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डॉक्टर पति के ठीक एक माह बाद शिक्षिका की भी कोरोना से मौत, परिवार में अब सिर्फ दो बेटे बचे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 10 May 2020 08:56 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम में अनुबंधित महिला शिक्षक की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई है। वह भदोला गांव के निगम प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थी। ठीक एक माह पहले उनके पति और पेशे से बीआईएमएस डॉक्टर की पहले ही कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। अब परिवार में दो बेटे हैं, जिनका कोरोना टेस्ट कराया गया है।



महिला शिक्षक ने 10,17 और 18 अप्रैल को ड्यूटी दी थी। इसके बाद वह ड्यूटी पर नहीं गई। 25 अप्रैल को उन्हें ड्यूटी पर आना था तो उन्होंने कॉल कर तबीयत खराब होने की जानकारी दी। 25 अप्रैल के बाद जब उन्हें ड्यूटी के लिए कॉल किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद परिवार की ओर से जानकारी मिली कि 23 अप्रैल को उल्टियां होने के कारण उन्हें अंबेडकर अस्पताल में ले जाया गया। 24 अप्रैल को हालत गंभीर होने पर उन्हें जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक मई को अस्पताल से घर आ गईं, लेकिन दो मई को फिर से तबीयत खराब होने पर उन्हें आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार मई को उनका कोरोना टेस्ट किया और उसी दिन उनकी मृत्यु हो गई। पांच मई को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। उनके पति को तीन मई को आरएमएल में भर्ती कराया गया था और तीन मई को मौत हो गई थी। दंपती का एक बेटा 11वीं और दूसरा स्नातक अंतिम वर्ष में पड़ रहा है।


इस संबंध में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कोरोना से होने वाली नगर निगम के शिक्षकों की मौत पर परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में सूखा भोजन और भीड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण बढ़ गया है। इसलिए भोजन वितरण का कार्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को सौंपा जाए। पुलिस व सिविल डिफेंस के कर्मचारी भी भोजन वितरण के समय सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मौजूद हों।

शिक्षक संघ के महासचिव रामचंद्र डबास ने कहा कि महीनों से उत्तरी दिल्ली निगम के पेंशनरों और शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। कई वर्षों से उनके भत्ते भी लंबित हैं, जिनका अविलंब भुगतान किया जाए। गौरतलब है कि निगम में यह कोरोना के कारण दूसरी मौत है। इससे पहले दक्षिणी दिल्ली में सफाई कर्मचारी की कोरोना से मौत हो चुकी है।
 

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