दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए महज 8 फीसदी वेंटिलेटर बेड खाली

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Nov 2020 08:29 PM IST
विज्ञापन
वेंटिलेटर
वेंटिलेटर - फोटो : amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
दिल्ली में सरकार कई दिनों से आईसीयू और वेंटिलेटर बेड की संख्या को बढ़ा रही है, लेकिन अधिकतर अस्पतालों कोविड के मरीजों के लिए एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं है। इसका बड़ा कारण यह है कि अस्पतालों में लगातार गंभीर मरीज भर्ती हो रहे हैं। राजधानी में एक सप्ताह में 210 आईसीयू बेड बढ़ाने के बावजूद अभी भी 87 फीसदी आईसीयू और 92 फीसदी वेंटिलेटर बेड भरे हुए हैं।
विज्ञापन

दिल्ली कोरोना एप के मुताबिक, कोविड रोगियों के लिए फिलहाल 2623 आईसीयू बेड हैं। इनमें से 2205 पर मरीज भर्ती है, और 418 खाली है। वहीं, कुल 1396 वेंटिलेट बेड में से 122 ही खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकरी का कहना है कि बेड बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन उतनी ही संख्या में गंभीर मरीज भर्ती भी हो रहे हैं।
इनके एक बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मरीजों की भी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन बड़े कोविड अस्पतालों में बेड बढ़ाए जा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में  663 आईसीयू बेड बढ़ा दिए जाएंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार से भी 750 बेड मिलने का आश्वासन मिला है।
राजीव गांधी सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर बीएल शेरवाल का कहना है कि दो सप्ताह से अस्पताल मे गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें अधिकतर मरीज ऐसे हैं, जो पहले से ही अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं, और अस्पताल में गंभीर हालात होने पर पहुंचे हैं। डॉक्टर का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से दैनिक मामलों में कमी आई है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही संक्रमितों की संख्या में कमी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X