकी शिकायत ग्रीन दिल्ली ऐप पर करें। अभी तक इस पर  54,156 शिकायतें आई हैं। इसमें सबसे ज्यादा एमसीडी की 32,573 हैं। इसके बाद पीडब्ल्यूडी की 9,118 व डीडीए की  3333 आई हैं। इनमें से 90 फीसदी का निपटारा किया जा चुका है। गोपाल राय ने आम लोगों से अपील की कि अगर आप आंख कान बनेंगे तो हम लोग आपस में मिलकर प्रदूषण को खत्म कर सकते हैं। 

31 फीसदी दिल्ली का प्रदूषण
गोपाल राय ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में दिल्ली के स्रोतों का योगदान मात्र 31 प्रतिशत है। जबकि एनसीआर के शहरों का योगदान सर्वाधिक है। डीपीसीसी का चार्ट बताता है कि 2012 और 2021 में पीएम 10 की क्या स्थिति है। दिल्ली में आप की सरकार बनने के बाद प्रदूषण में कमी आई है। बीते 10 सालों में पीएम-10 में 40 प्रतिशत की तथा पीएम- 2.5 में 31 प्रतिशत की कमी आई है।
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