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Amanatullah Khan: आप विधायक की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, दिल्ली वक्फ बोर्ड के कामकाज में गबन का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 27 Sep 2022 10:22 PM IST
सार

अदालत ने खान के करीबी कौशर इमाम सिद्दकी उर्फ लड्डन को दो दिनों की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की हिरासत में भेज दिया है। एसीबी ने लड्डन पर अमानतुल्लाह खान का फंड मैनेजर बताया और कहा कि उससे पूछताछ कर पैसे के आने-जाने का स्त्रोत का पता करना है।

आप विधायक अमानतुल्लाह खान
आप विधायक अमानतुल्लाह खान - फोटो : amar ujala
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विस्तार

अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के कामकाज में कथित वित्तीय हेराफेरी व अन्य अनियमितताओं के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। फैसला कल आने की संभावना है।



वहीं अदालत ने खान के करीबी कौशर इमाम सिद्दकी उर्फ लड्डन को दो दिनों की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की हिरासत में भेज दिया है। एसीबी ने लड्डन पर अमानतुल्लाह खान का फंड मैनेजर बताया और कहा कि उससे पूछताछ कर पैसे के आने-जाने का स्त्रोत का पता करना है। इसलिए उससे पूछताछ के लिए हिरासत में सौंपा जाए।


राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विकास ढुल के समक्ष इससे पहले खान की ओर से पेश वकील राहुल मेहरा व हसन इकबाल ने एसीबी के सभी आरोपों का खंडन किया और कहा कि वे सिर्फ आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इसको साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा सभी नियुक्तियां कानून के अनुसार की गई हैं। ऐसे में जमानत स्वीकार की जाए।

अदालत ने 26 सितंबर को खान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। खान को 16 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 21 सितंबर को अदालत ने खान की हिरासत में पूछताछ को पांच दिन के लिए बढ़ा दिया था।

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 16 सितंबर को खान के परिसरों पर छापेमारी करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। प्राथमिकी के अनुसार खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए उन्होंने सभी मानदंडों और सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करके 32 लोगों को अवैध रूप से वक्फ बोर्ड में भर्ती किया था। दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन सीईओ ने स्पष्ट रूप से एक बयान दिया था और इस तरह की अवैध भर्ती के खिलाफ एक ज्ञापन जारी किया था।

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